1. कंटेंट पर जाएं
  2. मेन्यू पर जाएं
  3. डीडब्ल्यू की अन्य साइट देखें

जर्मनी नें उग्र दक्षिणपंथ के हिंसक संकेत

१३ नवम्बर २०११

जर्मन पुलिस को एक पिस्टल मिली है जिससे 9 विदेशियों का कत्ल की बात पता चली है. संदिग्ध नव नाजी के घर से मिली पिस्टल ने देश में हिंसक चरमपंथियों के उभरने की आशंकाओं को बल दिया है. क्या धुर दक्षिणपंथी फिर जड़ जमा रहे हैं?

https://p.dw.com/p/139uZ
तस्वीर: picture-alliance / dpa

पूर्वी जर्मनी के त्सविकाउ शहर में मलबा बन चुके एक मकान से यह सेस्का पिस्टल बरामद हुई. इस मकान के किराए के एक फ्लैट में 36 साल की एक महिला रहती थी जिसने खुद को पुलिस के हवाले करने से पहले मकान को धमाके में उड़ा दिया. बैलिस्टिक एक्सपर्ट बता रहे हैं कि इस पिस्टल का इस्तेमाल 9 विदेशी लोगों की हत्या में किया गया. पुलिस अभी तक इन हत्याओं की गुत्थी नहीं सुलझा पाई है. इनमें से आठ लोग तुर्क मूल के और एक ग्रीक था. इन लोगों की हत्या जर्मनी के कबाब रेस्तराओं में 2000 से 2006 के बीच हुई. जर्मन पुलिस ने इस सिलसिले में एक संदिग्ध को भी गिरफ्तार किया जिसकी उम्र 37 साल बताई जा रही है. होल्गर जी नाम के इस शख्स से पुलिस पूछताछ कर रही है.

Neonazis demonstrieren
तस्वीर: AP

संघीय अभियोजन विभाग के अधिकारी इन हत्याओं की जांच कर रहे हैं. ऐसी खबरें हैं कि धुर दक्षिणपंथियों के एक आतंकी नेटवर्क ने इन हत्याओं की साजिश रची. देश में आतंकी घटनाओं की जांच यही एजेंसी करती है. पुलिस को एक संदिग्ध की तलाश है जिसकी पहचान बीटे जेड के रूप में हुई है. पूर्वी जेना इलाके में 4 नवंबर को हुई एक लूट में भी इस संदिग्ध का हाथ होने की बात कही जा रही है.

इस लूट में शामिल दो संदिग्ध जो बीटे जेड के करीबी बताए जा रहे हैं घटना के कुछ ही दिनों बाद एक कारवैन में मरे हुए पाए गए. जांच अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों ने खुदकुशी कर ली. पुलिस को कारवैन के अंदर एक महिला पुलिस कर्मी की पिस्टल भी मिली. इस महिला पुलिसकर्मी की 2007 में गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. अब तक इस हत्या की गुत्थी नहीं सुलझी है.

NPD-Aufmarsch in Halberstadt
तस्वीर: AP

संदिग्ध नव नाजीवाद के किस्से शनिवार को जर्मनी के सभी प्रमुख अखबारों की सुर्खियों में हैं. बर्लिन के टागेसश्पीगल ने लिखा है, "एकीकरण के बाद पहली बार जर्मनी बड़े पैमाने पर दक्षिणपंथी चरमपंथ से जूझ रहा है." जर्मनी की प्रमुख विपक्षी पार्टी सोशल डेमोक्रैट्स के संसदीय गुट के प्रमुख ने अखबार डी वेल्ट से कहा है, "यह मामला दिखाता है कि अभी भी धुर दक्षिणपंथी चरमपंथी जर्मनी में हिंसा करने के लिए तैयार बैठे हैं."

अखबार के मुताबिक पुलिस चरमपंथी पृष्ठभूमि वाले दूसरे अनसुलझे मामलों की इन घटनाओं से कड़ियां मिला रही है. साल 2000 में ड्यूसेलडॉर्फ ट्रेन स्टेशन पर एक बम हमला हुआ था जिसमें पूर्व सोवियत संघ के कई यहूदी जख्मी हो गए थे. इसी तरह 2004 में कोलोन के नजदीक एक तुर्क बस्ती में बम धमाका हुआ था.

वामपंथी अखबार टागेसत्साइटुंग ने लिखा है, "पर्यवेक्षक पहले से ही एक संभावित ब्राउन आर्मी गुट के बारे में बात कर रहे हैं जो मुमकिन है कि गुप्त रूप से काम कर रहा हो." इससे पहले एक वामपंथी रेड आर्मी गुट था जिसने 1970 से 1990 के बीच 30 लोगों की हत्या की लेकिन अब यह बिखर चुका है. 

Springerstiefel
तस्वीर: AP

इसी तरह अखबार जुडडॉयच त्साइटुंग ने जर्मनी के जीडीपी पुलिस यूनियन के प्रमुख बर्नहार्ड विट्टाउट के हवाले से लिखा है, "अगर इन खबरों की पुष्टि हो जाता ही तो इसका मतलब होगा कि जर्मनी में पहली बार कोई छोटा कट्टर दक्षिणपंथी गुट जर्मनी में खून की धारा बहा रहा है."

मीडिया के एक हिस्से ने यह सवाल भी उठाया है कि आखिर कैसे बीटे जेड और दो दूसरे संदिग्ध 13 साल तक फरार रहे. 1998 में देसी बमों की एक फैक्ट्री का पता चला था जो किराए के एक मकान की गराज में चल रहा थी. इसी महिला ने उसे किराए पर लिया था. कुछ लोगों की यह भी दलील है कि शायद खुफिया एजेंसियां नव नाजी अभियानों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए इनका इस्तेमाल मुखबिरों के रूप में कर रही हैं.

जर्मनी के न्याय मंत्री साबिने लायथायजर श्नारेनबेर्गर ने इन घटनाओं को राजनीतिक रंग न देने की चेतावनी दी है. रविवार को डी वेल्ट में छपे एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है, "अब हमें जांच के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है. इन संदिग्धों के बारे में पता चला है कि वे कट्टर दक्षिणपंथी नेटवर्क का हिस्सा हैं जो खतरा बन रहे हैं."

एक अखबार ने अनाम सुरक्षा सूत्रों के हवाले से यह भी कहा है कि फिलहाल इस बात के कोई संकेत नहीं हैं कि कोई "संगठित आतंकवादी गुट है."

रिपोर्टः एएफपी/एन रंजन

संपादनः वी कुमार

इस विषय पर और जानकारी को स्किप करें

इस विषय पर और जानकारी