उत्तर कोरिया ने कहा, अमेरिका से 'युद्ध होना तय है'

उत्तर कोरिया ने कहा है कि कोरियाई प्रायद्वीप में युद्ध होना तय है, बस देखने वाली बात यह है युद्ध कब और कैसे छिड़ेगा. साथ ही उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साझा सैन्य अभ्यास की निंदा की है.

उत्तर कोरिया और अमेरिका की सेनाओं ने अब तक का सबसे बड़ा सैन्य सैन्य अभ्यास किया है. इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर कोरिया ने कहा कि युद्ध को टालना अब संभव नहीं है. यह बात उत्तर कोरिया के एक अनाम अधिकारी के हवाले से सामने आयी है जिसने कहा कि सीआईए के निदेशक माइक पोम्पोए समेत आला अमेरिकी अधिकारियों के "युद्धोन्मादी बयानों" से अमेरिका के युद्ध को लेकर इरादों की पुष्टि होती है.

पोम्पोए ने रविवार कहा था कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को पता ही नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मोर्चे पर उनकी स्थिति कितनी कमजोर है. उत्तर कोरियाई प्रवक्ता ने पोम्पोए पर आरोप लगाते हुए कहा कि "हमारा सुप्रीम नेतृत्व हमारे लोगों का दिल है और वह (पोम्पोए) इसकी बेतुकी आलोचना कर" उत्तर कोरिया को भड़का रहे हैं.

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आईसीबीएम दूसरी बार

उत्तर कोरिया के सरकारी टीवी पर प्रसारित एक बयान में कहा गया कि उत्तर कोरिया ने एक नयी तरह की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का परीक्षण किया है जिसका नाम ह्वासोंग-15 है. उत्तर कोरिया का दावा है कि वह अमेरिका के किसी भी हिस्से में मार कर सकता है.

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बड़ी कामयाबी

इस साल जुलाई में उत्तर कोरिया ने पहली बार अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल यानी आईसीबीएम का परीक्षण किया. अमेरिका ने भी इसकी पुष्टि की. आईसीबीएम का परीक्षण उत्तर कोरिया के लिए बड़ी कामयाबी है. इसका एक मतलब ये भी है कि इलाके में अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ उत्तर कोरिया का तनाव बढ़ेगा खासतौर से जापान और दक्षिण कोरिया के साथ.

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आईसीबीएम का दम

रक्षा मामलों के जानकार कह रहे हैं कि उत्तर कोरिया ने जिस आइसीबीएम का परीक्षण किया है वो अलास्का और हवाई द्वीप तक जा सकता है. हालांकि ये सवाल अब भी है कि क्या उत्तर कोरिया परमाणु ताकत से लैस आईसीबीएम को तैनात कर सकता है. उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने यह जरूर कहा है कि जिस आईसीबीएम का परीक्षण किया गया वह "भारी और विशाल परमाणु हथियार" ले जाने में सक्षम है.

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उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण

आईसीबीएम को उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम की दिशा में बढ़ा एक और कदम कहा जा रहा है. पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण के साथ ही उत्तर कोरिया ने पांच बार परमाणु परीक्षण किये हैं. 2016 में ही दो बार परमाणु परीक्षण हुआ. उत्तर कोरिया का दावा है कि आखिरी बार जिसका परीक्षण हुआ उसे रॉकेट से जोड़ा जा सकता है.

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सेना की ताकत

तकरीबन सात लाख लोगों के सक्रिय दल के अतिरिक्त इसके पास 45 लाख लोगों की रिजर्व फोर्स भी है. इसके अलावा शासन कभी भी इसकी एक तिहाई आबादी को सेना में सेवाएं देने के लिये बुला सकती है. देश के हर पुरूष के लिए किसी न किसी तरह का सैन्य प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है और उन्हें किसी भी वक्त बुलाया जा सकता है.

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हथियारों का भंडार

साल 2016 के ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स के मुताबिक उत्तर कोरिया के पास शस्त्रों की कोई कमी नहीं है. इसके भंडार में 76 पनडुब्बी, 458 फाइटर एयरक्राफ्ट और 5025 लड़ाकू विमान और 50 लाख से अधिक सेना अधिकारी हैं. साल 2013 की इस तस्वीर में कोरियाई नेता किम जोंग उन रणनीतिक बलों को अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ तैयार रहने के आदेश देते हुये नजर आ रहे हैं.

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शक्तिप्रदर्शन में नहीं पीछे

हर साल राजधानी प्योंगयांग में होने वाली सैन्य परेड में सैकड़ों-हजारों की संख्या में सैनिक और आम नागरिक हिस्सा लेते हैं. इस परेड या अन्य किसी ऐसी रैली की तैयारी महीनों पहले शुरू कर दी जाती है. आमतौर पर ये परेड किम जोंग उन के परिवार या पार्टी के किसी सदस्य की सालगिरह के मौके पर होती है.

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नहीं किसी की परवाह

अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दवाब और विरोध के बावजूद प्योंगयांग ने कभी परमाणु हथियारों को लेकर अपनी मंशाओं और महत्वाकांक्षाओं को नहीं छुपाया. बैलेस्टिक मिसाइल परीक्षण के अलावा उत्तर कोरिया ने पांच बार परमाणु परीक्षण भी किया है. इनमें से दो परीक्षण 2016 में किये. उत्तर कोरिया का दावा है कि उसने जिस आखिरी मिसाइल का परीक्षण किया है उसे रॉकेट के जरिये भी दागा जा सकता है.

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दुश्मन बना जमाना

अमेरिका और उत्तर कोरिया की शत्रुता किसी से नहीं छिपी. लेकिन पड़ोस में भी इसके शत्रु कुछ कम नहीं. प्योंगयांग अपने पड़ोसी दक्षिण कोरिया और जापान को भी अपना बड़ा दुश्मन मानता है. उत्तर कोरियाई शासन इस क्षेत्र में अमेरिका के सैन्य अभ्यास को उसके खिलाफ एक साजिश बताता है. इसका दावा है कि अमेरिका, उत्तर कोरिया को निशाना बनाना चाहता है.

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धीरज खोता अमेरिका

अमेरिका ने भी अपने कार्ल विल्सन विमान वाहक पोत को कोरियाई प्रायद्वीप में भेज कर संदेश दे दिया है कि वह उत्तर कोरिया के प्रति सावधानी बरत रहा है. जवाब में उत्तर कोरिया ने कहा कि वह अमेरिका के किसी भी तरह के हमले का जवाब देने को तैयार है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक उत्तर कोरिया अगले दो सालों में अमेरिका पर हमला करने की हालत में हो सकता है. एए/आरपी

प्रवक्ता ने कहा, "अब सवाल यह बचता है कि युद्ध शुरू कब होगा. हम लड़ाई नहीं चाहते हैं लेकिन इससे भागेंगे भी नहीं. अगर अमेरिका ने हमारे धैर्य का गलत अनुमान लगाया और परमाणु युद्ध शुरू किया तो निश्चित रूप से हम अपने उस शक्तिशाली परमाणु बल से अमेरिका को नाको चने चबा देंगे जिसे हमने लगातार मजबूत बनाया है."

इससे पहले, हवाई युद्ध अभ्यास के दौरान अमेरिका ने अपने बी-बी1 सुपरसोनिक बमवर्षक विमान को दक्षिण कोरिया के ऊपर से उड़ाया. दक्षिण कोरिया की सेना ने अपने एक बयान में कहा, "युद्ध अभ्यास के जरिए दक्षिण कोरियाई और अमेरिकी वायु सेनाओं ने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और क्षमता दिखाया है कि वह परमाणु या मिसाइल हमला होने की स्थिति में उत्तर कोरिया को सबक दिखाने में सक्षम है."

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वो देश जिनके यहां उत्तर कोरिया में दूतावास हैं

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इन देशों में है उत्तर कोरिया के दूतावास.

पिछले हफ्ते व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एचआर मैकमास्टर ने कहा कि उत्तर कोरिया के साथ युद्ध की संभावना "दिन प्रति दिन बढ़ती" जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच हाल के महीनों में अक्सर तू-तू मैं-मैं होती रहती हैं और दोनों तरफ से एक दूसरे के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है.

उधर उत्तर कोरिया के लगने वाले चीन के एक प्रांत में एक अखबार ने खास टिप्स प्रकाशित की हैं कि उसके पाठक युद्ध होने की स्थिति में खुद को कैसे सुरक्षित करें.

एके/एनआर (एपी, रॉयटर्स)