तिरंगा मुद्दे पर सकार ने घुटने टेकेः आडवाणी

जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के ऐतिहासिक लाल चौक पर तिरंगा फहराने के मुद्दे पर बीजेपी ने केंद्र सरकार को भी लपेटे में ले लिया और कहा कि वह अलगाववादियों के सामने घुटने टेक रही है.

वरिष्ठ बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अपने ब्लॉग में लिखा, "अगर तार्किक नजरिए से देखा जाए तो वे लोग शांति भंग कर रहे हैं, जिन्होंने एलान किया है कि तिरंगे को लाल चौक पर नहीं फहराने दिया जाएगा. उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. और निश्चित तौर पर उन लोगों के खिलाफ नहीं, जिन्होंने कहा है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से लाल चौक पर तिरंगा फहराना चाहते हैं."

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान की ओर इशारा करते हुए आडवाणी ने कहा कि बीजेपी युवा मोर्चा के लोग कोई राजनीतिक फायदा नहीं उठाना चाहते हैं, बल्कि वे तो अलगाववादियों को चुनौती देना चाहते हैं. बीजेपी नेता ने लिखा, "और सरकार उनके सामने समर्पण कर रही है." प्रधानमंत्री सिंह ने कहा है कि गणतंत्र दिवस के मौके का राजनीतिक फायदा नहीं उठाना चाहिए.

पिछले साल मई में कश्मीर

आडवाणी ने राज्य सरकार के फैसले को एक विकृत निर्णय बताते हुए कहा कि सरकार को समझना चाहिए कि वह अपने अधिकारियों के लिए कितने शर्म का काम कर रही है. जम्मू कश्मीर सरकार ने कहा है कि वह बीजेपी कार्यकर्ताओं को लाल चौक पर तिरंगा नहीं फहराने देगी.

भारत के उप प्रधानमंत्री रह चुके आडवाणी ने जिक्र किया है कि किस तरह पिछले साल ईद के दिन अलगाववादियों ने लाल चौक पर पाकिस्तान का झंडा फहरा दिया था. उन्होंने कहा कि जब वहां पाकिस्तान का झंडा फहर सकता है तो फिर भारतीय तिरंगा क्यों नहीं.

इस बीच, बीजेपी नेता अरुण जेटली ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साध दिया है. जेटली ने कहा, "सरकार ने भारतीय युवा मोर्चा के सदस्यों को गिरफ्तार किया है. उन्होंने जम्मू कश्मीर की नाकेबंदी कर दी है. यह अस्वीकार्य है. अलोकतांत्रिक है."

जेटली ने प्रधानमंत्री के बयान को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि वह कैसे सोच सकते हैं कि भारत के राष्ट्रीय ध्वज को फहराने से राष्ट्र बंटेगा.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए जमाल

संपादनः एमजी

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