इतिहास में आजः 8 दिसंबर

आज के दिन 1980 में न्यूयॉर्क में बीटल्स बैंड के मुख्य गायक जॉन लेनन की हत्या कर दी गई थी. हत्यारे ने उन पर चार गोलियां दागी, लेनन की ऊर्जा भरी आवाज अब भी गूंजती है.

आठ दिसंबर 1980 को जॉन लेनन की हत्या कर दी गई थी. न्यूयॉर्क में लेनन को मार्क डेविड चैपमैन नाम के शख्स ने गोली मारी. डेविड चैपमैन जॉन लेनन के घर पहुंचा. उसने खुद को लेनन का प्रशंसक बताया और ऑटोग्राफ मांगा. हर बार की तरह इस बार भी प्रशंसक की मांग को लेनन ठुकरा नहीं पाए. उन्होंने मुस्कुराते हुए ऑटोग्राफ दिया और चैपमैन के कंधे पर हाथ रखा. लेनन की जिंदगी के ये कुछ आखिरी लम्हे थे. हंसी और हल्की फुल्की बातचीत के बाद ऑटोग्राफ लेने वाले 25 साल के युवक ने लेनन पर लगातार चार गोलियां दाग दीं.

लेनन का परिवार और हजारों प्रशंसक एक दिन बाद उनका जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहे थे. लेकिन माहौल में मातम पसर गया. अस्पताल पहुंचने से पहले ही 40 साल के जॉन लेनन दुनिया से विदा हो गए. लेकिन उनके पोस्टर और गाने आज भी युवाओं की पंसद बने हुए हैं.

संगीत सुनते समय प्रेरणा देने वाले हार्मोन 'डोपामीन' और खुशी के हार्मोन 'एंड्रोफीन' का स्राव होता है. शोध के मुताबिक किसी संगीत को गाते हुए सुनना एक खास तरह का एहसास पैदा करता है. इससे लोगों को सुरक्षा का एहसास होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता भी बढ़ती है.

कई शोधों के परिणाम दिखाते हैं कि समूहगान सुनने के बाद मरीज अक्सर बेहतर महसूस करते हैं. संगीत से तनाव से छुटकारे में भी मदद मिलती है.

रिसर्चरों ने एक बुजर्गों की टीम पर शोध किया और पाया कि वे जो थोड़ा बहुत गाते रहते हैं, उन्हें डॉक्टर के पास भी औरों के मुकाबले कम जाना पड़ता है.

जर्मनी में हुई एक रिसर्च के मुताबिक संगीत का फायदा उन लोगों को भी होता है जिनके हाथ को लकवा मार चुका है. पियानो बजाने से मरीजों की उगलियों की अच्छी कसरत होती है.

मरीज में संगीत के लिए रुचि और प्रेरणा बने रहने पर वह लकवे के असर को कम कर सकता है. इसके अलावा संगीत के साथ गीत के बोल का भी सकारात्मक असर पड़ता है.

संगीत दिमागी उलझनों को दूर करने में असरदार साबित होता है. वे जो यादाश्त खो बैठते हैं, वे अक्सर समाज से दूर हो जाते हैं. ऐसे में संगीत उन्हें राहत पहुंचा सकता है.

सैक्सोफोन जैसे यंत्र बजाने से श्वास तंत्र संबंधी मासपेशियां मजबूत होती हैं. इससे अस्थमा के मरीजों को फायदा हो सकता है.

आठ दिसंबर 1980 को जॉन लेनन की हत्या कर दी गई थी. न्यूयॉर्क में लेनन को मार्क डेविड चैपमैन नाम के शख्स ने गोली मारी. डेविड चैपमैन जॉन लेनन के घर पहुंचा. उसने खुद को लेनन का प्रशंसक बताया और ऑटोग्राफ मांगा. हर बार की तरह इस बार भी प्रशंसक की मांग को लेनन ठुकरा नहीं पाए. उन्होंने मुस्कुराते हुए ऑटोग्राफ दिया और चैपमैन के कंधे पर हाथ रखा. लेनन की जिंदगी के ये कुछ आखिरी लम्हे थे. हंसी और हल्की फुल्की बातचीत के बाद ऑटोग्राफ लेने वाले 25 साल के युवक ने लेनन पर लगातार चार गोलियां दाग दीं.