इतिहास में आजः 13 सितंबर

बीते हुए दिनों, सालों और सदियों में कुछ दुखद और कुछ खुश कर देने वाली घटनाएं घटी हैं, लेकिन आज का दिन खास है. आज है दिन मुंह मीठा करने का, चॉकलेट से.

आज के दिन बस भूल जाइए कि ज्यादा मीठा खाकर आपके या आपके अपनों के दांत या सेहत खराब हो जाएगी. आज अंतरराष्ट्रीय चॉकलेट दिवस है. चॉकलेट बनता है कोको से जो थेओब्रोमा कोको नाम के पेड़ का बीज होता है.

माना जाता है कि इसका पहली बार इस्तेमाल 1100 ईसा पूर्व में हुआ. दक्षिण अमेरिकी में रहने वाले ऐजटेक सभ्यता के लोग इससे शोकोलाट्ल नाम का द्रव बनाते थे. इस शब्द का मतलब है कड़वा पानी और इसमें खमीर उठने पर ही इसका स्वाद निकलता है.

आधुनिक काल में बीजों पर खमीर उठने के बाद इन्हें सुखाया जाता है और साफ किया जाता है. फिर बीज के बाहरी परत को हटाकर इससे चॉकलेट बनाई जाती है. आजकल हम इसमें चीनी, दूध और मलाई मिलाते हैं. मिल्क चॉकलेट में मिल्क पाउडर या कंडेंस्ड मिल्क होता है और सफेद चॉकलेट केवल नाम के लिए चॉकलेट है. इसमें कोको की मलाई होती है, चीन और दूध होता है, वजन बढ़ाने की बढ़िया तरकीब.

मन ललचाती चॉकलेट

सब के लिए कुछ मीठा

क्या बच्चे और क्या बड़े, सभी चॉकलेट के दीवाने होते हैं. हर आकार स्वाद में चॉकलेट बाजार में मिलती हैं. ईस्टर का त्यौहार आने वाला है और बाजार में खरगोश और अंडों के आकार की चॉकलेट खूब बिक रही है.

मन ललचाती चॉकलेट

फलों के साथ

यूरोप में चॉकलेट खूब खाई जाती है. यह शरीर को गर्मी देती है. फलों को गरम चॉकलेट में डुबा कर खाने का भी यहां काफी चलन है.

मन ललचाती चॉकलेट

तीखी चॉकलेट

ऐसा न सोचें की मिर्ची और अंजीर वाली यह चॉकलेट जरा सी ही तीखी होगी. जीभ पर पड़ने के साथ ही मिर्ची का तीखापन पता चल जाता है.

मन ललचाती चॉकलेट

चॉकलेट के कपड़े

चॉकलेट के विज्ञापन के लिए मॉडल्स की बिकनी को चॉकलेट से सजाया जा रहा है और गले का हार भी कत्थई मोतियों का नहीं चॉकलेट का है. जब तक नहीं पिघले. पहनी तो जा ही सकती है.

मन ललचाती चॉकलेट

सब कुछ चॉकलेट का

क्या दीवारें, क्या गुंबद और क्या दरवाजे, यहां सब चॉकलेट का है. और इतना बड़ा कि उसमें से लोग भी गुजर सकें. बच्चों के लिए यह सपनों के महल जैसा है.

मन ललचाती चॉकलेट

कड़वी चॉकलेट

चॉकलेट कोको से बनी होती है. कोको गहरे रंग का और कड़वा होता है. कम दूध और चीनी वाली चॉकलेट डार्क चॉकलेट कहलाती है. आम तौर चॉकलेट में ढेर सारी चीनी और दूध मिलाया जाता है.

मन ललचाती चॉकलेट

पसंदीदा चॉकलेट

चॉकलेटों के बाजार में सबसे ज्यादा मिल्क चॉकलेट पसंद की जाती है. इसके बाद डार्क चॉकलेट का नंबर आता है. उसके बाद लोग नट्स वाली चॉकलेट पसंद करते हैं. फिर आती हैं फलों वाली चॉकलेट.

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व्हाइट और डार्क

व्हाइट चॉकलेट में कोको पाउडर का इस्तेमाल ही नहीं होता. दरअसल यह केवल कोको बटर होता है जिसमें चीनी मिला दी जाती है. कोको का सबसे बड़ा निर्यातक अफ्रीकी देश आइवरी कोस्ट है.

मन ललचाती चॉकलेट

खाएं या सजाएं?

अलग अलग तरह से सांचे में डालकर कभी सांता क्लॉज तो कभी खिलाड़ियों के आकार की चॉकलेट्स बनाई जाती हैं. इन खूबसूरत चॉकलेटों को देख कर समझ ही नहीं आता कि इन्हें खाएं या सजाएं.

मन ललचाती चॉकलेट

10 किलो खा गए

आयरलैंड में सालाना प्रति व्यक्ति 11.9 किलो चॉकलेट खाई जाती है. दूसरे नंबर पर 10.8 किलो के साथ स्विट्जरलैंड है. इसके बाद ब्रिटेन, बेल्जियम और नॉर्वे का नंबर आता हैं.

मन ललचाती चॉकलेट

सबसे मशहूर

दुनिया भर में बेल्जियम की चॉकलेट मशहूर है. ये काफी महंगी भी होती हैं. एक किलो की कीमत 4,500 रुपये तक.

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