कसाब को सजा निष्पक्ष न्याय का नतीजाः अमेरिका

अमेरिका ने मुंबई के आतंकवादी हमलों के दोषी आमिर अजमल कसाब को मिली मौत की सजा को बिलकुल सही बताते हुए कहा कि यह एक निष्पक्ष न्याय का नतीजा है. अमेरिका का कहना है कि भारत में न्याय प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष है.

अमेरिका के पब्लिक अफेयर मामलों के उप राज्यमंत्री पीजे क्राउले ने कहा, "यह भारत की न्याय प्रक्रिया का एक हिस्सा था. निश्चित तौर पर हमने भारत को प्रोत्साहित किया है. हमने मुंबई हमलों की जांच में भारत की मदद की है. लेकिन यह एक भारतीय कानूनी प्रक्रिया थी और इसमें पारदर्शिता साफ दिखती है."

रोजाना की प्रेस ब्रीफिंग में जब उनसे सवाल पूछा गया तो क्राउले ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ हमें भारत से लगातार सहयोग मिल रहा है और यह जारी रहेगा.

तीन दिन चला मुंबई हमला

26/11 के आतंकवादी हमले में एकमात्र जिन्दा पकड़ा गया आतंकवादी आमिर अजमल कसाब पाकिस्तान का नागरिक है. मुंबई की एक विशेष अदालत ने उसे छह मई को जनसंहार और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसे कई मामलों में दोषी पाया और उसे मौत की सजा सुनाई गई है.

नवंबर, 2008 में मुंबई पर हुए आतंकवादी हमले में 166 लोगों की मौत हो गई थी. भारत का दावा है कि हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई. 10 हमलावरों ने भारत में उत्पात मचाया था, जिनमें से नौ मुठभेड़ में मारे गए.

कसाब को फांसी दिए जाने से पहले उसका मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में आएगा. हालांकि इस मामले में अभी लंबी कानूनी प्रक्रिया बाकी है. कसाब ऊपर की अदालतों में सजा के खिलाफ अपील कर सकता है. अगर सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी मौत की सजा बरकरार रखी, तो कसाब राष्ट्रपति के पास क्षमा याचना कर सकता है.

रिपोर्टः पीटीआई/ए जमाल

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