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कोहली की कोशिश के बावजूद हार गया भारत

२२ जनवरी २०११

विराट कोहली ने चमकदार 87 रन बनाए और तीन खिलाड़ियों को आउट कराने में योगदान दिया लेकिन उनका यह प्रयास टीम इंडिया को मैच जिताने में नाकाफी साबित हुआ. बारिश से प्रभावित चौथे वनडे में दक्षिण अफ्रीका से 48 रन से हारा भारत.

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तस्वीर: AP

बारिश की वजह से मैच का नतीजा डकवर्थ लुइस पद्धति से निकाला गया और दक्षिण अफ्रीका की जीत के बाद अब दोनों टीमें सीरीज में 2-2 से बराबर हो गई हैं. दक्षिण अफ्रीका की ओर से जेपी दुमिनी स्टार खिलाड़ी रहे और उन्होंने नाबाद 71 रन ठोंके.

अपनी टीम के बल्लेबाजों के जल्दी जल्दी आउट होने के बाद पारी को वापस पटरी पर लाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई. टॉस जीतने के बाद दक्षिण अफ्रीका ने 6 विकेट के नुकसान पर 265 रन का स्कोर खड़ा किया.

Kricket Mahendra Singh Dhoni und Graeme Smith
तस्वीर: AP

बारिश के चलते भारतीय पारी में जब मैच रोका गया तो टीम इंडिया 32.5 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 142 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी. मैच का फैसला डकवर्थ लुइस नियम से हुआ और फैसला दक्षिण अफ्रीका के हक में 48 रन से कर दिया गया.

कोहली की विराट कोशिशें

भारत के हारने से विराट कोहली को निराशा हुई होगी क्योंकि उन्होंने दो रन आउट कराने और स्लिप में बेहतरीन कैच पकड़ने के अलावा भारतीय पारी में अकेले संघर्ष किया. दक्षिण अफ्रीकी आक्रमण को झेलने वाले विराट कोहली अकेले बल्लेबाज थे और 92 गेंदों में उन्होंने 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 87 रन बनाए.

लेकिन उनका साथ सिर्फ सुरेश रैना ही दे सके जिन्होंने 20 रन बनाए और कोहली के साथ 63 रन की साझेदारी की. धोनी और युसूफ पठान विफल रहे और उनके आउट होने के बाद टीम इंडिया की रही सही उम्मीदें खत्म हो गईं.

इससे पहले पार्ट टाइम गेंदबाज युवराज सिंह ने तीन विकेट झटकते हुए दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों के सामने मुश्किल खड़ी कर दी लेकिन दुमिनी का प्रदर्शन उन्हें मैच में खींच लाया. चार ओवर में चार विकेट खोने के बाद दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 5 विकेट पर 118 रन हो गया और इस संकट से बाहर निकालने वाले दुमिनी ही रहे. उन्होंने अपनी पारी में 2 चौके और 1 छक्का लगाया और ज्यादा ध्यान एक एक, दो दो रन बटोरने पर ही लगाया.

दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ग्रेम स्मिथ ने कहा कि उनके खिलाड़ियों को हर हाल में अच्छा खेलना था और उन्होंने ऐसा कर दिखाया. "कुछ मौके ऐसे जरूर आए जब हमें लगा कि हम कमजोर पड़ रहे हैं लेकिन हमने कौशल और संकल्प का प्रदर्शन करते हुए मैच अपने पक्ष में कर लिया."

मैच के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अफसोस जताते हुए कहा कि अगर दक्षिण अफ्रीका को 240 रन के भीतर रोक लिया जाता तो टीम इंडिया के लिए आसानी होती. रविवार को खेले जाने वाले मैच के बारे में धोनी का कहना है कि दबाव दोनों टीमों पर है और जो टीम बेहतर खेलेगी, मैच और सीरीज का नतीजा उसी के पक्ष में जाएगा.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: ए कुमार

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