अमेरिकी फैसले से फिर महंगा होगा तेल

अमेरिका ने ईरान से तेल खरीदने की कुछ देशों को अब तक मिल रही छूट को खत्म करने का फैसला लिया है. छूट पाने वाले देशों में भारत भी शामिल है, अमेरिकी फैसले से दुनिया भर में तेल महंगा होने की आशंका है.

अमेरिका ने कहा है कि ईरान पर लगे प्रतिबंधों में चीन और भारत जैसे देशों को मिल रही छूट को अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. यह फैसला ट्रंप प्रशासन की "अत्यधिक दबाव नीति" के तहत लिया गया है, जिसका मकसद ईरान की तेल निर्यात से होने वाली कमाई को रोकना है. अमेरिका कहता रहा है कि ईरान अपनी तेल की कमाई का इस्तेमाल मध्य पूर्व और बाहरी इलाकों में अस्थिरता फैलाने के लिए करता है. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा है कि छूट की समय सीमा 2 मई को समाप्त हो रही है, जिसके बाद किसी भी तरह की छूट नहीं दी जाएगी. पोम्पियो ने कहा, "मकसद साफ है, ईरान को ऐसे पैसे से दूर रखना जिसका इस्तेमाल वह दशकों से मध्य पूर्व में अस्थिरता लाने के लिए करता रहा है."

इन देशों को मिली ईरान से तेल खरीदने की छूट

कौन से देश

चीन, भारत, दक्षिण कोरिया, जापान, इटली, ग्रीस, ताइवान, तुर्की. इन आठ देशों को ईरान अपने कुल निर्यात का 75 फीसदी हिस्सा बेचता रहा है. अमेरिकी प्रतिबंधों का इस व्यापार पर सीधा असर भी पड़ता, जिसके चलते अब इन देशों को छह महीनों तक ईरान के साथ कारोबार करने की छूट मिल गई.

इन देशों को मिली ईरान से तेल खरीदने की छूट

कितनी छूट

अमेरिका की ओर से अब तक यह साफ नहीं किया गया है कि आखिर कितने तेल आयात की छूट दी गई है. विश्लेषकों का अनुमान है कि छूट के तहत अब आयातक देश 17 लाख बैरल प्रति दिन (बीपीडी) कच्चा तेल खरीद सकेंगे, जो प्रतिबंधों के पहले 30 लाख बीपीडी थी.

इन देशों को मिली ईरान से तेल खरीदने की छूट

चीन

चीन, ईरान के कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार देश है. सूत्रों के मुताबिक चीन 180 दिन की छूट वाली समय सीमा में 3.60 लाख बीपीडी तेल खरीद सकेगा. चीन की अधिकतम रिफाइनरी सरकारी क्षेत्रों में हैं, जो लंबे वक्त से इन प्रतिबंधों के खिलाफ लॉबिंग कर रहीं थीं.

इन देशों को मिली ईरान से तेल खरीदने की छूट

भारत

भारत, ईरान के तेल का तीसरा सबसे बड़ा खरीदार है. भारत की रिफाइनिंग इंडस्ट्री से जुड़ें सूत्रों के मुताबिक भारत 3 लाख बीपीडी तेल आयात कर सकेगा, सामान्य स्थिति में ये आयात 4.50 लाख से 5.50 लाख बीपीडी का रहा है.

इन देशों को मिली ईरान से तेल खरीदने की छूट

दक्षिण कोरिया

ईरान से निर्यात किए जाने वाले कच्चे तेल का खरीदार अमेरिका का करीबी दक्षिण कोरिया भी है. देश में ईरान से आने वाले तेल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल पेट्रोकैमिकल में होता है. खबरों के मुताबिक इसे 1.30 लाख बीपीडी तेल खरीदने की छूट मिली है.

इन देशों को मिली ईरान से तेल खरीदने की छूट

जापान

अमेरिका के करीबी देश जापान को रियायत तो मिली है, लेकिन यह कितना तेल आयात कर सकेगा इसका कोई आंकड़ा अब तक सामने नहीं आया है. जापान के कारोबारी मंत्री ने अपने बयान में ईरान के साथ तेल कारोबार को जल्द बहाल करने की बात कही थी.

इन देशों को मिली ईरान से तेल खरीदने की छूट

ताइवान

ताइवान ईरानी तेल को कभी-कभार खरीदता है, वहीं छूट को लेकर अब तक ताइवान की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है.

इन देशों को मिली ईरान से तेल खरीदने की छूट

तु्र्की और इटली

पिछले दो सालों में तुर्की और इटली ने ईरान से करीब दो लाख बीपीडी कच्चे तेल का आयात किया. पिछले हफ्तों में इटली ने आयात को पूरी तरह बंद कर दिया था जिसे अब दोबारा शुरू करने की तैयारी चल रही है. तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोवान पहले ही कह चुके हैं कि वे किसी तरह के प्रतिबंधों में नहीं बंधे हैं.

इन देशों को मिली ईरान से तेल खरीदने की छूट

ग्रीस

पिछले दो सालों के दौरान ग्रीस ने ईरान से तकरीबन एक लाख बीपीडी तेल आयात किया था. अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद इटली की तरह ग्रीस ने भी अपना कारोबार ईरान के साथ बंद कर दिया था लेकिन अब छूट मिलने के बाद इसे दोबारा शुरू किया जाएगा.

साल 2015 के ऐतिहासिक परमाणु समझौते से बाहर निकलने के बाद अमेरिका ने नवंबर में ईरान से तेल आयात पर दोबारा प्रतिबंध लगा दिया था. हालांकि ईरान से तेल खरीदने वाले आठ प्रमुख देशों को इस प्रतिबंध में छूट देते हुए उन्हें छह महीने तक ईरान से तेल आयात जारी रखने की अनुमति मिली थी. इन देशों में चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, तुर्की, इटली और ग्रीस शामिल थे.

दुनिया पर असर

ईरान ने अमेरिका के इस फैसले को गैरकानूनी बताया है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान अपने यूरोपीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ बातचीत और परामर्श कर रहा है, जिसके बाद ही कोई जरूरी फैसला लिया जाएगा. वहीं सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्री खालिद-अल-फलीह ने कहा है कि उनका देश अन्य तेल उत्पादकों के साथ मिलकर काम करेगा, ताकि दुनिया में तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.

अमेरिकी फैसले से दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं. ईरान के मुद्दे पर अमेरिका से असहमति के बावजूद भारत-अमेरिका के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध हैं, लेकिन अमेरिका का यह फैसला चीन और तुर्की के साथ उसकी तल्खी बढ़ा सकता है. वहीं ग्रीस, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान पहले ही ईरान के साथ तेल कारोबार को न्यूनतम स्तर पर ला चुके हैं.

कितना बड़ा कारोबार

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन को इन प्रतिबंधों के बीच 3.60 लाख बैरल प्रति दिन तेल खरीदने की छूट मिली थी. जिसे अब बंद कर दिया जाएगा. वहीं भारत, ईरान के तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार रहा है. साल 2018-19 में भारत ने करीब 2.4 करोड़ टन कच्चा तेल आयात किया जिसमें से 90 लाख टन तेल ईरान से आया था.

दुनिया में तेल की खपत करने वाले चौथे सबसे बड़े देश जापान ने कहा है कि पिछले लंबे वक्त से वह ईरान के तेल पर अपनी निर्भरता घटा रहा है. जापान अपने कुल आयात का महज तीन फीसदी हिस्सा ही ईरान से खरीद रहा था. आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से मार्च के दौरान जापान ने ईरान से करीब 1.53 करोड़ बैरल तेल खरीदा था.

तेल का खेल ऐसे बिगाड़ सकता है ईरान

अहम रास्ता

समंदर के रास्ते होने वाली दुनिया की एक तिहाई तेल आपूर्ति होरमुज जलडमरूमध्य से होती है. यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच पड़ता है. यह संकरा समुद्री रास्ता मध्य पूर्व के तेल उत्पादकों को प्रशांत एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और दुनिया के बाकी हिस्सों से जोड़ता है.

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होरमुज का भूगोल

सबसे संकरे बिंदु पर होरमुज की चौड़ाई 21 नॉटिकल मील है. लेकिन दोनों दिशाओं में शिपिंग लेन सिर्फ दो मील चौड़ी है. इसके पश्चिमी तट पर ईरान है तो दक्षिणी तट पर संयुक्त अरब अमीरात और ओमान का एक बाहरी इलाका है.

तेल का खेल ऐसे बिगाड़ सकता है ईरान

ईरान की धमकी

ईरान के रिवोल्युशनरी गार्ड्स ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका के कहने पर दुनिया भर के देशों ने ईरान से तेल खरीदना बंद किया तो वह होरमुज के रास्ते होने वाले तेल की आपूर्ति को रोक देगा. इससे दुनिया के एक बड़े हिस्से की तेल आपूर्ति बाधित हो जाएगी.

तेल का खेल ऐसे बिगाड़ सकता है ईरान

होरमुज की अहमियत

अमेरिका के ऊर्जा सूचना प्रशासन का अनुमान है कि 2016 में प्रतिदिन होरमुज से होकर 1.85 करोड़ बैरल तेल गुजरा, जो पूरे साल में समंदर के रास्ते होने वाली आपूर्ति का कुल 30 प्रतिशत है. 2015 के मुकाबले 2016 में इस रास्ते होने वाली तेल आपूर्ति में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई.

तेल का खेल ऐसे बिगाड़ सकता है ईरान

इनका तेल गुजरता है

सऊदी अरब, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और इराक से होने वाले तेल निर्यात का ज्यादातर हिस्सा होरमुज से होकर ही जाता है. इसके अलावा कतर से दुनिया को होने वाली तरल प्राकृतिक गैस की लगभग सारी आपूर्ति इसी रास्ते से होती है.

तेल का खेल ऐसे बिगाड़ सकता है ईरान

टैंकर युद्ध

ईरान और इराक के बीच 1980 से लेकर 1988 तक चले युद्ध के दौरान तेल को भी हथियार बनाया गया. दोनों पक्षों ने एक दूसरे के तेल निर्यात को बाधित करने की कोशिश की थी. इसे टैंकर युद्ध के नाम से जाना जाता है.

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सुरक्षा की जिम्मेदारी

बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना की फिफ्थ फ्लीट को जिम्मेदार दी गई है कि वह यहां से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा करे. वैसे यूएई और सऊदी अरब होरमुज जलडमरूमध्य का विकल्प खोजना चाहते हैं.

तेल का खेल ऐसे बिगाड़ सकता है ईरान

हादसे और हमले

इस इलाके में कई हादसे भी हुए हैं. जुलाई 1988 में एक अमेरिकी युद्धपोत ने 290 लोगों को लेकर जा रहे एक ईरानी विमान को मार गिराया था. अमेरिका ने बाद में कहा कि क्रू ने विमान को लड़ाकू विमान समझ लिया था.

Flash-Galerie Japan Tanker Atom-U-Boot rammt japanischen Öltanker (AP)

तेल का खेल ऐसे बिगाड़ सकता है ईरान

जापानी टैंकर पर हमला

जुलाई 2010 में जापान के एक तेल टैंकर एम स्टार पर होरमुज जलडमरूमध्य में हमला किया गया था. अल कायदा से जुड़े एक चरमपंथी गुट अब्दुल्ला आजम ब्रिगेड ने इस हमले की जिम्मेदारी ली.

तेल का खेल ऐसे बिगाड़ सकता है ईरान

टैंकर पर गोलियां

मई 2015 में ईरानी सुरक्षा बलों ने सिंगापुर के झंडे वाले एक टैंकर पर गोलियां दागीं. ईरान का कहना है कि था कि इस टैंकर ने ईरान के एक तेल प्लेटफॉर्म को नुकसान पहुंचाया था. बाद में उसके कंटेनर को जब्त कर लिया गया.

तेल का खेल ऐसे बिगाड़ सकता है ईरान

ईरान का पलटवार

3 जुलाई 2018 को ईरानी राष्ट्रपति हसन रोहानी ने कहा कि ईरान से होने वाले तेल निर्यात को शून्य के स्तर पर लाने की अमेरिका की मांगों के जबाव में उनका देश होरमुज से होने वाली तेल की आपूर्ति को बाधित कर सकता है.

तेल का खेल ऐसे बिगाड़ सकता है ईरान

पहली बार धमकी

इसके अगले दिन ईरानी रिवोल्युशनरी गार्ड्स के कमांडर ने बयान दिया कि अगर उसके तेल कारोबार को ठप किया गया तो होरमुज से किसी का भी तेल नहीं गुजरने दिया जाएगा. होरमुज पर ऐसी धमकी ईरान ने पहली बार दी है.

एए/एमजे (एएफपी, रॉयटर्स)

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