छुट्टी में भी ईमेल से चिपके रहते हैं भारतीय

ज्यादातर भारतीय छुट्टी के दिन भी अपना ईमेल चेक किए बगैर नहीं रह पाते हैं. साइबर सिक्योरिटी फर्म मकैफी के एक सर्वे में यह बात सामने आयी है.

सर्वेक्षण के दौरान 29 फीसदी लोगों ने यह स्वीकार किया वे दिनभर लगातार अपने ईमेल चेक करते हैं. यह सर्वेक्षण छुट्टी पर रहने के दौरान उपभोक्ताओं के व्यवहार और स्वभाव को जानने के लिए करवाया गया था. इसका मकसद यह भी जानना था कि डिजिटलीकरण की आदतों से लोगों की व्यक्तिगत सूचना को लेकर कैसे खतरा पैदा हो रहा है.

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सर्वेक्षण में पाया गया कि लोग यह जानते हुए भी ईमेल से जुड़े रहना पसंद करते हैं कि इससे अलग होने पर उनको सुकून मिलेगा. सर्वे में हिस्सा लेने वाले 60 फीसदी लोगों ने यह संकेत दिया कि अवकाश के दिनों वे कम से कम एक घंटा अपने ईमेल, लिखित संदेश पढ़ने और भेजने और सोशल मीडिया पर बिताते हैं.

तकनीक

15. मेक्सिको

प्रति मोबाइल: .74 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

14. जर्मनी

प्रति मोबाइल: 1.21 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

13. कनाडा

प्रति मोबाइल: 1.49 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

12. ऑस्ट्रेलिया

प्रति मोबाइल: 1.54 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

11. फ्रांस

प्रति मोबाइल: 1.62 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

10. यूके

प्रति मोबाइल: 1.84 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

9. जापान

प्रति मोबाइल: 2.12 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

8. तुर्की

प्रति मोबाइल: 2.22 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

7. अमेरिका

प्रति मोबाइल: 2.67 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

6. स्विट्जरलैंड

प्रति मोबाइल: 2.71 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

5. पोलैंड

प्रति मोबाइल: 3.55 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

4. दक्षिण कोरिया

प्रति मोबाइल: 3.83 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

3. स्वीडन

प्रति मोबाइल: 4.38 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

2. ऑस्ट्रिया

प्रति मोबाइल: 6.28 जीबी प्रतिमाह

तकनीक

1. फिनलैंड

प्रति मोबाइल: 10.95 जीबी प्रतिमाह

मकैफी में इंजीनियरिंग विभाग के वाइस-प्रेसिडेंट और प्रबंध निदेशक वेंकट कृष्णापुर ने कहा, "छुट्टियां, इन उपकरणों से फुर्सत पाने का एक अच्छा मौका हो सकती हैं लेकिन ज्यादातर भारतीय फिर भी ऐसा करते हैं, मतलब इनसे जुड़े रहते हैं."

लेकिन, लोग जब सुविधा को सुरक्षा पर तरजीह देते हैं और असुरक्षित वाईफाई एक्सेस प्वाइंट्स का इस्तेमाल करते हैं तो वे अपनी व्यक्तिगत सूचनाओं के सार्वजनिक होने की संभावनाओं के साथ समझौता करते हैं. कृष्णापुर ने बताया, "हमारे अध्ययन से यह जाहिर होता है कि चार में प्राय: तीन भारतीय अपनी छुट्टी के दिनों में परिवार, दोस्त और सोशल मीडिया से जुड़ने के लिए असुरक्षित वाईफाई पर भरोसा करते हैं और इस तरह वे साइबर अपराधियों के शिकार बन जाते हैं."

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दुनिया | 04.05.2017

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उन्होंने कहा कि यात्रा पर होने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. सर्वे में 18 से 55 वर्ष की उम्र के 1,500 लोगों को शामिल किया गया था, जो रोजाना कनेक्टेड डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं.

मकैफी ने सार्वनकि व असुरक्षित वाईफाई नेटवर्क का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है. कैलिफार्निया स्थित कंपनी के मुख्यालय सांता क्लारा ने कहा, "अगर आपके लिए सार्वजनिक वाईफाई नेटवर्क का इस्तेमाल जरूरी है तो वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल कीजिए, जिससे आपकी सूचना निजी बनी रहेगी और डाटा सीधा आपकी डिवाइस से वहां पहुंचेगा जहां से आप जुड़ना चाहते हैं."

- आईएएनएस

तकनीक

पेज नॉट फांउड (404)

यह इंटरनेट ब्राउजिंग की सबसे आम एरर है. इसका सीधा मतलब होता है कि आपका ब्राउजर, उस वेबसाइट या सर्वर से जुड़ पाने में तो सक्षम हैं जिसकी तलाश में आप हैं लेकिन समस्या है कि वह असल में उस पेज को नहीं ढूंढ पा रहा है जिसे आप देखना चाहते हैं. इस एरर को वेब डिजाइनर और सर्वर एडमिन की मदद से आसानी से सुलझाया जा सकता है.

तकनीक

बैड गेटवे (502)

यह कोई आम एरर नहीं है. इस एरर का मतलब है कि आपके निर्देशों को पूरा करते समय, वह सर्वर जो किसी गेटवे की तरह काम कर रहा है उसे अपस्ट्रीम सर्वर से सकारात्मक संदेश नहीं मिल रहे हैं. अकसर यह समस्या आपके कंप्यूटर के बाहर की होती है और एरर भी सर्वर में पैदा होती है. इसे सुलझाने के लिए किसी आम यूजर के पास अधिक विकल्प नहीं होते.

तकनीक

सर्विस अनअवैलबल (503)

जब आप किसी वेबसाइट तक जाना चाहे और वह इसलिये न खुले क्योंकि उसके सर्वर पर वह सुस्त है तो ऐसी एरर आती है. यह समझा जा सकता है कि भेजने वाले और प्राप्त करने वाले के बीच टाइम पीरियड में सामंजस्य न होना. यह एरर भी कंप्यूर के बाहर की है तो उपयोगकर्ता के पास इसे सुलझाने के लिए काई खास विकल्प नहीं है. अगर आपको सर्विस अनअवैलवल-डीएनएस फेल का संदेश मिलता है तो मतलब है कि समस्या यूजर के रुटर में हो सकती है.

तकनीक

कनेक्शन टाइमआउट

यह बहुत आम एरर होती है. इसका मतलब होता है कि जो कमांड आप दे रहे हैं उसे आपका सिस्टम दिये गये समय में पूरा करने में सक्षम नहीं है. इसका कारण रूटर में गड़बड़ी या नेटवर्क प्रॉब्लम हो सकती है. यह एरर कोई और जानकारी नहीं देती इसलिए बेहतर होता है कि अगर उस वक्त कोई और वेबसाइट सर्फ की जाये और अगर आप दूसरी वेबसाइट सर्फ कर पाने में सक्षम होते हैं तो अमूमन यह माना जाता है कि समस्या उस खास साइट में होगी.

तकनीक

अनेबल टू कनेक्ट

यह एरर आने पर समझ लेना चाहिए की आपका ब्राउजर आपके कमांड को पूरा इसलिए नहीं कर पा रहा है क्योंकि टारगेट सर्वर और वेबसाइट या तो मौजूद नहीं है या उस साइट के साथ कोई तकनीकी समस्या है. जब कभी आप अपने फायरवॉल या प्रॉक्सी सर्वर में कुछ बदलाव करते हैं तो कुछ साइट आपको ब्लॉक कर देती है, यह एरर मैसेज उस बदलाव का भी नतीजा हो सकता है. यह एरर, सर्वर नॉट फाउंड एरर की तरह ही होती है.

तकनीक

मैलिशियस कंटेट वॉर्निंग

ये आज के मॉर्डन ब्राउजर का अच्छा फीचर है, ये वॉर्निंग यूजर्स को इंटरनेट स्कैम और स्कैंडल से बचाती है. अगर किसी साइट पर जाते वक्त ये एरर मैसेज आये तो समझ लेना चाहिए कि जिस साइट पर जाना चाहते हैं वह असल में वो नहीं है जिसकी तलाश में आप हैं. कई बार इन साइट पर जाने से पासवर्ड हैक होने और संवेदनशील जानकारियों के चुराये जाने का खतरा होता है.

तकनीक

सर्टिफिकेट वॉर्निंग

सर्टिफिकेट एरर वे होती हैं जब ब्राउजर साइट के एसएसएल सर्टिफिकेट वाले असली मालिक की पहचान नहीं कर पाता है. इस स्थिति में ऐसे एरर मैसेज आते हैं. अगर आपका सामना कभी किसी ऐसी एरर से हो तो विशेषज्ञ इसमें छेड़खानी न करने का सुझाव देते हैं. इस स्थिति में हो सकता है कि वेबसाइट के साथ कोई आपत्तिजनक मसला हो तो बात बढ़कर साइबर क्राइम तक पहुंच सकती है.