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जर्मन जांच एजेंसी पर नव नाजियों को बचाने का आरोप

१२ फ़रवरी २०१२

जर्मन जांच एजेंसी बीकेए पर आरोप है कि उसने नव नाजी मामले के सबूत मिटाए हैं. जर्मनी के साप्ताहिक अखबार 'बिल्ड अम जॉनटाग' में छपी खबर के अनुसार बीकेए ने एक आरोपी के मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण जानकारी डिलीट कर दी.

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तस्वीर: picture-alliance/dpa

नवंबर 2011 से जर्मनी में 'नेशनल सोशलिस्ट अंडरग्राउंड' नाम के उग्र दक्षिणपंथी समूह के खिलाफ जांच चल रही है. इस समूह ने नौ विदेशियों समेत एक पुलिसकर्मी की हत्या की. ये कत्ल 2000 से 2007 के बीच किए गए. ये विदेशी तुर्की और ग्रीस के रहने वाले थे. इसके आलावा इस समूह ने कई बैंकों में डाका भी डाला और जर्मनी के कोलोन शहर में बम धमाके भी किए.

अखबार के अनुसार इसी समूह के आंद्रे नाम के व्यक्ति के फोन से अहम सबूत मिटाए गए हैं. इस व्यक्ति को पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया गया था. अखबार में छपी खबर के अनुसार यह जानकारी पुलिस विभाग और जांच एजेंसी के बीच लिखी गई ई-मेल पर आधारित है. रक्षा मामलों के एक जानकार ने अखबार से बातचीत में कहा, "इसे देख कर ऐसा लगता है कि बीकेए सबूत मिटाने में लगी है." पुलिस विभाग के जानकारों का भी मानना है कि ऐसा मुमकिन है कि बीकेए सबूतों को छिपाना चाहती है ताकि नव नाजी मामला दबाया जा सके.

जांच एजेंसी की सफाई

हालांकि बीकेए ने इन खबरों का खंडन किया है. बीकेए के अध्यक्ष योएर्ग त्सीएर्के ने इन्हें बेतुका बताते हुए कहा, "बीकेए ना तो नव नाजियों को बचा रहा है और ना ही उग्र दक्षिणपंथियों की सूचना रखने वालों को." त्सीएर्के ने इस बात की पुष्टि की कि आरोपी के मोबाइल से सूचना डिलीट की गई है. पर साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी के पास पूरी सूचना की एक कॉपी मौजूद है और यह एक साधारण प्रक्रिया है. त्सीएर्के ने बताया कि अदालत में पेश किए जाने के लिए सबूतों को सुरक्षित रखा गया है. उन्होंने कहा, "बीकेए ने न ही सबूतों को मिटाया है, न ही उनके साथ कोई छेड़ छाड़ की है और न ही उन्हें बदला है."

Zwickauer Terrorzelle NPD-Funktionär Carsten S.
तस्वीर: Reuters

इस से पहले आई खबरों के अनुसार बीकेए के प्रवक्ता ने कहा था कि सबूतों को इसलिए हटा लिया गया है ताकि जांच से जुड़ी सभी एजेंसियों तक यह न फैल जाएं. रिपोर्टों के अनुसार इन्हें दिसंबर में ही मिटा देने के आदेश दे दिए गए थे. आम तौर पर जांच एजेंसी किसी भी मामले के बंद होने तक सभी सबूतों को संभाल कर रखती है. लेकिन इस मामले में सबूतों का हटाया जाना राजनैतिक मोड़ भी ले सकता है. जर्मनी की वामपंथी पार्टी की नेता पेट्रा पाउ ने कहा है, "इससे किसी गड़बड़ की बू आ रही है."

गृह मंत्रालय ने इस पर बीकेए से पूरी जानकारी की मांग की है. जर्मन संसद बुंडेसटाग के अंतरिम मामलों की समिति के अध्यक्ष वोल्फगांग बोसबाख ने इस बारे में कहा, "यह एक संजीदा मामला है जिसे जल्द से जल्द सुलझाना होगा." बोसबाख ने कहा कि इस बात का साफ होना जरूरी है कि इस मामले में कुछ छिपाने की कोशिश नहीं की जा रही है.

रिपोर्ट: रॉयटर्स, डीपीए/ईशा भाटिया

संपादन: ओ सिंह

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