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जेडीयू ने बीजेपी की मांग को बचकाना बताया

२७ अक्टूबर २०१०

जनता दल यूनाइटेड ने अपनी सहयोगी पार्टी बीजेपी की बात को काटते हुए कहा है कि कश्मीर के हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी और लेखिका अरुंधती रॉय के खिलाफ कार्रवाई की मांग बचकाना है.

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जेडीयू नेता नीतीश कुमारतस्वीर: UNI

बीजेपी और जेडीयू काफी साल से एक साथ हैं और बिहार में गठबंधन सरकार भी चला रहे हैं. इसके बावजूद बीजेपी जिस मुद्दे को अहम मान रही है और केंद्र सरकार पर हमले के लिए हथियार बना रही है, उसके खिलाफ जेडीयू का इस तरह का बयान राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर रहा है.

जेडीयू के पार्टी प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने कहा कि अरुंधती और गिलानी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग राई को पहाड़ बनाने जैसा है. उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि बीजेपी के सांसद राम जेठमलानी अगर वार्ताकार दिलीप पडगांवकर के समर्थन में आगे आए हैं तो उन्होंने कुछ गलत नहीं किया.

यह भी बीजेपी को काटने वाली बात है क्योंकि दिलीप पडगांवकर ने कहा था कि कश्मीर मुद्दे को पाकिस्तान के बिना हल नहीं किया जा सकता. इस बात का बीजेपी ने कड़ा विरोध किया था. पार्टी ने दिलीप पडगांवकर पर कश्मीर समस्या के अंतरराष्ट्रीयकरण का आरोप लगाया.

बीजेपी इन मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर थोड़ा बहुत दबाव बनाने में कामयाब हुई थी लेकिन उसके सहयोगी दलों का इस तरह का रवैया उसके दबाव की हवा निकाल सकता है. जेडीयू ने तो इस मुद्दे की हवा निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. तिवारी ने बीजेपी का नाम लिए बगैर कहा कि एनडीए के शासनकाल में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कश्मीर मुद्दे पर एक कमेटी बनाई थी जिसके अध्यक्ष जेठमलानी थे और दिलीप पडगांवकर उसके सदस्य थे.

दोनों दल बिहार विधानसभा चुनाव साथ लड़ रहे हैं लेकिन कई मुद्दों पर उनके मतभेद उभरते रहते हैं. कई बार गठबंधन टूटने तक बात पहुंच चुकी है. जेडीयू की तरफ से आने वाले ऐसे बयान तो अफवाहों को और हवा देंगे.

रिपोर्टः एजेंसियां/वी कुमार

संपादनः ए कुमार

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