क्या नाचते भी थे डायनासोर?

डायनासोर पृथ्वी पर इंसान के आने से पहले ही खत्म हो गए. अब वैज्ञानिकों को स्कॉटलैंड में जुरासिक काल के कुछ ऐसे पैरों के निशान मिले हैं जिन्हें देखकर शक पैदा होता है कि क्या डायनासोर नाचते भी होंगे?

स्कॉटलैंड का आइल ऑफ स्काई इलाका पर्यटकों के बीच अपनी खूबसूरती के लिए खासा मशहूर है. यहीं एक बड़े पथरीले इलाके में वैज्ञानिकों को जुरासिक काल के पैरों के सैकड़ों नए निशान मिले हैं. इन निशानों ने डायनासोर की जीवनशैली के बारे में नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

पैरों के कुछ निशान तो 28 इंच तक लंबे हैं. ये शाकाहारी सॉरोपोड की तरफ इशारा करते हैं जो पृथ्वी पर 17 करोड़ साल पहले थे. ये निशान छिछले पानी के कुंडों में बने थे. यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबरा के वैज्ञानिक स्टीव ब्रुसेट ने बताया, "यह स्पष्ट है कि यहां पर बहुत सारे सॉरोपोड डायनासोर इस कुंड में चल फिर रहे थे. लगता है ये उनके घर की तरह था, यहां वे बढ़ रहे थे. उनके पांव के अव्यवस्थित ट्रैक देखकर ऐसा लगता है जैसे कि वह कोई डांस फ्लोर रहा हो, जैसे डायनासोर का डिस्को."

जुरासिक काल में कदम

राजधानी तेहरान के बाहर सदात अबाद में बनाए गए इस पार्क में डायनासोरों के आकार के बराबर विशाल मूर्तियां हैं.

जुरासिक काल में कदम

यह मध्य पूर्व एशिया का पहला जुरासिक थीम पार्क है. इसका उद्घाटन 2014 में हुआ. अब हर दिन यहां बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और परिवार आते हैं.

जुरासिक काल में कदम

यहां लगाई गई मूर्तियां खास ढंग से बनाई गई हैं. उनमें स्पेशल इफेक्ट डाले गए हैं. कुछ मूर्तियां आवाज भी करती हैं.

जुरासिक काल में कदम

16 करोड़ साल पहले डायनासोर धरती के सबसे प्रभावशाली जीव थे. वैज्ञानिकों का मानना है कि छह करोड़ साल पहले वे विलुप्त हो गए.

जुरासिक काल में कदम

जुरासिक पार्क का जिक्र सबसे पहले 1990 में अमेरिकी लेखक माइकल क्रिकह्टन ने अपने उपन्यास में किया. फिर इस पर फिल्में बनीं और कई शहरों में जुरासिक थीम के म्यूजियम पार्क भी बने.

जुरासिक काल में कदम

दुनिया भर में कई जगहों पर अलग अलग किस्म के डायनासोरों के जीवाश्म मिलते रहे हैं. वैज्ञानिकों के मुताबिक जुरासिक काल में पृथ्वी पर इन प्राणियों की सैकड़ों प्रजातियां थीं.

जुरासिक काल में कदम

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि छह करोड़ साल पहले धरती से टकराए एक आकाशीय पिंड ने डायनासोरों का सफाया कर दिया. विशाल डायनासोर टक्कर से मारे गए. बाकी उसके बाद हुए जलवायु परिवर्तन से.

सॉरोपोड चार पैरों वाले शाकाहारी डायनासोर थे. इनकी गर्दन लंबी, लंबी पूंछ, खंबे जैसे पैर और भारी शरीर हुआ करता था. यह निश्चित नहीं है कि आइल ऑफ स्काई पर ट्रैक किन जीवों के पैरों के हैं लेकिन ब्रुसेट के मुताबिक ये जीव 50 फीट लंबे और 15-20 टन भारी रहे होंगे.

सॉरोपोड पृथ्वी पर अब तक पाए जाने वाले जीवों में सबसे बड़े थे. ब्रुसेट कहते हैं कि आइल ऑफ स्काई पर पाए गए सॉरोपोड हो सकता है और भी पुराने रहे हों. हो सकता है वे डिप्लोडोकस और ब्रॉन्टोसॉरस के पूर्वज रहे हों. उन्होंने बताया कि बहुत समय पहले धारणा थी कि सॉरोपोड पानी में रहते होंगे क्योंकि उनका वजन जमीन के लिए बहुत ज्यादा था. लेकिन 1970 में यह धारणा टूटी, जब माना गया कि पृथ्वी पर उनके जीवाश्म यही दिखाते हैं कि उनका शरीर जमीन पर रहने के अनुरूप ढला था.

स्कॉटलैंड में मिले पैरों के ताजा निशान और कुछ और ताजा शोध संकेत करते हैं कि डायनासोर पानी में भी वक्त बिताते थे. ब्रुसेट ने कहा कि ये डायनासोर तैराक तो नहीं थे और ज्यादातर समय जमीन पर बिताते थे, लेकिन इनका कुछ समय पानी में भी बीतता था. ब्रुसेट कहते हैं कि हो सकता है कि इन जलकुंडों में सॉरोपोड को खाने के लिए कुछ मिलता हो या फिर यहां उनके शिकारी जानवरों से रक्षा होती हो. जो भी हो, लेकिन ताजा निशान डायनासोर की जीवनशैली पर नई रोशनी जरूर डालते हैं.

एसएफ/एमजे (रॉयटर्स)

जब वो धरती पर थे...

होमो फ्लोरेसिएन्सिस (हॉबिट)

गंभीर दिखने वाला ये इंसान 2003 में इंडोनेशियाई द्वीप पर मिला. यह सिर्फ एक मीटर लंबा था और जेआरआर टल्कियेन की लॉर्ड ऑफ द रिंग्स कहानी में हॉबिट जैसा दिखता था. इसलिए इसे हॉबिट कहा जाता है. शायद यह आधुनिक मनुष्य से अलग प्रजाति का था. धरती पर दोनों ही रहते थे. करीब 15,000 साल पहले हॉबिट प्रजाति ने दुनिया को अलविदा कह दिया.

जब वो धरती पर थे...

ब्रैकियोसॉरस

ये प्राणी धरती से 15 करोड़ साल पहले विलुप्त हो गया था. शाकाहारी ब्रैकियोसॉरस धरती पर रहने वाली सबसे बड़ी प्रजातियों में से एक था. पूरे आकार का डायनोसोर बनने में इसे 10 से 15 साल लगते थे. खूब भूख और बढ़िया मैटाबोलिज्म वाला ये प्राणी 13 मीटर ऊंचा और इससे दुगना बड़ा होता था.

जब वो धरती पर थे...

क्वागा

घोड़े और जेबरा का मिक्स दिखने वाला ये जानवर असल में एक जेबरा है. दक्षिण अफ्रीकी जेबरा की ये एक उप प्रजाति है. लोग इसका शिकार करते और खाने में इसकी टक्कर थी पालतू जानवरों से. क्वागा 1883 में धरती से खत्म हो गया.

जब वो धरती पर थे...

थाइलैसिन

कुत्ते या भेड़िये जैसा दिखने वाला ये प्राणी तस्मानियाई भेड़िया या तस्मानियाई टाइगर कहलाता है. पेट पर झोली लेकर चलने वाला ये थाइसैलिन हाल के दौर में मांस खाने वाला सबसे बड़ा जानवर था. ऑस्ट्रेलिया का जानवर तस्मानिया के द्वीप पर मिला. यहां आने वाले लोगों ने और उनके कुत्तों ने इसे जीने नहीं दिया. ये 1930 के दशक में खत्म हो गया.

जब वो धरती पर थे...

ऊनी मैमथ

आइस एज में जिंदा रहने के लिए वुली मैमथ की खाल बहुत ऊनी होती थी. ये हाथी भी आज के हाथी जितने ही बड़े होते थे. हालांकि ये पांच हजार साल पहले धरती से खत्म हो गए. कारण गर्म होता वातावरण और हमारे पूर्वज शिकारी थे.

जब वो धरती पर थे...

साइकोपाइज एलिगांस

समंदर में रहने वाले ये जानवर करीब दो लाख सत्तर हजार साल रहे. लेकिन अचानक 25 करोड़ साल पहले सारे के सारे खत्म भी हो गए. अब ये सिर्फ जीवाश्म ऑक्शन वाली वेबसाइटों पर ही दिखाई देते हैं.

जब वो धरती पर थे...

इंड्रीकोथेरियम

आधुनिक राइनोसॉरस के पड़ पड़ दादा बहुत ही बड़े होते थे. करीब 20 टन के ये बड़े भारी प्राणी शाकाहारी थे. जिंदा रहने के लिए इन्हें बहुत घास, पत्तियों की जरूरत होती. ये मध्य एशिया के जंगलों में राज करते थे. ये मेगा राइनो जंगल खत्म होने के बाद दो करोड़ तीस लाख साल पहले खत्म हो गए.

जब वो धरती पर थे...

एंट्रोडेमस

इस भयानक फोटो के साथ तो इसे जुरैसिक पार्क फिल्म में जगह मिल जानी चाहिए थी लेकिन मिली नहीं. यह पश्चिमी अमेरिका में 15 करोड़ साल पहले दादागिरी करता था. खाद्य श्रृंखला में यह सबसे ऊपर होता था.

जब वो धरती पर थे...

पैसेंजर पिजन

ये है मार्था, पैसेंजर कबूतर. इसे जॉर्ज वॉशिंगटन की पत्नी के नाम पर ये नाम मिला है. सिनसिनाटी जू में कबूतर की ये प्रजाति 1914 में इस कबूतर के साथ खत्म हो गई. इंसान ने इनके रहने के जंगल खत्म कर दिए और फिर इनका भी शिकार किया.

हमें फॉलो करें