जब मिली दो ताकतवर महिलाएं

इस मुलाकात का इंतजार तो ममता बनर्जी को टाइम पत्रिका के दुनिया की सौ सबसे ताकतवर लोगों में शामिल होने और अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के भारत दौरे के एलान के समय से ही था. जब वह घड़ी आई तो नजारा देखने लायक था.

सोमवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राज्य सचिवालय राइटर्स बिल्डिंग में इन दोनों महिलाओं की पहली मुलाकात हुई . नीले रंग की जैकेट पहने हिलेरी क्लिंटन और पारंपरिक सफेद साड़ी में ममता ने एक-दूसरे को पहले नमस्ते किया और फिर हाथ मिलाया. उसके बाद दोनों ने लगभग एक घंटे तक विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की. पहले कयास लग रहे थे कि हिलेरी ममता को खुदरा क्षेत्र में विदेश निवेश रोकने और बांग्लादेश के साथ तीस्ता नदी के पानी के बंटवारे पर समझौते के लिए मनाने का प्रयास करेंगी.

बातचीत के मुद्दे

सरकारी सूत्रों ने दावा किया कि हिलेरी ने खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश के मुद्दे पर ममता से बातचीत की लेकिन ममता बनर्जी ने कहा कि इन मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हुई. ममता ने कहा, "हमारी बातचीत सार्थक और सकारात्मक रही है. श्रीमती क्लिटंन ने मेरे काम के जज्बे की सराहना की. उन्होंने राज्य सरकार के कामकाज और नीतियों की भी प्रशंसा की. हमारे बीच बंगाल में सूचना तकनीक के क्षेत्र में अमेरिकी पूंजीनिवेश की संभावनाओं पर भी बातचीत हुई."

ममता के मुताबिक, अमेरिका ने माना है कि भारत में कोलकाता सूचना तकनीक का हब बन सकता है. उसने पूंजी निवेश के मामले में बंगाल का साझीदार बनाने पर भी सहमति दे दी है. बैठक में ममता ने सुझाव दिया कि बंगाल के मुख्य सचिव और भारत में अमेरिका के राजदूत मिल कर पूंजीनिवेश पर निगरानी के लिए कोई साझा व्यवस्था तैयार कर सकते हैं.

निवेश के मौके

ममता ने कहा, ‘श्रीमती क्लिटंन ने कहा है कि बंगाल में अमेरिकी पूंजी निवेश की काफी संभावनाएं हैं. उन्होंने इस काम में मदद का भी भरोसा दिया है.' क्या आपके बीच खुदरा क्षेत्र में विदेशी पूंजी निवेश और तीस्ता जल समझौते पर भी चर्चा हुई? इस सवाल पर ममता ने कहा कि यह मुद्दा नहीं उठा. मुख्यमंत्री ने कहा, "हम इस दुनिया का हिस्सा है. जब विदेशी पूंजी निवेश की जरूरत महसूस होगी तब हम इसकी अनुमति दे देंगे."

वैसे हिलेरी क्लिटंन ने सोमवार सुबह ही कोलकाता में एक दूसरे कार्यक्रम में कहा था कि वे खुदरा क्षेत्र में सुधार की वकालत करेंगी. उन्होंने कहा, "समय के साथ विभिन्न क्षेत्रों को विदेशी निवेश के लिए खोलने की स्थिति में भारत के लोगों का रहन-सहन और जीवनस्तर सुधरेगा. लेकिन मैं राजनीति समझती हूं और यह भी जानती हूं कि ऐसे फैसले कितने मुश्किल हैं." हिलेरी ने ममता की सराहना करते हुए कहा, "जब मैं हर बाधाओं का पार करने वाली ऐसी किसी महिला से मिलती हूं तो एक अपनेपन का अहसास होता है. आखिर हम दोनों राजनीति में चुनावी आग का सामना कर चुके हैं. इस बात से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उस महिला की पृष्ठभूमि या राजनीतिक विचारधारा कैसी है."

दोस्ती के उपहार

मुख्यमंत्री ममता ने क्लिंटन को स्वामी विवेकानंद और रवींद्र नाथ टैगोर की पुस्तकें भेंट की. श्रीमती क्लिटंन ने रवींद्र नाथ के लेखों को पढ़ने की इच्छा जताई थी. इसके अलावा उनको शांतिनिकेतन से खास तौर पर मंगाया गया एक स्कार्फ भी दिया गया. हिलेरी ने भी ममता को रवींद्रनाथ से जुड़ी एक स्मारिका भेंट की.

रविवार को बांग्लादेश से कोलकाता के दो दिवसीय दौरे पर पहुंची हिलेरी क्लिटंन ने कल भारतीय संस्कृति परिषद की ओर से आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उसके बाद वे विक्टोरिया मेमोरियल देखने पहुंचीं.

कोलकाता के लिए अहम दौरा

यह लंबे अरसे बाद पहला मौका है जब किसी अमेरिकी विदेश मंत्री ने अपनी भारत यात्रा के तीन में से दो दिन कोलकाता में गुजारे हों और मुख्यमंत्री से मुलाकात की हो. राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि इससे साफ है कि अमेरिका ममता बनर्जी और उनकी सरकार को कितनी तवज्जो दे रहा है. खुद हिलेरी ने दिल्ली से पहले कोलकाता का दौरा करने के बारे में कहा, ‘चीन से बांग्लादेश आने के बाद कोलकाता आना ही समुचित कदम था. पूर्वी भारत में अपार आर्थिक संभावनाएं हैं. इसके भौगोलिक और राजनीतिक अहमियत को भी अब पहचान मिल रही है. पूर्वी भारत के प्रति अमेरिका के नजरिए को दिखाने के लिए मैंने यहीं से अपना दौरा शुरू करने का फैसला किया.' पर्यवेक्षकों का कहना है कि हिलेरी के दौरे से ममता का राजनीतिक कद तो बढ़ा ही है, आर्थिक तंगी से जूझ रहे राज्य में अमेरिकी निवेश की संभावनाएं भी काफी बढ़ गई हैं.

भारी सुरक्षा व्यवस्था

वैसे तो श्रीमती क्लिटंन के दौरे के लिए रविवार से ही महानगर में सुरक्षा व्यवस्था बेहद चुस्त कर दी गई थी. इस दौरान ममता के अलावा बाकी सभी मंत्रियों को एक विशेष पास लेकर दूसरे दरवाजे से सचिवालय में घुसना पड़ा. वहां काम करने वाले तमाम अधिकारियों के लिए भी पास जारी किए गए थे और उनको तय समय से पहले ही पहुंचने की हिदायत दी गई थी. भवन के मुख्यद्वार से सबसे पहले ममता ही भीतर गईं. उनके बाद हिलेरी क्लिंटन उस दरवाजे से भीतर गईं.

लगभग एक सप्ताह से अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और एफबीआई के अधिकारियों ने सुरक्षा का जिम्मा अपने हाथों में ले लिया था. दोनों नेताओं की इस मुलाकात की कवरेज के लिए सिर्फ फोटोग्राफरों को ही भीतर जाने की इजाजत दी गई थी. पत्रकारों के जाने पर पाबंदी लगा दी गई थी. मुलाकात खत्म होने पर श्रीमती क्लिटंन के लौटने के बाद ही ममता ने पत्रकारों को बुलाकार इस बैठक के बारे में जानकारी दी.

अपने दो दिवसीय दौरे के बाद हिलेरी क्लिटंन अपने काफिले के साथ विशेष विमान से दिल्ली रवाना हो गईं जहां वे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत दूसरे विशिष्ट नेताओं के साथ मुलाकात करेंगी.

रिपोर्ट: प्रभाकर,कोलकाता

संपादन: एन रंजन

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