बच्चों की तरह लड़ रहे हैं तुर्की और इराक

इराक और तुर्की इन दिनों बच्चों की तरह लड़ रहे हैं. तुर्की के राष्ट्रपति ने इराकी पीएम से “औकात में” रहने को कहा है तो इराकी ने पीएम ने तुर्क राष्ट्रपति का मजाक उड़ाया है.

असल में झगड़ा इराक में तुर्की के सैनिकों की तैनाती का है. इराक चाहता है कि तुर्की मोसुल के पास तैनात अपने सैनिकों को हटा ले. लेकिन तुर्क राष्ट्रपति रेचेप तैयब एर्दोआन का कहना है कि उन्हें इराक से ये सलाह लेने की जरूरत नहीं है कि उन्हें क्या करना है और क्या नहीं.

एर्दोआन ने कहा कि इराकी प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने खुद उनसे कहा था कि वो इस्लामिक स्टेट के गढ़ मोसूल के पूर्वोत्तर में बाशिका इलाके में एक सैन्य बेस बनाएं. तुर्की ने पिछले साल बाशिका क्षेत्र में अपने सैनिक भेज दिए और कहा कि ये तैनाती इस्लामिक स्टेट के खिलाफ ट्रेनिंग अभियानों का नियमित हिस्सा है और इराकी सरकार को इसकी जानकारी दे दी गई है. लेकिन इराक का कहना है कि तुर्की ने उसे कुछ नहीं बताया. इसी बात से तुर्की के राष्ट्रपति इराकी पीएम से खफा हैं. उन्होंने कहा, "आप मेरे बराबर ही नहीं हो, आप में वो काबलियत ही नहीं है, आपके अंदर मेरे जैसी क्षमता ही नहीं है. अपनी हद में रहिए.”

9 तस्वीरें, जिन्होंने दुनिया बदल दी

नेपाम की बच्ची

दक्षिणी वियतनाम के गांव पर हुए नेपाम बम हमले के बाद जान बचाने के लिए भागते बच्चे. धमाके के बाद नौ साल की बच्ची जलते कपड़ों को फाड़कर दौड़ने लगी. तस्वीर में दिखाई पड़ने वाली बच्ची अब कनाडा में सकुशल रहती है. इस तस्वीर ने वियतनाम युद्ध के प्रति पश्चिमी जनमानस की सोच बदल दी. फोटोग्राफर निक उट को 1973 में इसके लिए पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

9 तस्वीरें, जिन्होंने दुनिया बदल दी

डस्ट लेडी

धूल से सनी महिला. ये तस्वीर न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए 11 सिंतबर 2001 के आतंकवादी हमले के दौरान ली गई. तस्वीर में दिखने वाली महिला मैर्सी बोर्डर्स आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का प्रतीक बन गई. उन्हें डस्ट लेडी कहा गया. हमले की वजह से वह पेट के कैंसर का शिकार हुई. 26 अगस्त 2015 को उनकी मौत हो गई.

9 तस्वीरें, जिन्होंने दुनिया बदल दी

टैंक मैन

5 जून 1989, सामने खड़े होकर टैंकों को रोकने की कोशिश करता एक शख्स. यह तस्वीर चीन के तियानानमेन चौक में हुए अत्याचार की प्रतीक है. 4 जून को इसी जगह पर चीन की सेना ने प्रदर्शनकारियों को बर्बर तरीके से कुचला. जेफ विडनर ने यह तस्वीर ली. इस शख्स को थोड़ी देर बार गिरफ्तार कर लिया गया. आज तक उनके बारे में कुछ पता नहीं है.

9 तस्वीरें, जिन्होंने दुनिया बदल दी

बेन ओनेजॉर्ग की मौत

2 जून 1967 को पुलिस ने ईरान के शाह की राजकीय यात्रा का विरोध कर रहे लोगों के खिलाफ बल प्रयोग किया. एक पुलिसकर्मी ने जर्मन छात्र बेनो ओनेजॉर्ग को गोली मारी. उनकी मौत के बाद जर्मनी में वामपंथी आंदोलन कट्टर हो उठा. हादसे के वक्त ओनेजॉर्ग की पत्नी गर्भवती थी.

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कैनेडी की हत्या

अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की डलास में हत्या. कैनेडी की हत्या उनकी सरकारी कार में हुई. अब्राहम जैप्रूडर कैनेडी के काफिले का वीडियो बना रहे थे, तभी राष्ट्रपति के सिर पर गोली लगी. जैप्रूडर इस तस्वीर को प्रकाशित नहीं करना चाहते थे, लेकिन यह तस्वीर सामने आ गई. जांच और जिज्ञासा के चलते इसे हजारों बार बारीकी से देखा जा चुका है.

9 तस्वीरें, जिन्होंने दुनिया बदल दी

म्यूनिख नरसंहार

1972 के ओलंपिक खेलों के दौरान म्यूनिख में इस्राएली ओलंपिक टीम के 11 सदस्यों को बंधक बनाया गया. बाद में उनकी हत्या कर दी गई. आतंकवादी फलीस्तीनी संगठन ब्लैक सितंबर के थे. यह तस्वीर बालकनी से नीचे झांकते एक अपहर्ता की है.

9 तस्वीरें, जिन्होंने दुनिया बदल दी

अफगान लड़की

स्टीव मैकरी का यह पोट्रे 1985 में नेशनल जियोग्राफिक में प्रकाशित हुआ. तस्वीर से पता नहीं चलता है कि पाकिस्तान में 12 साल की यह अफगान लड़की किन हालात में जी रही है. लेकिन यह तस्वीर अफगानिस्तान पर सोवियत संघ के हमले और शरणार्थी संकट का प्रतीक बन गई. शरबत गुला नाम की इस लड़की को 2002 में फिर खोजा गया. उसने अपनी यह मशहूर तस्वीर पहले नहीं देखी थी.

9 तस्वीरें, जिन्होंने दुनिया बदल दी

एक बार फिर सीरिया

सीरिया में सरकार विरोधियों ने पांच साल के एक बच्चे का फुटेज जारी किया है. संतरी रंग की कुर्सी पर बैठा यह बच्चा खून और धूल से लथपथ है. बच्चे की पहचान ओमरान दाकनीश के रूप में हुई है.

इसके जबाव में इराकी पीएम ने तुर्क राष्ट्रपति का मजाक उड़ाया है. उन्होंने कहा, "सच है कि हम आपके बराबर नहीं हैं. हम अपनी भूमि को अपने लोगों के संकल्प से आजाद कराएंगे, स्काइप से नहीं.” उनका इशारा तुर्क राष्ट्रपति की तरफ था जिन्होंने जुलाई में तख्तापलट की नाकाम कोशिश के दौरान अपने फोन के जरिए टीवी चैनल पर लोगों को संबोधित किया और अपने लिए समर्थन जुटाने की कोशिश की थी.

बाद में, इराकी विदेश मंत्रालय ने बगदाद में तुर्की के राजदूत को तलब कर डांट भी पिलाई. इराकी विदेश मंत्री ने कहा कि राजदूत विदेश मंत्रालय की इमारत में आए और उन्हें "सख्त अल्फाज” वाला एक मेमो थमाया गया है, और ऐसा तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन के "भड़काऊ बयान” और इराक में तुर्की की सेना की अवांछित मौजूदगी के मद्देनजर किया गया है.

एके/एमजे (एएफपी/डीपीए)

राष्ट्रपति भवनों का वैभव

अवैध इमारत?

तुर्की राष्ट्रपति रैजब तईप एर्दोवान अंकारा में अपने भवन को व्हाइट पैलेस कहते हैं. इस बड़ी इमारत में हजार कमरे हैं. यहां के कमरे साउंड प्रूफ हैं और कमांड सेंटर एटम बम से सुरक्षित है. आलोचक इसे दिखावटी कह रहे हैं और अवैध सरकारी इमारत भी. क्योंकि अदालती आपत्ति के बावजूद इसे बनाया गया.

राष्ट्रपति भवनों का वैभव

पेट्रोल का पैसा

कजाकिस्तान की राजधानी में सरकारी इमारतें लगातार अपना रंग बदलती रहती हैं. इसलिए यहां का राष्ट्रपति भवन अमेरिकी व्हाइट हाउस की चमकीली कॉपी लगता है. नूरसुल्तान नजरबायेव सोवियत काल में भी राष्ट्रपति थे. उनके परिवार की संपत्ति सात अरब डॉलर की बताई जाती है.

राष्ट्रपति भवनों का वैभव

तुर्कमेनिस्तान में राजा की दीवानगी

अश्गाबाग के इस पैलेस में पूरी शानोशौकत के साथ राष्ट्रपति बर्दीमुखामिदोव रहते हैं. वह देश के संस्थापक नियाजोव के निजी डॉक्टर थे. राजा के आलोचकों को पागलखाने भेज दिया जाता था. 2006 में नियाजोव के निधन के बाद उनके दांत के डॉक्टर बर्दीमुखामिदोव राष्ट्रपति बने.

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कीव में शाही इमारत

यह शाही इमारत कीव के पास बेदखल राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच ने बनवाई थी. 2010 में राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने इसे 80 लाख यूरो खर्च कर बनवाया था. उनके भागने के बाद उनकी जमीन पर बनी झील से दस्तावेज निकाले गए और उन्हें काफी मेहनत के बाद इंटरनेट में जारी किया गया.

राष्ट्रपति भवनों का वैभव

सोना ही सोना

पुराने यूक्रेनी राष्ट्रपति का घर कुछ ऐसा दिखता था. भ्रष्टाचार के कारण यानुकोविच फंदे में आए. बताया जाता है कि उन्होंने हजारों यूरो की धांधली की. उनके बेटे विक्टर और अलेक्जांडर भारी आर्थिक मंदी में भी उनके कारण अमीर हो गए.

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दीवानगी

यह भारी भरकम इमारत आज भी रुमेनिया की राजधानी बुखारेस्ट में खड़ी है. पेंटागन के बाद यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इमारत है. दो लाख पैंसठ हजार वर्ग मीटर में फैली यह इमारत 84 मीटर ऊंची है और इसमें 3,000 कमरे हैं. 1984 में उत्तर कोरिया यात्रा के दौरान निकोली चाउषेस्कू को इसे बनाने का आयडिया आया. अरबों डॉलर की इस इमारत को खड़ा करने के लिए एक पूरी कॉलोनी ध्वस्त कर दी गई.

राष्ट्रपति भवनों का वैभव

पेरिस का शाही दिखावा

फ्रांसीसी राष्ट्रपति भवन एलिसी पैलेस बहुत ही वैभवशाली है. यहां कई ऐतिहासिक कलाकृतियां और फर्नीचर रखा हुआ है. सीमेंट की दीवारें सिर्फ तहखाने में हैं जहां मोटे लोहे के दरवाजों के पीछे परमाणु हथियारों का कमांडो सेंटर 'फोर्स दे फ्राप' छिपा कर रखा हुआ.

राष्ट्रपति भवनों का वैभव

ईरान का वैभव

पूर्वोत्तर तेहरान में सादाबाद कॉम्प्लेक्स में 18 पैलेस हैं. 1920 के दौरान रेजा शाह पहलावी ने इसका विस्तार किया और इसे निवास और दफ्तर के तौर पर इस्तेमाल किया. ग्रीन पैलेस आखिरी शाह और उनकी पत्नी सोराया के लिए गर्मियों का निवास था.

राष्ट्रपति भवनों का वैभव

दोहा में

इस पैलेस में शेख हमाद बिन खलीफा अल थानी रहते हैं. उन्होंने पश्चिम कतर को पश्चिम के लिए खोला और 1996 में अल जजीरा चैनल की शुरुआत की. इन दिनों यह देश थोड़ा अलग थलग है क्योंकि वह मिस्र में मुस्लिम ब्रदरहुड का समर्थक है और संदेह है कि देश आतंकी गुटों को आर्थिक मदद देता है.

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आकरा में

यह शाही पैलेस घाना का राष्ट्रपति भवन है. अफ्रीका का ऐसा देश जहां स्थिरता और संपन्नता है. कोको और सोने के निर्यात से यहां काफी पैसा है. हालांकि घाना की दो करोड़ तीस लाख जनसंख्या का आधा हिस्सा गरीबी में रह रहा है. इसका मुख्य कारण पुरानी सरकार का भ्रष्टाचार है.

राष्ट्रपति भवनों का वैभव

सुंदर कला

दुनिया के अधिकतर राष्ट्रपति भवनों में बेहतरीन कला के नमूने रखे हए हैं. मेक्सिको सिटी के राष्ट्रपति भवन में एक बड़ी पेटिंग को निहारते हुए जर्मनी के विदेश मंत्री फ्रांक वाल्टर श्टाइनमायर.

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बर्लिन में

जर्मनी की राजधानी बर्लिन में श्लॉस बेलव्यू राष्ट्रपति भवन है. श्प्रे नदी के किनारे यह इमारत 1786 में फर्डिनांड फॉन प्रॉयसन का निजी निवास थी. यहां के बागीचे के समर फेस्टिवल लोगों में काफी लोकप्रिय हैं.

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