पागलपन या पहले परमाणु हमले का असली खतरा

उत्तर कोरिया के नेता किम जॉन्ग उन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों के बाद परमाणु हथियारों को तैयार रखने के आदेश दिए हैं ताकि उनका जरूरत पड़ने पर पहला इस्तेमाल किया जा सके. एशिया में विवाद गहरा रहा है.

उत्तर कोरिया द्वारा सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों पर इस तरह से प्रतिक्रिया करने का पुराना इतिहास है. और प्रतिबंध कई बार लगाए गए हैं. इस बार अब तक सबसे सख्त प्रतिबंधों के तुरंत बाद उत्तर कोरिया ने कई रॉकेट छोड़े और अब अपने परमाणु हथियारों को तैयार रखने के आदेश दिए हैं. समाचार एजेंसी केसीएनए ने किम के हवाले से बताया है कि परमाणु हथियारों को स्टैंडबाय में रखा जाए "ताकि उन्हें किसी भी क्षण छोड़ा जा सके." उत्तर कोरियाई नेता ने यह भी कहा है कि कोरिया प्रायद्वीप पर हालत इतनी गंभीर हो गई है कि उत्तर कोरिया को अपनी सैनिक नीति बदल कर पहले हमले की करनी होगी.

तनाव के समय में उत्तर कोरिया से ऐसी बयानबाजी को प्रेक्षक सामान्य बताते हैं. यह तथ्य है कि उत्तर कोरिया के पास परमाणु शीर्षमुखों का छोटा भंडार है, लेकिन विशेषज्ञों में उन्हें मिसाइल डिलीवरी सिस्टम में डाल सकने की क्षमता पर मतभेद है. वॉशिंगटन ने किम की धमकियों को दिखावा बताया है. एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने एएफपी को बताया, "हमने उत्तर कोरिया को परमाणु हथियारों को छोटा बनाने की क्षमता को टेस्ट करते या उसका प्रदर्शन करते और उन्हें इंटर कॉन्टिनेंटल मिसाइल में डालते नहीं देखा है." अधिकारी ने कहा कि उनकी सेना जरूरत पड़ने पर हमलों को नाकाम करने के लिए तैयार है. सोल में राष्ट्रपति पार्क ग्यून हाय ने आश्वासन दिया है कि उत्तर कोरिया के उकसावे की हालत में दक्षिण कोरिया उसे सख्त सजा देगा.

उत्तर कोरियाई समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार किम ने अपनी टिप्पणी सुरक्षा परिषद के फैसले के बाद कुछ ही घंटों बाद मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर की टेस्ट फायरिंग की निरीक्षण करने के दौरान दी. सुरक्षा परिषद ने जनवरी में परमाणु परीक्षण करने और फरवरी में लंबी दूरी का रॉकेट परीक्षण करने के लिए उत्तर कोरिया के खिलाफ बुधवार को एकमत से प्रस्ताव पारित किया था. दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि गुरुवार को उत्तर कोरिया ने 100-150 किलोमीटर तक मार करने वाले करीब आधा दर्जन रॉकेट पूर्वी तट की ओर समुद्र में छोड़े. दक्षिण कोरिया के लिए साफ खतरे में किम ने कहा है कि रॉकेट लॉन्चर को हाल में विकसित दूसरे हथियारों के साथ फौरन तैनात किया जाए.

संयुक्त राष्ट्र का ताजा प्रस्ताव अब तक का सबसे सख्त प्रस्ताव है और वह खनिज निर्यात और अंतरराष्ट्रीय परिवहन जैसे उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण इलाकों पर प्रतिबंध लगाता है. अगर इन प्रतिबंधों को लागू किया जाता है तो उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था दबाव में आ जाएगी. किम ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैनिक अभ्यास से ठीक पहले एक खतरनाक चरण की शुरुआत की है. अगले सोमवार को शुरू हो रहे सैनिक अभ्यास में दोनों देशों के हजारों सैनिक भाग लेंगे. उत्तर कोरिया इन अभ्यासों को हमले का उकसावे वाला रिहर्सल मानाता है.

सुरक्षा परिषद का ताजा प्रस्ताव उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों के कारण लगाया जाने वाला पांचवा प्रतिबंध है. सबसे पहले 2006 में पहले परमाणु परीक्षण के बाद उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाए गए थे. इसके लिए अमेरिका को उत्तर कोरिया के एकमात्र महत्वपूर्ण साथी चीन से लंबी सौदेबाजी करनी पड़ी थी. चीन उत्तर कोरिया के खिलाफ सख्त प्रतिबंधों का इस डर से विरोध करता रहा है कि ज्यादा दबाव डालने से वहां की शासन व्यवस्था चरमरा जाएगी और उसकी सीमा पर अव्यवस्था फैल सकती है. उसे उत्तर कोरिया से लाखों शरणार्थियों के आने की भी आशंका है.

एमजे/आईबी (एएफपी)

उत्तर कोरिया की अजीब जिंदगी

राष्ट्रीय विचारधारा

उत्तर कोरिया अब साम्यवादी राष्ट्र नहीं है. 2009 से इस देश ने नई विचारधारा को अपनाया हुआ है जिसे यहां "जूचे" कहते हैं. इस विचारधारा का प्रस्ताव सबसे पहले किम इल सुंग ने 1955 ने दिया था जिसके अनुसार, "इंसान हर चीज का मालिक है और सब कुछ तय करता है."

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तारीखें

उत्तर कोरिया जूचे कैलेंडर पर चलता है जिसे 1997 में लागू किया गया. यह किम इल सुंग की जन्मतिथि 15 अप्रैल 1912 पर आधारित है. 1912 को पहला जूचे वर्ष माना जाता है. कैलेंडर के महीने पारंपरिक ग्रेगोरियन कैलेंडर जैसे हैं.

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उत्तर कोरिया का स्वर्ग

उत्तर कोरिया एक रूढ़िवादी देश के रूप में मशहूर है. यहां के लोग तानाशाह शासक के अधीन गरीबी और बेबसी के शिकार हैं. हालांकि मैरिजुआना के लती लोगों के लिए यह देश स्वर्ग है. यह कानूनी है और इसे ड्रग्स की श्रेणी में भी नहीं रखा गया है.

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स्टेडियम

मई 1989 को बनकर तैयार हुआ उत्तर कोरिया का रुंगराडो मे डे स्टेडियम देश का गौरव है. यहां डेढ़ लाख लोग समा सकते हैं. स्टेडियम में फुटबॉल और एथलेटिक्स जैसे खेलों के अलावा सामूहिक जिम्नास्टिक्स और कई कलात्मक उत्सवों का आयोजन होता है. यह दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम है.

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बालों का स्टाइल

सत्ता में आने के एक साल बाद उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने बालों के स्टाइल के बारे में एक नया कानून लागू किया. पुरुषों के पास केवल 10 विकल्प हैं और महिलाओं के पास 18.

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जन्मदिन मना रहे हो?

उत्तर कोरिया में 8 जुलाई और 17 दिसंबर को पैदा होने वालों को इन तारीखों में अपना जन्मदिन मनाने की अनुमति नहीं है. कारण यह कि ये दो तारीखें उनके पूर्व शासकों किम इल सुंग और किम जोंग इल की पुण्यतिथियां हैं.

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जीन्स ना पहनें

उत्तर कोरिया अमेरिका को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता है. उत्तर कोरियाई शासन ने अपने नागरिकों के जीन्स पहनने पर पाबंदी लगा रखी है. इसे अमेरिकी पहनावे के प्रतीक के रूप में देखा जाता है.

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सबसे ताकतवर

उत्तर कोरिया में सबसे ताकतवर शख्स यानि किम जोंग उन. वह देश के सबसे युवा तानाशाह शासक हैं जिन्हें अत्यंत क्रूर माना जाता है. हालांकि वे अपने हेयरस्टाइल के लिए खासे मशहूर हैं. लेकिन उनके जैसा हेयरस्टाइल बनवाने की किसी और को अनुमति नहीं.

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