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चौथी बार कांग्रेस अध्यक्ष बनीं सोनिया

४ सितम्बर २०१०

लगातार दो लोकसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी की जीत में अहम भूमिका निभाने वाली सोनिया गांधी ने चौथी बार पार्टी की कमान अपने हाथों में ले ली. चौथी बार अध्यक्ष बनकर इतिहास बनाने वाली सोनिया गांधी निर्विरोध निर्वाचित हुईं.

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सोनिया गांधी फिर अध्यक्षतस्वीर: DW / Suhail Waheed

पार्टी अध्यक्ष चुने जाने के बाद सोनिया गांधी ने कहा है कि वह कांग्रेस पार्टी के झंडे को हमेशा बुलंद रखेंगी. "कांग्रेस अध्यक्ष का पद राष्ट्र के प्रति बेहद जिम्मेदारी भरा है." एक समय बेहद खराब दौर से गुजरने वाली कांग्रेस पार्टी में सोनिया गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद नई ऊर्जा का संचार हुआ और पार्टी ने एनडीए सरकार को संसदीय चुनावों में 2004 में पटखनी दी. इसके बाद 2009 में भी उनके नेतृत्व में पार्टी ने यही सफलता दोहराई.

Flash-Galerie Mächtige Politikerinnen Sonja Gandhi
तस्वीर: AP

कांग्रेस अध्यक्ष को मुबारकबाद देने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कई केंद्रीय मंत्री और अन्य नेता उपस्थित थे. अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव राहुल गांधी इस समारोह में शामिल नहीं हुए. सोनिया गांधी के मुताबिक कांग्रेस समाज के सभी वर्गों और देश के हिस्सों को अपने साथ लेकर चलने में यकीन रखती है. "हम चाहें सत्ता में हों या न हों, हम अपनी जिम्मेदारी के प्रति हमेशा सजग रहे हैं." इस मौके पर कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अपनी नेता के अध्यक्ष चुने जाने पर पटाखे छोड़कर और नाच गा कर अपनी खुशी का इजहार किया.

इटली में जन्मी सोनिया गांधी ने 1998 में सीताराम केसरी के बाद कांग्रेस पार्टी की कमान संभाली थी.

करीब एक दशक पहले कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद विदेशी मूल की नागरिक होने पर आलोचना का सामना करने वाली सोनिया गांधी को अपनी पार्टी के नेताओं के विरोध का भी सामना करना पड़ा. 2000 में उत्तर प्रदेश कांग्रेस में नेता जितेंद्र प्रसाद ने भी अध्यक्ष पद के चुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर दी थी लेकिन आखिरकार सोनिया गांधी ने ही यह जिम्मेदारी संभाली.

रिपोर्ट: एजेंसियां/एस गौड़

संपादन: ए जमाल

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