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भारत में पोलियो का सफाया नजदीक

२३ जनवरी २०११

पोलियो के खिलाफ लड़ाई में भारत को खासी कामयाबी मिल रही है. देश भर में 2010 के दौरान पोलियो के सिर्फ 42 मामले सामने आए जबकि 2009 में इनकी संख्या 741 थी. सरकार ने कहा पोलियो मुक्त भारत का लक्ष्य पाया जा सकता है.

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दो बूंद जिंदगी कीतस्वीर: picture-alliance/dpa

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने बताया कि देश में पोलियो उन्मूलन की कोशिशें शुरू होने के बाद से पिछले छह महीनों के दौरान इस बीमारी के सबसे कम मामले देखने में आए हैं. उन्होंने कहा, "2010 में पोलियो के कुल 42 मामले पाए गए जबकि 2009 में 741 लोगों में यह बीमारी पाई गई." आजाद ने बताया कि पोलियो से प्रभावित जिलों की संख्या भी तेजी से घटी है. 2009 में पोलियो ग्रस्त जिलों की संख्या 56 थी जो पिछले साल सिर्फ 17 रह गई है. वहीं 2008 में 90 जिलों में पोलियो का प्रकोप था.

उत्तर प्रदेश में पिछले साल पोलियो के सिर्फ 10 मामले सामने आए जबकि एक साल पहले इनकी संख्या 602 थी. खासकर अप्रैल 2010 के बाद से देश के सबसे घनी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में कोई व्यक्ति पोलिया का पीड़ित नहीं मिला. आजाद ने बताया कि रविवार से शुरू होने वाले देश व्यापी अभियान में पांच साल के कम उम्र के 17.4 करोड़ बच्चों को पोलिया की दवा पिलाई जाएगी. मार्च से नवंबर के बीच उन क्षेत्रों में छह अभियान और चलाए जाएंगे जहां पोलिया का सबसे ज्यादा खतरा है. आजाद के मुताबिक, "इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान और गुजरात शामिल हैं."

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पोलिया के मामलों में गिरावट को देखते हुए पोलियो मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि देश के किसी भी हिस्से में पोलिया का वायरस दिखने पर उससे निपटने के लिए खास कार्यबल का गठन किया जा रहा है ताकि आगे उसका प्रसार न हो सके. राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में सात बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिला कर 2011 के पोलियो उन्मूलन अभियान की शुरुआत की.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः एस गौड़

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