कैसे कंट्रोल होता है एयर ट्रैफिक

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28.10.2015

मंथन की झलक

दुनिया के व्यस्त हवाई अड्डों से एक दिन में हजारों फ्लाइटें ऑपरेट होती हैं. यह सब एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों की मुस्तैदी के बिना मुमकिन नहीं. मंथन में इस बार गहराई से जानेंगे उन्हीं के काम के बारे में.

दुनिया भर में इन दिनों रिसर्चर ऐसे रोबोट बना रहे हैं जो इमरजेंसी और विपदा की स्थिति में लोगों की फौरन मदद कर सकें. मसलन परमाणु दुर्घटना, बाढ़ या आगजनी की स्थिति में, जहां राहतकर्मियों का मौके तक तुरंत पहुंचना संभव नहीं होता. दुर्घटनास्थल का जायजा लेने के लिए इन दिनों ड्रोन की मदद तो ली ही जा रही है लेकिन रोबोट सभी बाधाओं से निबटने के लिए अभी तक पूरी तरह तैयार नहीं हैं. बॉन यूनिवर्सिटी के रिसर्चरों ने एक नए प्रकार का रोबोट बनाया है जो विभिन्न प्रकार की बाधाओं से निबट सकता है और जान बचाने में मददगार हो सकता है.

क्या मुश्किल है एयर होस्टेस का काम?

एक साल पहले एयर इंडिया ने अपने कुल 3,500 केबिन क्रू कर्मियों में से करीब 600 को छह महीने के अंदर वजन कम करने का निर्देश दिया था. उनमें से करीब 130 को निर्धारित बीएमआई से ऊपर पाने पर क्रू से हटाने का निर्णय लिया गया.

क्या मुश्किल है एयर होस्टेस का काम?

केबिन क्रू के फिट न होने से किसी एमरजेंसी की स्थिति में उन्हे फ्लाइट में अपनी ड्यूटी ठीक ढंग से निभाने में परेशानी हो सकती है. इससे यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है.

क्या मुश्किल है एयर होस्टेस का काम?

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय केबिन क्रू के लिए बॉडी मास इंडेक्स और स्वास्थ्य संबंधी मानक तय करता है. अगर फ्लाइट अटेंडेंट का बीएमआई यानि शरीर के भार और कद के बीच का अनुपात निर्धारित पैमाने से बाहर निकले तो उन्हें उड़ान भरने की मनाही हो सकती है.

क्या मुश्किल है एयर होस्टेस का काम?

ऐसा पहली बार नहीं है कि एयर इंडिया ने अपने केबिन क्रू के किसी सदस्य को मोटापे के कारण हवाई जहाज पर ड्यूटी से हटाया हो. 2009 में भी ऐसे 10 फ्लाइट अटेडेंट्स को ज्यादा वजन के कारण ही केबिन ड्यूटी से हटाया गया था.

क्या मुश्किल है एयर होस्टेस का काम?

चीन की इस एयरलाइन में अटेंडेंट सीट बेल्ट बांधने और दूसरी कई सुरक्षा संबंधी जानकारी देती हुई. बजट कही जाने वाले सस्ते हवाई टिकटों वाले एयरलाइंस में भी भले ही मुफ्त खाना ना मिले लेकिन केबिन क्रू तो होता ही है.

क्या मुश्किल है एयर होस्टेस का काम?

लंबी दूरी की यात्राओं में केबिन क्रू को भी काफी लंबी शिफ्टें करनी पड़ती हैं. अटेंडेंट्स को नींद की कमी और कई कई दिनों तक घर से दूर रहना पड़ता है. कई बार हवाई जहाज में ही क्रू को किसी यात्री की तबीयत खराब होने जैसी मेडिकल एमरजेंसी का सामना करना पड़ता है.

क्या मुश्किल है एयर होस्टेस का काम?

यात्रियों को उड़ान संबंधी सुरक्षा जानकारी देना और पूरी यात्रा के दौरान उनकी सुविधा का ख्याल रखना इनकी मुख्य जिम्मेदारियां हैं. इसके अलावा फ्लाइट अटेंडेंट्स को हर समय आपातकाल में तेज प्रतिक्रिया के लिए भी तैयार रहना पड़ता है.

क्या मुश्किल है एयर होस्टेस का काम?

यात्रियों के लिए हमेशा तरोताजा और मुस्कुराने वाले फ्लाइट अटेंडेंट्स को इन सब मुश्किलों के बावजूद अपनी सुंदरता, सेहत और फिटनेस का अच्छी तरह ध्यान रखना होता है.

आसान नहीं है काम

स्पोर्ट्स प्लेन में किसी बड़े हवाई अड्डे पर उतरना आसान काम नहीं है, अनुभवी पाइलटों के लिए भी नहीं. इसके लिए पाइलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों को मिलकर काम करना होता है. बातचीत के लिए अंग्रेजी का सहारा लिया जाता है. बड़े बड़े यात्री जहाजों के बीच छोटे जहाज को नेवीगेट कर फ्रैंकफर्ट के बड़े हवाई अड्डे पर उतारना बड़ी चुनौती होती है.

शहर में खेती

शहर के बीचो बीच बागान या सब्जियों की खेती, यह ट्रेंड दुनिया भर में तेजी से फैलता जा रहा है. सिंगापुर और पश्चिमी यूरोप के कई देशों में इसे इको फ्रेंडली उद्योग की तरह भी देखा जा रहा है. इस बार मंथन में मिलिए जर्मनी की राजधानी बर्लिन के दो युवा उद्यमियों से जो बता रहे हैं कि ये सब होता कैसे है.

बगीचे में खाना खजाना

चंसुर

कुछ कुछ मिर्ची जैसी महक वाला यह पौधा किसी भी खाने में मिलाया जा सकता है. जमीन के ऊपर इसका हर हिस्सा खाया जा सकता है.

बगीचे में खाना खजाना

मोती फूल

इस पौधे का इस्तेमाल चाय और सीरप या जेली बनाने में हो सकता है. वैसे इसे कई और तरह से भी खाया जा सकता है.

बगीचे में खाना खजाना

गुलाब की बात

भला फूलों में गुलाब को कौन मात दे सकता है. गुलाब की पंखुड़ियां किसी भी खाने को लजीज बना सकती हैं. और गुलाब का पानी तो कई तरह के काम का है.

बगीचे में खाना खजाना

नीलकंठ

इन फूलों की पत्तियां बड़ी मजेदार होती हैं. सलाद और सूप में मिला दिया जाए, तो स्वाद दोगुना हो जाता है.

बगीचे में खाना खजाना

डेजी

आम तौर पर बगीचे में डेजी के फूल जरूर होते हैं. बच्चे इन्हें चुन कर माला जरूर बनाते हैं. अगली बार किसी सलाद या सैंडविच में मिला कर देखिए, कैसा लगता है.

बगीचे में खाना खजाना

कुकरौंधा

डेजी की ही तरह कुकरौंधा का फूल भी बहुत आम है. इसका हर हिस्सा खाने लायक होता है. चाहें तो इसकी कलियों को मक्खन में फ्राई कर लें. या फिर सलाद या सूप में मिला लें.

बगीचे में खाना खजाना

गेंदा

इसे गरीबों का जाफरान भी कहते हैं. किसी जमाने में खाने में पीले रंग के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता था. यह दवाइयों में भी काम आता है.

बगीचे में खाना खजाना

गुले बनफ्शा

इस फूल की कई जातियां होती हैं और जर्मनी में इसे "सौतेली मां" कहा जाता है. सलाद और सूप में लजीज जायके के लिए इस्तेमाल होती है.

बगीचे में खाना खजाना

मटर

हल्की, मीठी खुशबू वाली गार्डेन पी को कच्चा भी खा सकते हैं. लेकिन संभल कर इससे मिलता जुलता एक पौधा जहरीला होता है.

बिन मछली सब सून

मछलियों का अंधाधुंध शिकार इस वक्त दुनिया के सामने एक बड़ी समस्या है. इसके चलते महासागरों का इको सिस्टम चरमरा रहा है. मेक्सिको में कैलीफोर्निया की खाड़ी भी इसका जीता जागता उदाहरण है. मछलियां खत्म होने से तटीय इलाकों के लोगों को रोजी रोटी के लाले पड़ गए. अब वहां मछलियों के शिकार के बदले पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है, लेकिन इसमें भी बहुत सावधानी की जरूरत है. तो कैसे हो रहा है यह सब संभव, देखिए मंथन के आने वाले अंक में.

खोते द्वीप की खूबसूरती

अलग थलग द्वीप

ऑनतोंग जावा सिर्फ 12 वर्ग किलोमीटर बड़ा है जिसकी जमीन समुद्र स्तर से केवल 3 मीटर ऊंची है. सोलोमन द्वीप से 500 किलोमीटर दूर बसे इस द्वीप के चारों ओर पश्चिमी प्रशांत सागर की गहराइयां हैं. यहां के लोग हमेशा ही लहरों और तूफान के साये में जिए हैं लेकिन मुश्किलें बढ़ रही हैं.

खोते द्वीप की खूबसूरती

परंपराओं का पालन

यह द्वीप सैकड़ों सालों से बसा है. पोलीनेशिया के लोग इस द्वीप पर 2000 साल पहले बसे. सदियों पुराने नृत्य ताकतवर प्राकृतिक शक्तियों की कथा कहते हैं. ये नृत्य स्थानीय संस्कृति का अहम हिस्सा तो हैं ही, वे स्थानीय आबादी की पहचान का भी अभिन्न अंग हैं.

खोते द्वीप की खूबसूरती

प्रकृति का साथ

परंपरागत रूप से घर नारियल और पंडाना के पेड़ों से बनाए जाते हैं. आजकल इन झोपड़ियों में सौर ऊर्जा की मदद से आधुनिक रोशनी की जाती है. इस द्वीप के दुनिया से कटे होने का एक फायदा यह भी है कि रात के आसमान का अंधेरा पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त दिखता है.

खोते द्वीप की खूबसूरती

कहां जाएंगे बच्चे

यदि समुद्र स्तर का बढ़ना जारी रहता है तो जल्द ही यह द्वीप समुद्र में डूब जाएगा. 8 वर्षीय विल्सन आयुंगा जैसे ऑनतोंग जावा के बच्चों के लिए इस द्वीप को छोड़कर कहीं और ऊंची जगह पर बसने के अलावा और कोई चारा नहीं होगा. लोगों को डर है कि उनकी जन्मभूमि छिन जाएगी.

खोते द्वीप की खूबसूरती

अप्रतिबद्ध सरकार

लुआनिउआ की अनछुई खूबसूरती ऊपर से साफ दिखती है. यह ऑनतोंग जावा के उन दो द्वीपों में शामिल है जहां लोग रहते हैं. ताड़ के इन खूबसूरत पेड़ों के पीछे एक प्रतिबद्ध सरकार की कमी दिखती है. ऑनतोंग जावा सोलोमन द्वीप समूह का हिस्सा है, लेकिन नागरिक सुविधाओं के अभाव में समस्याएं पैदा हो रही हैं.

खोते द्वीप की खूबसूरती

बंटता द्वीप

ऑनतोंग जावा के लोगों को जलवायु परिवर्तन के नतीजे साफ होने लगे हैं. समुद्र का जलस्तर बढ़ने की वजह से हेनुआ आइकू द्वीप दो हिस्सों में बंटने लगा है. समुद्र का पानी द्वीप के बीच से घुसने लगा है और उसने खाद्य सुरक्षा और भूस्खलन की समस्या सबके सामने ला दी है.

खोते द्वीप की खूबसूरती

जलवायु परिवर्तन

समुद्री जलस्तर बढ़ने से द्वीप के हिस्से डूब रहे हैं. उनसे होने वाले नुकसान के अलावा जलवायु परिवर्तन के कारण तेज हवाओं और कभी भी आने वाले तूफानों का खतरा बढ़ गया है. ये द्वीप के तटीय इलाकों के अलावा वहां बसे गांवों को भी खतरे में डाल रहे हैं.

खोते द्वीप की खूबसूरती

फसल में कमी

समुद्र का पानी द्वीप पर घुसने का एक नुकसान यह भी हो रहा है कि वह जमीन को खराब कर रहा है. मिट्टी के धूसर होने के कारण खेती ठीक से नहीं हो रही है. पैट्रन लालियाना का तारो गार्डन धरती की उर्वरा शक्ति कम होने के कारण उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है.

खोते द्वीप की खूबसूरती

बदलता समय

सैरा अबोरा ने अपनी सारी जिंदगी ऑनतोंग जावा पर बिताई है. उन्हें वह समय भी याद है जब द्वीप पर आज जहां गांव है वहां झाड़ियां हुआ करती थी. उन्हें यह भी याद है कि पहले जहां लोग रहा करते थे, वह जगह इस बीच पानी में डूब चुकी है. पानी के बढ़ने से गांव छोटा हो गया है.

खोते द्वीप की खूबसूरती

डूबा गांव

ऑनतोंग जावा के लोगों के लिए समुद्री जलस्तर बढ़ने के खतरों के सबूत द्वीप पर हर कहीं दिखते हैं. आज जहां सफेद रेत दिखती है, वहां कभी सुंदर रमणीक गांव हुआ करता था. बढ़ते समुद्री पानी ने 40 घरों और एक कब्रगाह को लील लिया है.

खोते द्वीप की खूबसूरती

धरती बिन संस्कृति नहीं

ऑनतोंग जावा के लोगों को पता नहीं कि अपनी धरती के बिना वे अपनी संस्कृति कैसे बचा पाएंगे. अपने द्वीप को छोड़ना उनके लिए पहचान खोने जैसा है. लेकिन जैसे जैसे जलवायु परिवर्तन के नतीजे लोगों को विस्थापित करने का खतरा पैदा कर रहे हैं ऑनतोंग जावा की संस्कृति का भविष्य धूमिल हो रहा है.

खोते द्वीप की खूबसूरती

उम्मीद की किरण

ऑनतोंग जावा से लोगों के विस्थापन की संभावना बढ़ती जा रही है, लेकिन अभी भी लोग आशावान हैं कि वे अपनी परंपरागत भूमि पर रह सकेंगे. वह भूमि जिसने उन्हें 2000 साल से पनाह दी है और खुशहाली में जिंदा रखा है.

कागज वाली कला

फ्रांस की कलाकार मादोमोजेल मॉरीश हाल के समय में दुनिया भर के मशहूर स्ट्रीट आर्टिस्टों में शुमार हुई हैं. कागज मोड़ मोड़कर वह ऐसा कुछ बना देती हैं कि लोग अवाक रह जाते हैं. कला के माध्यम से वह दुनिया भर के लोगों को जागरूक भी करना चाहती हैं.

तकनीक, स्वास्थ्य, विज्ञान और कला की रोचक जानकारियों के साथ मंथन आप तक पहुंचता है हर शनिवार सुबह 11 बजे डीडी नेशनल पर.

ओएसजे/एसएफ

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