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वीडियो गेम्स की दुनिया के शिखर पर मारियो

५ अक्टूबर २०१०

भले ही आजकल बच्चों के पास खेलने के लिए ऑनलाइन गेम और प्ले स्टेशन जैसे ढेर सारे विकल्प हों, पर एक जमाना था जब वीडियो गेम का मतलब सिर्फ टेट्रिस या मारियो हुआ करता था. एक पूरी पीढ़ी मारियो को खेलते खेलते बड़ी हुई है.

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तस्वीर: AP

करीब तीस साल पहले एक प्लंबर ने वीडियो गेम खेलने का तरीका ही बदल दिया. जहां वीडियो गेम का मतलब केवल एक स्क्रीन पर बॉल से ईंटें तोड़ना या ईंटों की दीवार बनाना था वहीं मारियो अपने साथ पहली बार एक कहानी ले कर आया. नीली शर्ट, लाल पैंट और सिर पर लाल टोपी.

बड़ी सी मूंछों वाला छोटा सा मारियो भागता, कूदता और कभी कभी तो उड़ता भी था. कभी सिक्के लेकर अमीर हो जाता तो कभी मशरूम खा कर आकार में तिगुना हो जाता. उछलते कूदते अंत में जा कर यह छोटा सा मारियो एक बड़े से गोरिल्ला से भिड़ जाता और यह सब झमेला अपनी राजकुमारी को गोरिल्ला के चंगुल से छुडाने के लिए.

इस तरह का गेम अपने आप में एक बहुत बड़ी बात थी. खेलने वालों को भी यह खूब पसंद आया क्योंकि इसमें पहली बार वे खुद किरदार को निभा रहे थे. उस वक्त के सबसे लोकप्रिय गेम पैकमैन के मुकाबले यह बहुत ही अलग था. जहां पैकमैन में बस एक ही स्क्रीन दिखा करती थी जिसमें एक बड़ा गोला छोटे गोलों को खाया करता, मारियो और भी ढेर सारी चीजें कर सकता था. वो एक छोटा सा कार्टून हीरो था जिसका पूरा कंट्रोल खेलने वाले के हाथ में था.

Flash-Galerie Nintendo Super Mario Videospiel
तस्वीर: AP

ऐसे बना मारियो

मारियो के लाल और नीले कपड़ों का राज यह है कि उस समय की तकनीक में बहुत सारे रंगों का प्रयोग नहीं किया जा सकता था. लाल और नीले सबसे सामान्य रंग होते हैं, इसलिए इन्हें ही लिया गया. लेकिन लोगों को यह रंग इतने पसंद आए, कि तीस सालों में भी इन्हें बदला नहीं गया, हालांकि इन्हें उलट जरूर दिया गया है. अब मारिओ लाल शर्ट और नीली पैंट पहनता है.

साथ ही उसकी टोपी का भी यही राज है कि अगर उसे यह टोपी नहीं पहनाई होती तो उसे कोई हेयर स्टाइल देना पड़ता और जब वो उड़ता तो उसके बालों को भी लहराना पड़ता. इस सबसे बचने के लिए उसे बिलकुल साधारण बनाया गया. टोपी के साथ साथ उसे दे दी गई बड़ी बड़ी मूंछें. इस से उसके चहरे के हाव भाव भी छुप गए.

मारियो सबसे पहले 1981 में 'डौंकी कौंग' नाम के गेम में देखा गया. दो साल बाद मारियो के साथ उसका भाई लुइगी भी दिखाई देने लगा. तब से इस गेम का नाम 'मारियो ब्रदर्स' पड़ गया. फिर पंद्रह साल बाद 1996 में और भी बदलाव किए गए और इसका 3डी अवतार दिखाई दिया. पहले पोर्टेबल वीडियो गेम्स में भी मारियो सबसे ज्यादा लोकप्रिय रहा.

मारियो की लोक्रियता बरकरार रखने के लिए इसे बनाने वाली जापानी कंपनी निनटेन्डो ने प्लंबर मारिओ को कभी डॉक्टर मारियो बनाया तो कभी खिलाड़ी. मारियो को अब तक टेनिस, गोल्फ, बेसबॉल और फुटबॉल खेलते हुए देखा जा चुका है.

रिपोर्ट: ईशा भाटिया

संपादन एस गौड़