न्यू हैंपशर प्राइमरी का असली विजेता

डोनाल्ड ट्रंप और बर्नी सैंडर्स को सब जानते हैं, जबकि जॉन कासिच अनजाने उम्मीदवार हैं. लेकिन स्थिति बदल सकती है. डॉयचे वेले की इनेस पोल का कहना है कि हैंपशर प्रइमरी में कैसिक के पक्ष में अप्रत्याशित नतीजे अच्छी खबर हैं.

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों की हैंपशर प्राइमरी में डोनाल्ड ट्रंप और बर्नी सैंडर्स की जीत हुई है. डेमौक्रैटिक उम्मीदवार क्लिंटन संघर्ष में हैं जबकि रिपब्लिकन कैसिक ने चौंकाया है. न्यू हैंपशर की प्राइमरी ने कई भविष्यवाणियां सही साबित की है. रिपब्लिकन प्राइमरी में अरबपति ट्रंप की भारी जीत हुई तो डेमोक्रैटों ने बर्नी सैंडर्स को जिताया. कुछ समय तक रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीद रहे मार्को रूबियो पिछले डिबेट में अपने बुरे प्रदर्शन से उबरने में नाकाम रहे. चुनाव विशेषज्ञों ने इसकी भी भविष्यवाणी की थी.

जेब बुश का निवेश

पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के बेटे जेब बुश ने रणनैतिक रूप से महत्वपूर्ण इस छोटे राज्य में जो निवेश किया था वह आखिरकार काम आया. उन्हें 11 प्रतिशत वोट मिले और आने वाले दिनों में पर्याप्त समर्थक पाने की उम्मीदें बनी हुई हैं जो महंगे प्राइमरी दौर में उनके चुनाव अभियान के लिए खर्च उठाएंगे.

इनेस पोल

डेमोक्रैटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन की हालांकि हार हुई लेकिन चुनाव की शाम अपने तगड़े भाषण से उन्होंने दिखाया है कि वे इस तरह की हारों से घबराने वाली नहीं हैं. वे भविष्य में भी लड़ने को तैयार हैं. पुराने अनुभवों को देखते हुए क्लिंटन उन राज्यों में एफ्रो अमेरिकन और लैटीनो मतदाताओं पर भरोसा कर सकती हैं, जहां अब प्राइमरी होंगी. भाषण में क्लिंटन की हर बात से भरोसा और यह विश्वास झलक रहा था कि बर्नी की जीत अब बीती बात है.

शुरुआती कामयाबी

शायद न्यू हैंपशर से कुछ नया नहीं है. एक बार फिर इस बात की पुष्टि की शुरुआती प्राइमरी में उन्हें कामयाबी मिलती है जो पार्टी संस्थानों के खिलाफ आवाज उठाते हैं. उन उम्मीदवारों को जो सारी समस्या की जड़ वाशिंगटन में देखते हैं और बड़े बड़े वादे तो करते हैं लेकिन उनके पास अमल करने को कोई कार्यक्रम नहीं होता.

ये सारी बातें सच होती यदि एक उम्मीदवार का नाम जॉन कैसिक नहीं होता. वे न्यू हैंपशर प्राइमरी के असली विजेता हैं. हालांकि विशेषज्ञ ओहायो के गवर्नर को पहले से ही खास उम्मीदवार बता रहे हैं. बुद्धिजीवी दिखने वाले और ठोस दलील करने वाले रिपब्लिकन उम्मीदवार अब तक मतदाताओं में अपनी पहचान नहीं बना पाए हैं. लेकिन न्यू हैंपशर की शाम के बाद यह स्थिति बदल जाएगी. अब कैमरों के लेंस उनके उपर है.

क्रूज और ट्रंप के हमले

यदि कैसिक अगले हफ्ते दक्षिण कैरोलाइना में अपनी दूसरी जगह बचा पाते हैं तो उनके चुनाव प्रचार को वह गति मिलेगी जिसकी चर्चा है. मतलब यह कि सकारात्मक खबरों के जरिए लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना. और चंदा देने वालों का भी जो चुनाव प्रचार के लिए अंत तक उम्मीदवारों को धन देते हैं.

ये बात ट्रंप के प्रतिद्वंद्वियों को भी मालूम है. इसलिए कुछ ही दिनों में हमलों का रुख उनकी ओर हो जाएगा. टेड क्रूज और डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्तों में अक्सर दिखाया है कि वे इन हमलों में किसी सीमा का ख्याल नहीं रखेंगे. सवाल यह है कि क्या मार्को रूबियो फिर से वापसी करते हैं, यहां पार्टी संस्थान के सामने ट्रंप को रोकने के लिए कैसिक के समर्थन के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा. हालांकि वे उदारवादी आप्रवासन नीति और सबके लिए स्वास्थ्य बीमा का समर्थन करते हैं. न्यू हैंपशर में जो फैसले हुए हैं, उनमें से ज्यादातर की लोगों को उम्मीद थी. सिर्फ जॉन कैसिक का दूसरे स्थान पर आना नया था. और यह अच्छी खबर है.

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हेल्थकेयर सुधार

सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं के दायरे में लाने के लिए राष्ट्रपति ओबामा के अफोर्डेबेल केयर एक्ट में सुधार कर स्वास्थ्य बीमा कराना सबके लिए अनिवार्य किया गया. जहां डेमोक्रेट इस 'ओबामाकेयर' के नाम पर समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं रिपब्लिकन नेता सत्ता में आते ही इसे हटाना चाहते हैं.

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आतंकवाद

अरबपति डोनाल्ड ट्रंप जैसे रिपब्लिकन उम्मीदवार अमेरिकी जनता से आतंकवाद के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाने का वादा कर रहे हैं. वहीं वे डेमोक्रेट ओबामा की आतंकरोधी नीति को कमजोर बता रहे हैं. ट्रंप तो मुसलमानों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाने तक की बात कह चुके हैं.

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आप्रवासन

ट्रंप अमेरिका और मेक्सिको की सीमा पर ऊंची दीवार बनवाना चाहते हैं ताकि मेक्सिको सीमा से अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने वालों को रोका जा सके. वहीं दूसरे उम्मीदवार बिना कागजात के अमेरिका में रहने वाले 1 करोड़ से अधिक आप्रवासियों के लिए नया आप्रवासन कानून बनाना चाहते हैं.

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गन कंट्रोल

हाल के सालों में लगातार सामने आई सामूहिक हत्या की घटनाओं से बंदूकों पर नियंत्रण की बात फिर निकली है. अपने दूसरे कार्यकाल के अंतिम साल में ओबामा ने बंदूकों पर नियंत्रण के कानून को कड़ा करने की कोशिश की है. किसी व्यक्ति को बंदूक रखने से रोकने वाले किसी भी कानून के मुद्दे पर लोगों की राय बंटी हुई है.

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गर्भपात

गर्भपात के अधिकार का मुद्दा पहले के चुनावों में भी निर्णायक रहा है. प्रो-लाइफ या प्रो-चॉइस - के खेमों में बंटे उम्मीदवार गर्भपात को बहुत संवेदनशील मुद्दा मानते हैं. रिपब्लिकन पार्टी के ज्यादातर समर्थक और रुढ़िवादी, धार्मिक अमेरिकी इसे पाप मानते हैं. वहीं एक बड़ा तबका महिला को गर्भपात का कानूनी अधिकार देने की मांग करता है.

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सामाजिक न्याय

अमेरिका में सबसे अमीर एक प्रतिशत जनता के पास सबसे गरीब 90 फीसदी लोगों के बराबर धन है. अमीर-गरीब के बीच इतनी गहरी खाई के कारण अमेरिका में यूरोप की तर्ज पर सोशल वेलफेयर सिस्टम बनने की कम ही संभावना है. लेकिन डेमोक्रैट बर्नी सैंडर्स जैसे कुछ उम्मीदवार धन और आमदनी के समुचित बंटवारे के मुद्दे को बढ़ चढ़ कर उठा रहे हैं.

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