ट्रंप के ट्रैवल बैन को सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी

इस ट्रैवल बैन के तहत मुख्य रूप से 6 मुस्लिम बहुल देशों के लोगों के अमेरिका आने पर प्रतिबंध होगा. कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि वे ट्रैवल बैन को पूरे प्रभाव के साथ लागू करने की अनुमति देते हैं.

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने डॉनल्ड ट्रंप के विवादित ट्रैवल बैन को आंशिक रूप से मंजूरी दे दी है. इस ट्रैवल बैन के तहत मुख्य रूप से 6 मुस्लिम देशों के लोगों पर अमेरिका आने पर बैन होगा. ट्रंप के ट्रैवल बैन में 6 मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों के अमेरिका में आने पर 90 दिनों की पाबंदी और शरणार्थियों पर 120 दिनों के प्रतिबंध की बात शामिल है. इन 6 मुस्लिम देशों में ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन हैं. पहले इसमें इराक भी शामिल था जिसे बाद में लिस्ट से हटा लिया गया. ट्रंप के शुरुआती ट्रैवल बैन में अमेरिका में सीरिया के शरणार्थियों पर पूरी तरह प्रतिबंध की बात कही गयी थी.

जजों ने कहा कि अक्टूबर में इस पूरे मामले की समीक्षा की जायेगी और फिलहाल यह बैन 6 देशों के उन लोगों पर लगाया जा सकता है, जिनका प्रामाणिक रूप से कोई रिश्तेदार या परिचित व्यक्ति अमेरिका में नहीं रह रहा है. कोर्ट ने कहा कि यह बैन उन लोगों पर नहीं लगाया जाएगा जिनका अमेरिका में रहने वाले किसी व्यक्ति से वाकई कोई संबंध है या जिनको अमेरिका के किसी विश्वविद्यालय में पढ़ाई के लिए आना है. फिर भी इस फैसले को ट्रंप की जीत की तरह देखा जा रहा है. उन्होंने तमाम आलोचनाओं के बावजूद इस बात पर जोर दिया था कि देश की रक्षा के लिए यह ट्रैवल बैन आवश्यक है.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

वादों पर अमल

ट्रंप ने राष्ट्रपति के रूप में दो हफ्ते से भी कम समय के भीतर 17 अध्यादेश जारी किए हैं. वैसे इतने ही अध्यादेश ओबामा ने भी जारी किए थे. लेकिन जिस तरह के अध्यादेश ट्रंप ने जारी किए हैं, उनसे सब हैरान हैं. लगता है वह अपने चुनावी वादों को पूरा करने में जुटे हैं.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

है क्या अध्यादेश

अध्यादेश के जरिए राष्ट्रपति अमेरिकी एजेंसियों को आदेश दे सकते हैं और इसके लिए अमेरिकी संसद की अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ती. किसी आदेश को तेजी से लागू कराने के लिए अध्यादेश का सहारा लिया जाता है.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

ओबामा केयर को कमजोर करना

अपने पहले अध्यादेश ने ट्रंप ने किफायती स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने वाले ओबामा कार्यकाल के कानून पर निशाना साधा है. हालांकि ट्रंप के लिए अकेले दम पर इस कानून को खत्म करना संभव नहीं है, लेकिन उनके अध्यादेश से इसे लागू करने में कई दिक्कतें आएंगी.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

गर्भपात

ट्रंप ने उस नीति को फिर से लागू कर दिया है जो गर्भपात के लिए काउंसलिंग और गर्भपात के अधिकारों के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों की सरकारी फंडिंग पर रोक लगाती है. पहली बार इसे रिपब्लिकन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने लागू किया था. लेकिन बिल क्लिंटन और ओबामा जैसे डेमोक्रैट राष्ट्रपतियों ने इसे किनारे रख दिया तो रिपब्लिकन जॉर्ज बुश ने इसे लागू किया था.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों की वापसी

ट्रंप ने प्रत्यर्पण के दायरे को बढ़ाने का आदेश दिया है. वह चाहते हैं कि बिना दस्तावेज के अपने यहां लोगों को रखने वाले शहर से पैसा वसूला जाए और संदिग्ध अपराधी अप्रवासियों को हिरासत में लिया जाए. ट्रंप 10 हजार नए इमिग्रेशन एजेंट भर्ती करना चाहते हैं.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

दीवार

25 जनवरी को ट्रंप ने मेक्सिको से लगने वाली अमेरिका की सीमा पर दीवार बनाने वाले अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए. इस दीवार को बनाने की बात चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने बार बार कही थी. ट्रंप ने अमेरिका में बिना दस्तावेजों के रह रहे अप्रवासियों को “हटाये जाने योग्य विदेशी” कहा है.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

वीजा बैन

ट्रंप के जिस अध्यादेश को लेकर शायद दुनिया में सबसे ज्यादा आलोचना हो रही है, वह है सात मुस्लिम बहुल देशों के लोगों के अमेरिका में प्रवेश पर अस्थायी रोक. उनके आलोचक जहां इसे धर्म के आधार पर भेदभाव का नाम दे रहे हैं, वहीं ट्रंप इसे देश को हमलों से सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी बता रहे हैं.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

अमेरिका टीपीपी से बाहर

जब ट्रंप ट्रांस-पैसेफिक पार्टनरशिप से बाहर हुए किसी को ज्यादा हैरानी नहीं हुई. अपने चुनावी अभियान में भी उन्होंने यह कहकर इस संधि की आलोचना की थी कि अमेरिका की कीमत पर अन्य देशों को इसका फायदा हो रहा है.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

पाइपलाइन

राष्ट्रपति कार्यालय में ट्रंप का चौथा दिन पाइपलाइनों से जुड़ा था. इनमें डकोटा एक्सेस पाइपलाइन का निर्माण, कीस्टोन पाइपलाइन का निर्माण जारी रखना और सभी पाइपलाइनों के निर्माण में अमेरिकी सामान का इस्तेमाल करना शामिल था. ओबामा ने पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं को देखते हुए दोनों पाइपलाइनों को मंजूरी नहीं दी थी.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

सेना का विस्तार लेकिन...

ट्रप ने सेना में नए सैनिकों की भर्ती, नए सैन्य साजोसामान की खरीद और परमाणु हथियारों को आधुनिक बनाने का आदेश दिया है. लेकिन अन्य संघीय सिविल एजेंसियों में भर्ती पर उन्होंने 90 दिन की रोक लगा दी है, ताकि प्रशासन कर्मचारियों की संख्या को कम करने की दीर्घकालीन योजना तैयार कर सके.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

बड़ा बदलाव

ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में बड़े बदलावों का एलान किया है जिससे स्टीफन बैनन का कद बढ़ेगा. विदेश नीति से जुड़े अहम फैसले करने वाली इस परिषद से ट्रंप ने कई वरिष्ठ सदस्यों की छुट्टी कर दी है जबकि दक्षिणपंथी विचारों के लिए मशहूर ट्रंप के मुख्य रणनीतिकार को इसमें शामिल किया गया है.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

नियमों पर निशाना

ट्रंप चाहते हैं कि संघीय एजेंसियां जब भी कोई नया नियम बनाएं तो पुराने दो कानून खत्म कर दें. उन्होंने नए नियम बनाने पर फिलहाल रोक लगा दी है. ट्रंप की तरफ से नियुक्त विभाग पहले स्थिति की समीक्षा करेगा और फिर इस बारे में आगे कदम बढाया जाएगा.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

एच1बी वीजा

ट्रंप ने एच1बी वीजा से जुड़े नियमों में भी बदलाव का आदेश दिया है. इससे अमेरिका में काम कर रहे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स प्रभावित होंगे. पहले 60 हजार डॉलर प्रति वर्ष के वेतन पर एच1बी वीजा मिल जाता है, लेकिन अब इसके लिए एक लाख तीस हजार डॉलर की शर्त रखी जा रही है.

ट्रंप के इन कदमों से मची है खलखली

किसके कितने अध्यादेश

ट्रंप से पहले बराक ओबामा आठ साल तक अमेरिकी राष्ट्रपति रहे और इस दौरान उन्होंने कुल 277 अध्यादेशों पर हस्ताक्षर किये. इस मामले में ओबामा जॉर्ज बुश से पीछे रहे जिन्होंने बतौर राष्ट्रपति अपने आठ साल में 291 अध्यादेश निकाले थे.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह ट्रैवल बैन पेशेवर, संगठित और समयबद्ध तरीके के 72 घंटे के भीतर लागू कर दिया जायेगा. कोर्ट के फैसले पर ट्रंप ने कहा कि एक राष्ट्रपति के तौर पर मैं उन लोगों को अपने देश में आने की स्वीकृति नहीं दे सकता जो हमें नुकसान पहुंचाना चाहते हों. उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि अमेरिका के भविष्य, सुरक्षा और संरक्षा के लिए यह एक महान दिन है. मैं अमेरिका के लोगों के लिए लड़ूंगा और जीतूंगा.

एसएस/एमजे (एएफपी)

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