पुणे के अधिकारी को आईएस की धमकी

पुणे में एक 16 साल की लड़की को आईएस में भर्ती होने की ट्रेनिंग से रोकने वाले पुलिस अधिकारी को जान से मारने की धमकी मिली है. पत्र लिखने वाले ने आईएस से संबंधित होने के संकेत दिए.

यह पत्र महाराष्ट्र के आतंक निरोधक दस्ते के एसीपी भानुप्रताप बर्गे के नाम लिखा गया है. पत्र में उन्हें और उनके पिरवार को भारी खामियाजा भुगतने की धमकी दी गई है. धमकी मिलने के बाद से उनके आवास और कार्यालय पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पुलिस के मुताबिक पुणे की इस 16 वर्षीय स्कूल छात्रा की गतिविधियों पर कई दिन नजर रखने के बाद महाराष्ट्र के आतंक निरोधक दस्ते ने लड़की से पूछताछ की थी.

पुलिस के मुताबिक यह लड़की इंटरनेट पर आईएस के बारे में पढ़ पढ़ कर उससे प्रभावित हुई और सीरिया जाने की फिराक में थी. बर्गे इस लड़की से पूछताछ करने और उसके सुधार कार्यक्रम का हिस्सा थे. टीवी पर आईएस के बारे में डॉक्यूमेंट्री और अन्य कार्यक्रम देख कर प्रभावित हुई यह लड़की न्यूज चैनलों पर आईएस से जुड़ी खबरों में खास रुचि लेने लगी.

बर्गे के हवाले से हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है, "लड़की ने आईएस से संपर्क साधने के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल किया और अलग अलग देशों से करीब 200 युवा लोगों से संपर्क साधा. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उससे मेडिकल की पढ़ाई और आगे की शुरुआत के लिए सीरिया आने को कहा गया था." उनके मुताबिक परिवार वालों और समुदाय के अन्य सदस्यों की मदद से चलाए जा रहे सुधार कार्यक्रम में काफी सराहनीय नतीजे सामने आने लगे थे.

एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह संदेश ईमेल नहीं बल्कि चिट्ठी के रूप में आया है. इसे मुंबई पुलिस को जांच के लिए सौंप दिया गया है और अधिकारियों से चौकन्ना रहने को कहा गया है. पुणे में आतंक निरोधक दस्ता पिछले कुछ महीने से अत्यधिक सक्रिय रूप से काम कर रहा है. पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पत्र कहां से डाला गया था.

आईएस से जुड़े पांच तथ्य

आईएस में भर्ती

सीरिया और इराक के कुछ हिस्सों पर कब्जा करने वाले इस आतंकी गुट ने 29 जून 2014 को खिलाफत का एलान किया. तब से अब तक संगठन ने अपनी संख्या बढ़ाने में बड़ी कामयाबी पाई है. रिपोर्टों के मुताबिक 2011 से अब तक आईएस में 90 देशों से 20,000 से ज्यादा लोग भर्ती हुए हैं.

आईएस से जुड़े पांच तथ्य

इतिहास को नुकसान

सीरिया में कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जगहों को आईएस ने भारी नुकसान पहुंचाया है. ऐतिहासिक इमारतों और संग्रहालयों में लूटपाट की घटनाएं सामने आई हैं. आईएस ने इनसे मिली रकम का इस्तेमाल खुद को मजबूत करने में किया है.

आईएस से जुड़े पांच तथ्य

कत्लेआम

आईएस की क्रूरता किसी से छुपी नहीं है. आईएस की ओर से अक्सर जारी किए जाने वाले वीडियो उसके जुल्म की गवाही देते हैं. लोगों का सिर कलम कर देना, गर्दन रेत देना या जिंदा जला देना इनके आम कुकृत्य हैं.

आईएस से जुड़े पांच तथ्य

तकनीक के जानकार

यह आतंकवादी संगठन आधुनिक दौर में तकनीक की अहमियत समझता है. अपने प्रचार के लिए ये आतंकी गुट सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल करता है. अपने वीडियो बनाने में ये संगीत, एक्शन सीन इत्यादि का इस्तेमाल कर रिलीज करते हैं, जिससे और लोगों को अपने साथ जुड़ने के लिए प्रेरित कर सकें.

आईएस से जुड़े पांच तथ्य

खर्च

आईएस के पास इतना पैसा है कि वह अपनी आतंकवादी गतिविधियों को आराम से अंजाम दे रहा है. उसने डोनेशन पाने का अपने लिए एक मजबूत तंत्र भी विकसित कर लिया है. आतंकी संगठन धन जुटाने के लिए बंधक बनाता है और ब्लैकमेल भी करता है. कई छोटी बड़ी कंपनियां भी इसका निशाना बनी हैं.

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