ईमेल के जरिए पेड़ों से बातचीत

ऑस्ट्रेलिया के शहर मेलबॉर्न में इन दिनों पेड़ लोगों के साथ ईमेल के जरिए बातें कर रहे हैं. इनमें से कई पेड़ अपनी आखिरी सांस ले रहे हैं.

लोगों का ध्यान पेड़ों की समस्या की ओर खींचने के लिए मेलबर्न में अधिकारियों ने एक अनोखा प्लान बनाया. इंटरएक्टिव नक्शे के जरिए लोग शहर के हर 77 हजार पेड़ों पर नजर रख सकते हैं. उन्हें उस पेड़ से कोई शिकायत हो, तो ईमेल कर उसे बता भी सकते हैं. ईमेल का यह सिलसिला जब शुरू हुआ तो अधिकारी देख कर हैरान रह गए कि लोग पेड़ों को कितने प्रेम भरे संदेश भेज रहे हैं. एक व्यक्ति ने लिखा, "प्यारे पेड़, तुम इतने विशालकाय, गोल और खूबसूरत हो कि मुझे लगता है कि तुम मेरे सबसे पसंदीदा पेड़ हो. तुम एक अच्छा काम कर रहे हो, यूं ही लगे रहो." एक अन्य व्यक्ति ने लिखा, "मैं जब भी मेलबॉर्न आता हूं, तुम्हारे पास से गुजरता हूं. तुम शानदार हो. और मुझे यह सोच कर बहुत दुख होता है कि तुम मुझसे पहले गुजर जाओगे. लव यू."

जलवायु परिवर्तन का असर ऑस्ट्रेलिया में साफ साफ देखा जा सकता है. तापमान सामान्य से ज्यादा बढ़ने लगे हैं और इसका खामियाजा पेड़ों को उठाना पड़ रहा है. यही वजह है कि इस दशक के अंत तक कई पेड़ मर चुके होंगे. हालांकि नगर पालिका ने जब पेड़ों के ईमेल वाला प्रोजेक्ट शुरू किया तो उसके पीछे मकसद था लोगों को पेड़ों से होने वाली दिक्कतों से छुटकारा दिलवाना. मिसाल के तौर पर अगर किसी पेड़ की तनें बहुत नीचे तक लटक रही हैं और किसी के रास्ते में बाधा बन रही हैं, तो वह व्यक्ति उस पेड़ को ईमेल कर बता सकता है. ईमेल नगरपालिका तक पहुंचती है और अधिकारी पेड़ की ओर से ईमेल का जवाब देते हैं और जरूरी कदम उठाते हैं. इसी तरह अगर किसी को लगे कि उसके मोहल्ले में पेड़ों को सही रूप से पानी नहीं दिया जा रहा है, तो वह ईमेल के जरिए शिकायत दर्ज करा सकता है.

लेकिन यह सिलसिला कहीं और ही निकल पड़ा. लोग ईमेल कर बताने लगे कि उनका मनपसंद पेड़ कौन सा है और उन्हें किस पेड़ से कितना लगाव है. अब इसके जरिए सरकार जागरूकता फैला रही है कि इस दशक के अंत तक मेलबॉर्न में एक चौथाई पेड़ मर चुके होंगे. 2030 तक यह संख्या चालीस फीसदी हो जाएगी. इसी के मद्देनजर हर साल तीन हजार नए पेड़ लगाने की योजना है. सरकार को उम्मीद है कि इससे बढ़ते तापमान को भी रोका जा सकेगा.

आईबी/एमजे (रॉयटर्स)


दुनिया के जादुई पेड़

सबसे बड़ा

जनरल शेरमन ट्री धरती का सबसे बड़ा जीवित पेड़ माना जाता है. यह कैलिफोर्निया के सिकवॉये नेशनल पार्क में है. 84 मीटर ऊंचे तने के साथ यह सबसे ऊंचा तो नहीं लेकिन तने की मोटाई के हिसाब से ये औसतन पांच मीटर मोटा है. इसकी उम्र 1900 से 2500 साल के बीच है.

दुनिया के जादुई पेड़

मेक्सिको का मोटा

सरू का पेड़ एल आरबोल डेल टुले सिर्फ 42 मीटर ऊंचा है लेकिन इसका तना रिकॉर्ड व्यास वाला है. यह 14 मीटर से भी ऊंचा है. कहा जाता है कि 1400 साल पहले इसे एक पुरोहित ने इसका बीज बोया था. वैज्ञानिकों के मुताबिक इसका वजन करीब 636 टन हो सकता है.

दुनिया के जादुई पेड़

सबसे पुराना नहीं

कैलिफोर्निया में मिथुसेलम वैसे तो व्हाइट माउंटेंस पर 3,000 मीटर ऊंचाई पर खड़ा है. लंबे समय तक इसे दुनिया का सबसे पुराना पेड़ माना जाता रहा. इसकी उम्र 4779 साल के करीब है. लेकिन 2012 से पता चला है कि यहां से बिलकुल पास में मिथुसेलम का और पुराना पेड़ मिला है.

दुनिया के जादुई पेड़

हिमयुग से

ओल्ड जिक्को स्वीडन में है. यह फर का पेड़ करीब 9,550 पुराना है और यह सबसे पुराना ऐसा पेड़ है जिसकी जड़ अलग है. इसका तना कई सौ साल पुराना है. इस जड़ से कई सौ तने बढ़े हैं और ये जड़ हिमयुग से चली आ रही है, जो 10,000 साल पुरानी है.

दुनिया के जादुई पेड़

अंजीर

कंबोडिया में अंजीर के पेड़ बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं. क्योंकि पक्षी इसके फल खाते हैं और फिर ये पेड़ों की टहनियों में गिर जाते हैं. यहीं से नया अंजीर का पेड़ बढ़ता है. पुराना पेड़ मर जाता है. इसी प्रक्रिया से पेड़ में खाली जगहें तैयार होती हैं.

दुनिया के जादुई पेड़

पानी और धरती के बीच

मैनग्रोव के पेड़ समंदर किनारे उगते हैं. इसकी जडें नमकीन पानी से होकर मिट्टी में धंस जाती हैं. इससे तटों का टूटना कम होता है और यहां कई जीवों को पनाह मिलती है जिसमें सरीसृप, पक्षी, मछलियां, केंकड़े, काई और स्तनपायी जानवर हैं.

दुनिया के जादुई पेड़

हवा के साथ साथ

लाल फलों वाला जूनिपर पेड़ बढ़ता है. कैनरी द्वीप एल हिएरो पर बहुत तेज हवा चलती है तो पेड़ भी हवा की दिशा में झुक जाता है. यहां के साबिनार जंगल में सालों पुराने जूनिपर पेड़ हैं.

दुनिया के जादुई पेड़

चढ़ाई एक्सपर्ट

पहाड़ों पर मिलने वाले चीड़ के लिए कोई चढ़ाई खड़ी नहीं होती और कोई दीवार चिकनी नहीं. ये हर कहीं अपनी जड़ें जमा सकता है. हवा, बर्फ या बारिश इस पर कोई असर नहीं डालती. इससे बना फर्नीचर भी बढ़िया होता है.

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खिड़की के लिए

पेड़ सा मजबूत, बड़ा या विशाल ऐसा कोई गुण इसमें नहीं है. चीनी भाषा में बोनसाई का मतलब होता है प्लेट का पेड़. पेड़ को छोटा रखने की कला है बोनसाई. यहां तस्वीर में जापानी चिनार बोनसाई.

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