ट्रेन की छत से गिर कर पंद्रह युवकों की मौत

भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में भर्ती के बाद वापस हो रहे करीब 15 बेरोजगारों की शाहजहांपुर के फिरोजपुर में हथौड़ा ओवरब्रिज से टकरा कर मौत हो गई है. दर्जन भर से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हैं.

संपादन: एस गौड़

बावर्ची, धोबी, दफ्तरी और बढ़ई जैसे करीब सवा चार सौ पदों के लिए भर्ती होने लगभग पौने दो लाख बेरोजगार बरेली पहुंच गए. वापसी में जो ट्रेन मिली उसकी छतों पर चढ़ गए. वापसी के सफर में एक ओवरब्रिज की चपेट में आकर 15 की मौत हो गई और दर्जन भर घायल हो गए.

इस घटना के बाद गुस्साए युवकों ने शाहजहांपुर स्टेशन पर जम्मू तवी एक्सप्रेस के एसी डिब्बों में आग लगा दी और जमकर हंगामा किया. इसी ट्रेन की छत पर सवार छात्र ओवरब्रिज की चपेट में आ गए थे.

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इस घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा है कि कम पुलिस बल मुहैया कराने के कारण यह घटना हुई. जबकि राज्य सरकार का कहना है कि छह कंपनी अतिरिक्त पीएसी बल उपलब्ध कराया गया था.

विशेष पुलिस महानिदेशक बृज लाल ने तिब्बत पुलिस के अफसरों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बरेली स्थित कुमायूं सेक्टर के मुख्यालय ने यह अवगत ही नहीं कराया कि बावर्ची, बढ़ई, धोबी , दफ्तरी और इसी तरह के ट्रेड्स मैन के पदों पर 11 राज्यों से आवेदन पत्र मांगे गए हैं.

इन लोगों ने नहीं बताया कि इतनी बड़ी संख्या में बेरोजगार बरेली आ सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बरेली प्रशासन से आईटीबीपी के अफसरों ने समन्वय ही नहीं किया. प्रशासन ने पहल कर स्थिति को काबू में किया.

गौरतलब है कि आईटीबीपी ने पहली फरवरी को भर्ती के लिए 11 राज्यों से आवेदन पत्र मांगे थे. आईटीबीपी के प्रवक्ता के मुताबिक इसके लिए एक महीने का समय दिया गया था. बरेली स्थित मुख्यालय में विभिन्न ट्रेड्स मैन के 416 पदों पर भर्ती होनी थी.

मंगलवार को भर्ती से एक दिन पहले ही बरेली में करीब 80 हजार बेरोजगार पहुंच गए और मंगलवार तक इनकी संख्या बढ़कर करीब पौने दो लाख हो गई. हालत यह थी कि बुखारा स्थित कुमायूं सेक्टर के मुख्यालय तक बेरोजगार ही बेरोजगार दिख रहे थे.

बरेली में हंगामा उस समय शुरू हो गया जब तिब्बत पुलिस के अफसरों ने दोपहर के बाद फार्म लेना बंद कर दिया. इस पर गुस्साए बेरोजगारों ने पहले पत्थरबाजी की और बाद में जो वाहन मिला उसे फूंकने लगे. जवाब में तिब्बत पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया जिससे करीब 15 घायल हो गए. बदायूं रोड पर करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा. गुस्साए लोगों ने रोडवेज की कई बसों को भी आग लगा दी.

बेरोजगारों के इतनी बड़ी संख्या में बरेली पहुंचने से पूरा शहर अस्त व्यस्त हो गया. दोपहर बाद भर्ती से वापस होने के लिए बरेली जंक्शन पर जो भी ट्रेन आ रही थी उसकी बोगियों की छतों पर ही नहीं इंजन पर भी ये बेरोजगार चढ़ कर वापस अपने अपने शहर जा रहे थे . इस भर्ती में शामिल होने के लिए झारखंड तक से बेरोजगार पहुंचे थे.

लखनऊ की ओर आ रही जम्मू तवी ट्रेन की छत और इंजन पर भी ये लोग चढ़े हुए थे कि शाहजहांपुर के फिरोजपुर के पास हथौड़ा ओवरब्रिज की चपेट में आकर कई अभ्यर्थी ट्रेन से गिर गए. अभी तक 15 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है लेकिन यह संख्या इससे अधिक होने की आशंका है. बरेली के आलमनगर से शाहजहांपुर तक रेल ट्रैक की बिजली काट दी गई है और लखनऊ से रिलीफ ट्रेन भी शाहजहांपुर के लिए रवाना कर दी गई.

ट्रेन के शाहजहांपुर में रुकते ही युवकों ने हंगामा शुरू कर दिया और ट्रेन के एसी कोच में आग लगा दी. स्टेशन पर जो भी मिला उसे तोड़ दिया और स्टेशन के ज्यादातर दफ्तरों को आग लगा दी. देर शाम तक आग बुझाई जा रही थी और पुलिस किसी तरह हालात को काबू में करने का प्रयास कर रही थी.

रिपोर्ट: सुहैल वहीद, लखनऊ

संपादन: एस गौड़

लखनऊ की ओर आ रही जम्मू तवी ट्रेन की छत और इंजन पर भी ये लोग चढ़े हुए थे कि शाहजहांपुर के फिरोजपुर के पास हथौड़ा ओवरब्रिज की चपेट में आकर कई अभ्यर्थी ट्रेन से गिर गए. अभी तक 15 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है लेकिन यह संख्या इससे अधिक होने की आशंका है. बरेली के आलमनगर से शाहजहांपुर तक रेल ट्रैक की बिजली काट दी गई है और लखनऊ से रिलीफ ट्रेन भी शाहजहांपुर के लिए रवाना कर दी गई.

ट्रेन के शाहजहांपुर में रुकते ही युवकों ने हंगामा शुरू कर दिया और ट्रेन के एसी कोच में आग लगा दी. स्टेशन पर जो भी मिला उसे तोड़ दिया और स्टेशन के ज्यादातर दफ्तरों को आग लगा दी. देर शाम तक आग बुझाई जा रही थी और पुलिस किसी तरह हालात को काबू में करने का प्रयास कर रही थी.

रिपोर्ट: सुहैल वहीद, लखनऊ

संपादन: एस गौड़

मंगलवार को भर्ती से एक दिन पहले ही बरेली में करीब 80 हजार बेरोजगार पहुंच गए और मंगलवार तक इनकी संख्या बढ़कर करीब पौने दो लाख हो गई. हालत यह थी कि बुखारा स्थित कुमायूं सेक्टर के मुख्यालय तक बेरोजगार ही बेरोजगार दिख रहे थे.

बरेली में हंगामा उस समय शुरू हो गया जब तिब्बत पुलिस के अफसरों ने दोपहर के बाद फार्म लेना बंद कर दिया. इस पर गुस्साए बेरोजगारों ने पहले पत्थरबाजी की और बाद में जो वाहन मिला उसे फूंकने लगे. जवाब में तिब्बत पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया जिससे करीब 15 घायल हो गए. बदायूं रोड पर करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा. गुस्साए लोगों ने रोडवेज की कई बसों को भी आग लगा दी.

बेरोजगारों के इतनी बड़ी संख्या में बरेली पहुंचने से पूरा शहर अस्त व्यस्त हो गया. दोपहर बाद भर्ती से वापस होने के लिए बरेली जंक्शन पर जो भी ट्रेन आ रही थी उसकी बोगियों की छतों पर ही नहीं इंजन पर भी ये बेरोजगार चढ़ कर वापस अपने अपने शहर जा रहे थे . इस भर्ती में शामिल होने के लिए झारखंड तक से बेरोजगार पहुंचे थे.

लखनऊ की ओर आ रही जम्मू तवी ट्रेन की छत और इंजन पर भी ये लोग चढ़े हुए थे कि शाहजहांपुर के फिरोजपुर के पास हथौड़ा ओवरब्रिज की चपेट में आकर कई अभ्यर्थी ट्रेन से गिर गए. अभी तक 15 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है लेकिन यह संख्या इससे अधिक होने की आशंका है. बरेली के आलमनगर से शाहजहांपुर तक रेल ट्रैक की बिजली काट दी गई है और लखनऊ से रिलीफ ट्रेन भी शाहजहांपुर के लिए रवाना कर दी गई.

ट्रेन के शाहजहांपुर में रुकते ही युवकों ने हंगामा शुरू कर दिया और ट्रेन के एसी कोच में आग लगा दी. स्टेशन पर जो भी मिला उसे तोड़ दिया और स्टेशन के ज्यादातर दफ्तरों को आग लगा दी. देर शाम तक आग बुझाई जा रही थी और पुलिस किसी तरह हालात को काबू में करने का प्रयास कर रही थी.

रिपोर्ट: सुहैल वहीद, लखनऊ

संपादन: एस गौड़

विशेष पुलिस महानिदेशक बृज लाल ने तिब्बत पुलिस के अफसरों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बरेली स्थित कुमायूं सेक्टर के मुख्यालय ने यह अवगत ही नहीं कराया कि बावर्ची, बढ़ई, धोबी , दफ्तरी और इसी तरह के ट्रेड्स मैन के पदों पर 11 राज्यों से आवेदन पत्र मांगे गए हैं.

इन लोगों ने नहीं बताया कि इतनी बड़ी संख्या में बेरोजगार बरेली आ सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बरेली प्रशासन से आईटीबीपी के अफसरों ने समन्वय ही नहीं किया. प्रशासन ने पहल कर स्थिति को काबू में किया.

गौरतलब है कि आईटीबीपी ने पहली फरवरी को भर्ती के लिए 11 राज्यों से आवेदन पत्र मांगे थे. आईटीबीपी के प्रवक्ता के मुताबिक इसके लिए एक महीने का समय दिया गया था. बरेली स्थित मुख्यालय में विभिन्न ट्रेड्स मैन के 416 पदों पर भर्ती होनी थी.

मंगलवार को भर्ती से एक दिन पहले ही बरेली में करीब 80 हजार बेरोजगार पहुंच गए और मंगलवार तक इनकी संख्या बढ़कर करीब पौने दो लाख हो गई. हालत यह थी कि बुखारा स्थित कुमायूं सेक्टर के मुख्यालय तक बेरोजगार ही बेरोजगार दिख रहे थे.

बरेली में हंगामा उस समय शुरू हो गया जब तिब्बत पुलिस के अफसरों ने दोपहर के बाद फार्म लेना बंद कर दिया. इस पर गुस्साए बेरोजगारों ने पहले पत्थरबाजी की और बाद में जो वाहन मिला उसे फूंकने लगे. जवाब में तिब्बत पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया जिससे करीब 15 घायल हो गए. बदायूं रोड पर करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा. गुस्साए लोगों ने रोडवेज की कई बसों को भी आग लगा दी.

बेरोजगारों के इतनी बड़ी संख्या में बरेली पहुंचने से पूरा शहर अस्त व्यस्त हो गया. दोपहर बाद भर्ती से वापस होने के लिए बरेली जंक्शन पर जो भी ट्रेन आ रही थी उसकी बोगियों की छतों पर ही नहीं इंजन पर भी ये बेरोजगार चढ़ कर वापस अपने अपने शहर जा रहे थे . इस भर्ती में शामिल होने के लिए झारखंड तक से बेरोजगार पहुंचे थे.

लखनऊ की ओर आ रही जम्मू तवी ट्रेन की छत और इंजन पर भी ये लोग चढ़े हुए थे कि शाहजहांपुर के फिरोजपुर के पास हथौड़ा ओवरब्रिज की चपेट में आकर कई अभ्यर्थी ट्रेन से गिर गए. अभी तक 15 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है लेकिन यह संख्या इससे अधिक होने की आशंका है. बरेली के आलमनगर से शाहजहांपुर तक रेल ट्रैक की बिजली काट दी गई है और लखनऊ से रिलीफ ट्रेन भी शाहजहांपुर के लिए रवाना कर दी गई.

ट्रेन के शाहजहांपुर में रुकते ही युवकों ने हंगामा शुरू कर दिया और ट्रेन के एसी कोच में आग लगा दी. स्टेशन पर जो भी मिला उसे तोड़ दिया और स्टेशन के ज्यादातर दफ्तरों को आग लगा दी. देर शाम तक आग बुझाई जा रही थी और पुलिस किसी तरह हालात को काबू में करने का प्रयास कर रही थी.

रिपोर्ट: सुहैल वहीद, लखनऊ

संपादन: एस गौड़

बावर्ची, धोबी, दफ्तरी और बढ़ई जैसे करीब सवा चार सौ पदों के लिए भर्ती होने लगभग पौने दो लाख बेरोजगार बरेली पहुंच गए. वापसी में जो ट्रेन मिली उसकी छतों पर चढ़ गए. वापसी के सफर में एक ओवरब्रिज की चपेट में आकर 15 की मौत हो गई और दर्जन भर घायल हो गए.

इस घटना के बाद गुस्साए युवकों ने शाहजहांपुर स्टेशन पर जम्मू तवी एक्सप्रेस के एसी डिब्बों में आग लगा दी और जमकर हंगामा किया. इसी ट्रेन की छत पर सवार छात्र ओवरब्रिज की चपेट में आ गए थे.

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने इस घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा है कि कम पुलिस बल मुहैया कराने के कारण यह घटना हुई. जबकि राज्य सरकार का कहना है कि छह कंपनी अतिरिक्त पीएसी बल उपलब्ध कराया गया था.

विशेष पुलिस महानिदेशक बृज लाल ने तिब्बत पुलिस के अफसरों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बरेली स्थित कुमायूं सेक्टर के मुख्यालय ने यह अवगत ही नहीं कराया कि बावर्ची, बढ़ई, धोबी , दफ्तरी और इसी तरह के ट्रेड्स मैन के पदों पर 11 राज्यों से आवेदन पत्र मांगे गए हैं.

इन लोगों ने नहीं बताया कि इतनी बड़ी संख्या में बेरोजगार बरेली आ सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बरेली प्रशासन से आईटीबीपी के अफसरों ने समन्वय ही नहीं किया. प्रशासन ने पहल कर स्थिति को काबू में किया.

गौरतलब है कि आईटीबीपी ने पहली फरवरी को भर्ती के लिए 11 राज्यों से आवेदन पत्र मांगे थे. आईटीबीपी के प्रवक्ता के मुताबिक इसके लिए एक महीने का समय दिया गया था. बरेली स्थित मुख्यालय में विभिन्न ट्रेड्स मैन के 416 पदों पर भर्ती होनी थी.

मंगलवार को भर्ती से एक दिन पहले ही बरेली में करीब 80 हजार बेरोजगार पहुंच गए और मंगलवार तक इनकी संख्या बढ़कर करीब पौने दो लाख हो गई. हालत यह थी कि बुखारा स्थित कुमायूं सेक्टर के मुख्यालय तक बेरोजगार ही बेरोजगार दिख रहे थे.

बरेली में हंगामा उस समय शुरू हो गया जब तिब्बत पुलिस के अफसरों ने दोपहर के बाद फार्म लेना बंद कर दिया. इस पर गुस्साए बेरोजगारों ने पहले पत्थरबाजी की और बाद में जो वाहन मिला उसे फूंकने लगे. जवाब में तिब्बत पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया जिससे करीब 15 घायल हो गए. बदायूं रोड पर करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा. गुस्साए लोगों ने रोडवेज की कई बसों को भी आग लगा दी.

बेरोजगारों के इतनी बड़ी संख्या में बरेली पहुंचने से पूरा शहर अस्त व्यस्त हो गया. दोपहर बाद भर्ती से वापस होने के लिए बरेली जंक्शन पर जो भी ट्रेन आ रही थी उसकी बोगियों की छतों पर ही नहीं इंजन पर भी ये बेरोजगार चढ़ कर वापस अपने अपने शहर जा रहे थे . इस भर्ती में शामिल होने के लिए झारखंड तक से बेरोजगार पहुंचे थे.

लखनऊ की ओर आ रही जम्मू तवी ट्रेन की छत और इंजन पर भी ये लोग चढ़े हुए थे कि शाहजहांपुर के फिरोजपुर के पास हथौड़ा ओवरब्रिज की चपेट में आकर कई अभ्यर्थी ट्रेन से गिर गए. अभी तक 15 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है लेकिन यह संख्या इससे अधिक होने की आशंका है. बरेली के आलमनगर से शाहजहांपुर तक रेल ट्रैक की बिजली काट दी गई है और लखनऊ से रिलीफ ट्रेन भी शाहजहांपुर के लिए रवाना कर दी गई.

ट्रेन के शाहजहांपुर में रुकते ही युवकों ने हंगामा शुरू कर दिया और ट्रेन के एसी कोच में आग लगा दी. स्टेशन पर जो भी मिला उसे तोड़ दिया और स्टेशन के ज्यादातर दफ्तरों को आग लगा दी. देर शाम तक आग बुझाई जा रही थी और पुलिस किसी तरह हालात को काबू में करने का प्रयास कर रही थी.

रिपोर्ट: सुहैल वहीद, लखनऊ

संपादन: एस गौड़

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