फ्रांस में कुचल दी जाएंगी यहूदी-विरोधी भावनाएं

फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने देश से वादा किया कि यहूदी-विरोधी भावनाओं को पनपने नहीं दिया जाएगा.

हाल ही में जिस यहूदी कब्रगाह में तोड़फोड़ की गई थी, वहां खड़े होकर राष्ट्रपति माक्रों ने यहूदी विरोधी सोच और हरकतों को बर्दाश्त ना करने का वादा किया. राष्ट्रपति माक्रों ने कहा, "हम इसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे. कानून बनाएंगे और सजा देंगे."

पूर्व राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद, निकोलास सरकोजी और पेरिस की मेयर आने हिडाल्गो समेत कई नेताओं ने पेरिस में इकट्ठे हुए हजारों लोगों का साथ दिया. ओलांद ने कहा, "यहूदी-विरोध पाप है. यह लोकतंत्र पर हमले जैसा है."

पेरिस के बाहर एल्सेस इलाके के एक गांव में यहूदी कब्रगाह में करीब 80 कब्रों के पत्थरों पर तोड़फोड़ की गई थी. स्थानीय अखबार में छपी तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कब्र के पत्थरों पर उल्टे स्वास्तिक जैसा नाजी चिन्ह बनाया गया.

यहूदी विरोध हाल में घटी कोई पहली घटना नहीं है. प्रशासन के मुताबिक 2017 के मुकाबले 2018 में यहूदी-विरोधी घटनाएं 74 फीसदी बढ़ गईं. केवल 2018 में ही देश में 541 ऐसी वारदातें दर्ज की गई थीं. हाल ही में प्रसिद्ध यहूदी दार्शनिक एलेन फिंकेलक्राउत को भी नस्लभेदी अपमान का सामना करना पड़ा था. यह घटना तब घटी जब वे येलो वेस्ट प्रदर्शनकारियों के सामने पड़ गए थे.

फ्रांस में हो रहे ऐसे अपराधों की निंदा यहूदी राष्ट्र इस्राएल ने भी की है. इस्राएल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने फ्रांस और यूरोप के नेताओं का आह्वान करते हुए एंटी-सेमिटिज्म के खिलाफ एकजुट होने की मांग की है. उन्होंने कहा, "यह एक ऐसा प्लेग है जो सबको खा जाएगा, सिर्फ हमें नहीं. यह जहां भी सिर उठाए इसे कुचल देना चाहिए."

यहूदी कब्रगाह से लौटने के बाद प्लासा दे ला रिपब्लिक में आयोजित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बजाय माक्रों पेरिस के होलोकॉस्ट मेमोरियल गए. यह विरोध प्रदर्शन अति वाम से लेकर अति दक्षिणपंथी पार्टियों ने संयुक्त रूप से आयोजित किया था. इसमें धुर दक्षिणपंथी नेता मारीन ले पेन को आमंत्रित नहीं किया गया था. इस राष्ट्रीय रैली में शामिल आयोजनकर्ता पार्टियों पर भी आम लोगों ने आरोप लगाए कि वे खुद भी देश में यहूदी विरोधी भावनाएं फैलाने वाली हरकतों के प्रति आंखें मूंदे हुए हैं.

आरपी/एए (डीपीए)

क्या यहूदियों के लिए इस्राएल ही सबसे सुरक्षित?

रूस

आंकड़ों के मुताबिक देश के भीतर दाखिल होने वाले यहूदियों में से तकरीबन 10 हजार रूस से आए हैं, जो साल 2017 के आंकड़ों की तुलना में 45 फीसदी अधिक है.

क्या यहूदियों के लिए इस्राएल ही सबसे सुरक्षित?

यूक्रेन

वहीं रूस की तुलना में यूक्रेन से पिछले सालों की तुलना में कम यहूदी इस्राएल पहुंचे हैं. साल 2018 के दौरान यह संख्या करीब साढ़े छह हजार रही.

क्या यहूदियों के लिए इस्राएल ही सबसे सुरक्षित?

अर्जेंटीना

अर्जेंटीना से जाने वाले यहूदियों की संख्या 17 फीसदी बढ़ी लेकिन इसके बावजूद वहां से जाने वाले आप्रवासियों की कुल संख्या तकरीबन 330 ही रही.

क्या यहूदियों के लिए इस्राएल ही सबसे सुरक्षित?

अमेरिका और कनाडा

अमेरिका और कनाडा से जाने वाले यहूदियों की संख्या 3500 के आंकड़ें पर स्थिर रही. हालांकि फ्रांस से आने वाले यहूदियों की संख्या में तकरीबन 25 फीसदी की कमी आई और ये संख्या 2500 के करीब रही.

क्या यहूदियों के लिए इस्राएल ही सबसे सुरक्षित?

ब्रिटेन और ब्राजील

दोनों ही देशों से इस्राएल जाने वाले यहूदियों की संख्या में करीब चार फीसदी की कमी आई. ब्रिटेन से जाने वालों की संख्या जहां 660 रही तो वहीं ब्राजील में यह आंकड़ा 330 के करीब रहा.

क्या यहूदियों के लिए इस्राएल ही सबसे सुरक्षित?

अब तक कितने?

1948 में इस्राएल के गठन के बाद से अब तक करीब 30 लाख यहूदियों ने उस देश को अपना घर बनाया है. इस्राएल और उसके आसपास के इलाके में दुनिया भर के करीब 40 फीसदी यहूदी रहते हैं.

क्या यहूदियों के लिए इस्राएल ही सबसे सुरक्षित?

देश का कानून

साल 1950 में इस्राएल में एक कानून, "लॉ ऑफ रिटर्न" पारित किया गया. यह कानून सभी यहूदियों को इस्राएल जाने और नागरिकता प्राप्त करने का अधिकार देता है बशर्ते किसी के खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक मामला नहीं हो.

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