1. कंटेंट पर जाएं
  2. मेन्यू पर जाएं
  3. डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें

बिना पायलट वाली फ्लाइट में उड़ान भरेंगे

ओंकार सिंह जनौटी
७ अगस्त २०१७

फ्लाइट का टिकट बहुत ही सस्ता मिले. लेकिन विमान में कोई पायलट न हो, उसे कंप्यूटर उड़ाए, तो क्या आप उसमें सवार होंगे? एयरलाइन उद्योग इस सवाल से जूझ रहा है.

https://p.dw.com/p/2hpJd
Lufthansa Flugzeug
तस्वीर: picture-alliance/Arco Images G

अगर हवाई जहाज पायलटों के बिना उड़ाए जाएं तो दुनिया भर की एयरलाइन कंपनियां हर साल 35 अरब डॉलर बचा सकेंगी. इसका सीधा फायदा यात्रियों को होगा. टिकटें बेहद सस्ती हो जाएंगी. असल में विमान को कंप्यूटर उड़ाएंगे. उन्हें रिमोट कंट्रोल से नियंत्रित किया जाएगा. इनवेस्टमेंट बैंक यूबीएस की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 तक मालवाहक विमान बिना पायलट के उड़ान भरने लगेंगे. लेकिन यात्री विमानों की पायलटरहित उड़ान और भी बाद में शुरू होगी.

यूबीएस के मुताबिक फिलहाल दुनिया भर की एयरलाइन कंपनियां पायलटों पर 31 अरब डॉलर खर्च करती हैं. तीन अरब डॉलर पायलटों की ट्रेनिंग पर खर्च होते हैं. एक अरब डॉलर की बचत तेल के मामले में भी होगी. इसके अलावा एयरलाइन कंपनियों को सबसे ज्यादा पैसा विमान खरीदने पर खर्च करना पड़ता है. पालयटों पर होने वाला खर्च काटकर काफी पैसा बचाया जा सकता है.

लेकिन तमाम हिसाब किताब के बावजूद पायलटों के बिना यात्री विमान उड़ाना अब भी कारोबार के लिहाज से ठीक नहीं है. यूबीएस ने 8,000 से ज्यादा लोगों के बीच एक सर्वे भी किया. इस सर्वे में शामिल ज्यादातर लोगों ने कहा कि टिकट सस्ता होने के बावजूद भी वह बिना पायलट वाली फ्लाइट में सवार नहीं होंगे. सिर्फ 17 फीसदी लोगों ने कहा कि वह ऐसी फ्लाइट ले सकते हैं.

उद्योग इस बात के लिए तैयार है कि पायलटरहित उड़ान शुरू की जाए, लेकिन यात्रियों को मनाने में अभी लंबा वक्त लगेगा. एविएशन इकोनोमिस्ट और पूर्व पायलट क्रिस टैरी कहते हैं, "यह भविष्य की तरफ जाने वाला एक लंबा रास्ता है. वह एयरलाइन बहुत ही निडर होगी जो विमान से पायलटों को हटा दे. यात्रियों की पहली चिंता सुरक्षा संबंधी होती है."

अभी ही बहुत ज्यादा लैंडिंग कंप्यूटर के जरिये हो रही है. टैरी कहते हैं, "हीथ्रो एयरपोर्ट पर ज्यादातर लैंडिंग्स ऑटो लैंड पर हो रही है. लेकिन ऑपरेशन ड्रोन में यात्रियों को बैठाना और फिर उन्हें सुरक्षित तरीके से पहुंचाना यह काफी मुश्किल है."

हाल के सालों में ड्रोन तकनीक बहुत ज्यादा बेहतर हुई है. यही वजह है कि अब ज्यादातर विमान निर्माता कंपनियां पूरी तरह ऑटोमैटिक विमान की टेस्टिंग कर रही हैं. दो हफ्ते पहले ही दिग्गज विमान निर्माता कंपनी एयरबस ने सागिटा नाम के जेट इंजन के परीक्षण की जानकारी दी. सागिटा बिना पायलट वाला विमान है. परीक्षण सफल रहा. टेस्ट के बाद कंपनी ने अपने बयान में कहा, "बिना इंसान वाला जेट पूरी तरह खुद उड़ा और उसने पहले से तैयार प्रोग्राम का पालन किया."

जून 2017 में पेरिस एयरशो के दौरान अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने भी पायलटरहित विमानों के टेस्टिंग की बात कही. बोइंग ने भी कहा कि अभी जो फैसले पायलट लेते हैं, भविष्य में मशीनी बुद्धि वही काम करेगी.

(किस देश में कितने एयरपोर्ट)