टक्कर के बाद विंध्यागिरी में आग लगी

मुंबई के बंदरगाह पर भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस विंध्यागिरी जल रहा है. युद्धपोत एक मर्चेंट शिप से टकराया, जिसके बाद उसमें आग लग गई. छह महीने के भीतर यह दूसरा मामला है जब मुंबई में जहाजों की टक्कर हुई है.

बीते छह महीनों के भीतर यह दूसरा मामला है जब मुंबई के बंदरगाह के पास दो जहाज टकराए हैं. अगस्त 2010 में भी मुंबई पोर्ट के पास दो मर्चेंट शिप टकरा गए थे. टक्कर के बाद एक जहाज समंदर में ही पलट गया था और करीब 800 टन तेल समंदर में फैल गया था. अगस्त में हुई टक्कर के लिए एक जहाज के चालक दल को जिम्मेदार ठहराया गया.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: महेश झा

रविवार शाम में आईएनएस विंध्यागिरी और व्यावसायिक पोत के बीच टक्कर हुई. इसके बाद सोमवार तड़के युद्धपोत विंध्यागिरी में अचानक आग लग गई. रिपोर्टों के मुताबिक विंध्यागिरी में 300 टन तेल हैं. इसकी वजह से आग बढ़ने और समंदर में तेल के फैलने का खतरा पैदा हो गया है.

मुंबई फायर सर्विस के साथ नौसेना का दमकल दस्ता आग बुझाने की कोशिश कर रहा है. टक्कर और आग की वजह से युद्धपोत को खासा नुकसान हुआ है. अधिकारियों के मुताबिक आग पर नियंत्रण के बाद ही नुकसान का सही अंदाजा लगाया जा सकेगा.

रविवार शाम को आईएनएस विंध्यागिरी मुंबई पोर्ट का रुख कर रहा था. उसी वक्त व्यावसायिक जहाज एमएन नॉर्डलेक बंदरगाह से बाहर निकल रहा था. इसी दौरान सनरॉक लाइटहाउस के पास दोनों की टक्कर हो गई.

बीते छह महीनों के भीतर यह दूसरा मामला है जब मुंबई के बंदरगाह के पास दो जहाज टकराए हैं. अगस्त 2010 में भी मुंबई पोर्ट के पास दो मर्चेंट शिप टकरा गए थे. टक्कर के बाद एक जहाज समंदर में ही पलट गया था और करीब 800 टन तेल समंदर में फैल गया था. अगस्त में हुई टक्कर के लिए एक जहाज के चालक दल को जिम्मेदार ठहराया गया.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: महेश झा

रविवार शाम में आईएनएस विंध्यागिरी और व्यावसायिक पोत के बीच टक्कर हुई. इसके बाद सोमवार तड़के युद्धपोत विंध्यागिरी में अचानक आग लग गई. रिपोर्टों के मुताबिक विंध्यागिरी में 300 टन तेल हैं. इसकी वजह से आग बढ़ने और समंदर में तेल के फैलने का खतरा पैदा हो गया है.

मुंबई फायर सर्विस के साथ नौसेना का दमकल दस्ता आग बुझाने की कोशिश कर रहा है. टक्कर और आग की वजह से युद्धपोत को खासा नुकसान हुआ है. अधिकारियों के मुताबिक आग पर नियंत्रण के बाद ही नुकसान का सही अंदाजा लगाया जा सकेगा.

रविवार शाम को आईएनएस विंध्यागिरी मुंबई पोर्ट का रुख कर रहा था. उसी वक्त व्यावसायिक जहाज एमएन नॉर्डलेक बंदरगाह से बाहर निकल रहा था. इसी दौरान सनरॉक लाइटहाउस के पास दोनों की टक्कर हो गई.

बीते छह महीनों के भीतर यह दूसरा मामला है जब मुंबई के बंदरगाह के पास दो जहाज टकराए हैं. अगस्त 2010 में भी मुंबई पोर्ट के पास दो मर्चेंट शिप टकरा गए थे. टक्कर के बाद एक जहाज समंदर में ही पलट गया था और करीब 800 टन तेल समंदर में फैल गया था. अगस्त में हुई टक्कर के लिए एक जहाज के चालक दल को जिम्मेदार ठहराया गया.

रिपोर्ट: एजेंसियां/ओ सिंह

संपादन: महेश झा

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