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ट्यूनीशिया में जेल से भागे कैदी

१६ जनवरी २०११

ट्यूनीशिया में अंतरिम सरकार बनने के साथ देश पहली प्राथमिकता शांति स्थापित करने की है. राष्ट्रपति के देश छोड़ कर भाग चुके हैं लेकिन हिंसा नहीं थमी. जेल टूट रहे हैं औऱ कैदी भाग रहे हैं. फंसे हुए सैलानियों की वापसी.

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तस्वीर: AP

राष्ट्रपति बेन अली के देश छोड़ने के बाद भी देश में हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. कई इमारतों में आग लगा दी गई है तो कुछ जेलों से कैदी भी भाग निकले हैं. शनिवार को माहदिया जेल से कैदी भाग निकले, जिसके कारण पुलिस को उन पर गोलीबारी करनी पड़ी. इसमें कम से कम कई कैदी मारे गए. इसके बाद मोनास्तिर शहर की जेल में आग की खबर आई. अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार इसमें 42 से अधिक कैदियों की मौत हो गई.

देश में कर्फ्यू के बाद भी राजधानी ट्यूनिस में लूटपाट होती रही. यातायात पर भी इसका असर पड़ा और रेल स्टेशन और हवाई अड्डे इससे अछूते नहीं रहे. चश्मदीदों के अनुसार रेल स्टेशन सारी रात जलता रहा.

Tunesien Unruhen Flash-Galerie
तस्वीर: AP

सैलानियों की वापसी

इस बीच टूर ऑपरेटरों ने हिंसा और लूटपाट के बीच यूरोपीय पर्यटकों को ट्यूनीशिया से वापस लाना शुरू कर दिया है. टूर ऑपरेटर थॉमस कुक ने शुक्रवार को ही ट्यूनीशिया से लगभग 6,000 पर्यटकों को वापस लाना शुरू कर दिया था. थॉमस कुक के प्रवक्ता मथियास ब्रेंड्स ने बताया कि कंपनी कई विशेष उड़ानों से वहां बाकी बचे 1800 सैलानियों को भी जल्द ही वापस ले आएगी. शुक्रवार को ट्यूनीशिया में हवाई अड्डों के बंद होने से लोगों का वापस आना मुश्किल हो गया था. लेकिन अब वे दोबारा खुल गए हैं.

शनिवार को ट्यूनीशिया में संवैधानिक परिषद ने संसद के स्पीकर फ़वाद मेबेज़ा को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया है. इस तरह से संवैधानिक परिषद ने औपचारिक तौर पर बेन अली के सत्ता में लौटने के सभी दरवाज़े बंद कर दिए हैं. राष्ट्रपति बेन अली सऊदी अरब भाग गए हैं. परिषद ने यह भी कहा है कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 60 दिनों के भीतर ही आयोजित हो जाने चाहिए.

रिपोर्ट: एजंसियां/ईशा भाटिया

संपादन: ए जमाल

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