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एशियाड में पहले पांच में आना है लक्ष्य

१२ नवम्बर २०१०

कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार सफलता से उत्साहित भारतीय एथलीट एशियाई खेलों में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए बेताब हैं. एशियाड में चीन और दक्षिण कोरिया के एथलीटों से मिलेगी कड़ी टक्कर. पहले पांच में आना लक्ष्य.

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तस्वीर: AP

भारतीय टीम के मिशन प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने बताया, "2006 में दोहा एशियाई खेलों में भारत आठवें नंबर पर आया और भारत को 10 स्वर्ण पदक मिले थे. इस बार भारत गोल्ड मेडलों की संख्या दोगुनी करना चाहता है और पहले पांच देशों में जगह बनाना चाहता है. कॉमनवेल्थ गेम्स में मिली सफलता से भारतीय एथलीटों के आत्मविश्वास को मजबूती मिली है." एशियन गेम्स शुक्रवार से चीन के ग्वांगजो में शुरू हो रहे हैं.

दोहा में चार साल पहले भारत को 10 स्वर्ण, 17 रजत और 26 कांस्य पदक मिले थे. अक्तूबर में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत दूसरे स्थान पर रहा और उसने 38 स्वर्ण पदक, 27 रजत पदक और 36 कांस्य पदक जीते.

Flash-Galerie Indien Commonwealth Games Delhi 2010
तस्वीर: AP

भारत ने पदक तालिका में इंग्लैंड को भी पीछे छोड़ दिया. चौटाला उम्मीद कर रहे हैं कि एशियाई खेलों के पहले ही दिन भारत गोल्ड में अपना खाता खोल सकता है. 10 मीटर एयर राइफल में गगन नारंग एक बार फिर अपना करिश्मा दोहरा सकते हैं.

नजरें तो गोल्डफिंगर कहे जाने वाले समरेश जंग और ओलंपिक में स्वर्ण जीतने वाले अभिनव बिंद्रा के प्रदर्शन पर भी टिकी रहेंगी. भारतीय निशानेबाजों ने कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया है. बिलियर्ड्स में भी भारत दो गोल्ड मेडल की उम्मीद कर रहा है.

चीन के ग्वांगजो एशियाड खेलों में भारत 600 खिलाड़ियों के दल के साथ आया है. आखिरी बार पहले पांच देशों में भारत 1986 सियोल खेलों में आया था और तब उसने पांच गोल्ड मेडल जीते थे. इसमें से चार गोल्ड मेडल तो उड़नपरी पीटी ऊषा के नाम रहे. उसके बाद से भारत का प्रदर्शन ऐसा ही रहा और वह आठवें स्थान से ऊपर नहीं चढ़ पाया. इस बार भारत 42 स्पर्धाओं में से 35 में हिस्सा ले रहा है.

Saina Nehwal Badminton
तस्वीर: AP

जो खिलाड़ी खास तौर पर आकर्षण का केंद्र रहेंगे उनमें बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल, टेनिस स्टार सानिया मिर्जा और सोमदेव देववर्मन, बॉक्सर विजेंद्र सिंह शामिल हैं. पहलवान सुशील कुमार एशियाड में हिस्सा नहीं ले पाएंगे.

कॉमनवेल्थ खेलों में हॉकी फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से बुरी तरह हारने वाली हॉकी टीम उसे भूलकर नए सिरे से स्वर्ण पदक की तैयारी कर रही है. शतरंज में कोनेरू हंपी भारतीय दल में शामिल नहीं हैं. वह दोहा में स्वर्ण पदक विजेता थीं. अब जिम्मेदारी कृ़ष्णन शशिकरण और तान्या सचदेव पर है.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: उज्ज्वल भट्टाचार्य