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"बलात्कार पीड़ितों का अपमान बंद करे भारत"

३० दिसम्बर २०१२

भारत में बलात्कार पीड़ित की मेडिकल जांच के घटिया तरीके की मानवाधिकार संगठन ने आलोचना की है. ह्यूमन राइट्स वॉच ने भारत सरकार से कहा है कि बलात्कार पीड़ित के साथ जांच के नाम पर होने वाली 'अभ्रदता' पर पाबंदी लगे.

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तस्वीर: Reuters

ह्मूमन राइट्स वॉच ने भारत में बलात्कार पीड़ित पर किए जाने वाले 'फिंगर टेस्ट' की कड़ी निंदा की है. बलात्कार के बाद भारत में डॉक्टर 'फिंगर टेस्ट' के तहत डॉक्टर अंगुली डाल कर इस बाच की जांच करते हैं कि लड़की 'यौन संबंध बनाने की आदी' है या नहीं.

ह्मूमन राइट्स वॉच के मुताबिक भारतीय डॉक्टरों का यह तरीका वैज्ञानिक नहीं है. संगठन का दावा है कि कई शोधों के बाद यह बात साफ हो चुकी है कि फिंगर टेस्ट जैसी जांच 'अवैज्ञानिक' है. इस तरह की जांच से पीड़ित महिला की शिकायत भी कमजोर पड़ती है.

संस्था के न्यूयॉर्क मुख्यालय से जारी बयान में कहा गया है, "मेडिकल जांच के दौरान कई डॉक्टर अवैज्ञानिक और मामले को कमजोर करने वाले नतीजे दर्ज करते हैं." भारत सरकार से अपील करते हुए ह्मूमन राइट्स वॉच ने कहा, "यौन हमले के बाद बचे लोगों पर होने वाला फिंगर टेस्ट खारिज किया जाए."

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बलात्कार के मामलों पर भारतीय पुलिस के रुख की भी आलोचना की गई है. बलात्कार पीड़ितों को "अकसर पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने में भी मुश्किल होती है. और कई बार उन्हें एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ता है, सिर्फ मेडिकल जांच के लिए. अकसर ऐसे मामले सामने आते हैं, जब पीड़ित को पुलिस स्टेशन और अस्पताल में अपमान सहना पड़ता है."

ओएसजे/एजेए (एएफपी)