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बच्चों का दुश्मन क्रूर कोनी

२२ फ़रवरी २०१३

कौन है जोसेफ कोनी? बाल सैनिकों को नियुक्त करने, आम लोगों को मारने और किशोरियों को यौन गुलाम बनाने वाले कोनी को पकड़ने के लिए आखिरकार अफ्रीकी सरकारें कुछ अहम कदम उठा रही हैं.

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तस्वीर: picture-alliance/dpa

"आप हमें मार डालें तो अच्छा होगा. अगर मुमकिन हो, तो हमें मार दें..."

"क्या तुम धरती पर नहीं रहना चाहते?"

"हम दो ही हैं बस. हमारी देखभाल करने वाला कोई नहीं. हम स्कूल नहीं जाते..."

"तो क्या तुम इसलिए मर जाना चाहोगे?"

Uganda LRA-Rebellen Joseph Kony
तस्वीर: STUART PRICE/AFP/Getty Images

जैकब करीब 12-13 साल का होगा. उसका भाई और वह कुछ साल पहले युगांडा में विद्रोही सेना की चपेट में आ गए थे. उसके भाई ने भागने की कोशिश की. जैकब की आंखों के सामने उसके भाई का सर काटकर उसकी हत्या कर दी गई. जैकब जैसे अब सैंकड़ों लड़के युगांडा में विद्रोही नेता कोनी के डर से अपने गांवों से भागते हैं. इन्विजिबल चिल्ड्रन नाम के संगठन ने पिछले साल कोनी की बर्बरता पर एक वीडियो बनाया. संगठन का मकसद था, युगांडा और अफ्रीका के सबसे बड़े युद्ध अपराधी का चेहरा सबको दिखाना, लोगों को उसके बारे में जानकारी देना और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मजबूर करना कि उसे रोकने के लिए अहम कदम उठाए.

कोनी की सेना लॉर्ड्स रेसिस्टेंस आर्मी या एलआरए एक कट्टरपंथी, उग्रवादी और विद्रोही संगठन है और अफ्रीका में सबसे ज्यादा फैला हुआ विद्रोही आंदोलन. यह गुट केंद्रीय अफ्रीकी गणराज्य, सुडान और युगांडा में सक्रिय है. एलआरए का नेता जोसेफ कोनी अपने को इस गुट का पैगंबर बताता है और अपने सहयोगियों से उम्मीद करता है कि वे उसके फैसलों पर बिना किसी पूछताछ के अमल करें. 1980 के दशक में एलआरए के कोनी ने ईसाई धर्म के 10 कमैंडमेंट्स पर चलने की बात की. यह वह 10 नियम हैं जिन्हें मार्टिन लूथर ने ईसाई धर्म के मानने वालों के लिए धार्मिक मार्गदर्शक के रूप में बनाए थे. लेकिन 1987 के बाद कोनी और उसकी सेना ने भारी संख्या में छोटे बच्चों को अपने साथ लड़ाई में शामिल करने का फैसला किया. गांवों में छापे मारकर बच्चों को पकड़ा जाता है और अगर वे भागने की कोशिश करते हैं तो उन्हें मार दिया जाता है. लड़कियों को गुलाम बनाकर रखा जाता है और उनका यौन शोषण किया जाता है. ईसाई धर्म के नाम पर पैगंबर होने का दावा कर रहे कोनी की लड़ाई अब निजी संपत्ति जमा करने का माध्यम बन गया है. अफ्रीका में हाथी दांत की तस्करी के पीछे भी एलआरए का हाथ है.

Uganda LRA Opfer der LRA-Rebellen in Norduganda klagen an
तस्वीर: picture-alliance/dpa

जोसेफ कोनी को कई सालों तक सूडान के नेता ओमर अल बशीर से सहयोग और हथियार मिलते रहे, लेकिन अब यह सहयोग खत्म हो गया है. केंद्रीय अफ्रीकी देश कोनी से पीछा छुड़ाने की बात कर रहे हैं. कोनी के खिलाफ पिछले साल सितंबर में 100 सैनिक भेजे गए. विद्रोही दल लॉर्ड्स रेसिस्टेंस आर्मी के नेता कोनी को ढूंढ निकालने और खत्म करने के लिए और 500 सैनिकों को अफ्रीकी यूनियन भेज रहा है. उसे पकड़ने के लिए और सैनिक और हथियारों की जरूरत होगी.

Uganda Regierungssoldaten suchen nach Joseph Kony von LRA
तस्वीर: Yannick Tylle/AFP/Getty Images

पिछले सालों में कोनी के साथ संघर्ष में आम जनता कुछ हद तक बची रही. 2010 में 706 और 2011 में 154 आम लोग एलआरए की बर्बरता का शिकार बने. 2012 में यह संख्या केवल 50 थी. कोनी को खत्म करने के अभियान में अब कुल 3,350 सैनिक लगे हैं और युगांडा सहित दक्षिण सूडान और केंद्रीय अफ्रीकी गणराज्य ने अपने सैनिक भी इस अभियान में लगाए हैं. इनकी मदद कर रहे हैं अमेरिका से 100 सुरक्षा सलाहकार. लेकिन एलआरए पर निगरानी रख रही संस्था इनफ प्रोजेक्ट का कहना है कि कोनी को पकड़ना इतना आसान नहीं.

रिपोर्टः मानसी गोपालकृष्णन (एपी)

संपादनः आभा मोंढे

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