बांग्लादेश की कपड़ा फैक्ट्री में आग

बांग्लादेश की एक कपड़ा फैक्ट्री में लगी भयानक आग में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है. इस फैक्ट्री में भी पश्चिमी देशों के मशहूर ब्रांड के लिए बनते थे कपड़े.

राजधानी ढाका में श्रीपुर की असवाद निट कंपोजिट फैक्ट्री में लगी आग पर काबू पाने में दमकल कर्मचारियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी. मंगलवार की रात 3000 से ज्यादा कर्मचारियों के फैक्ट्री से काम खत्म कर चले जाने के बाद लगी आग के शोले बुधवार सुबह तक धधक रहे थे. पुलिस के मुताबिक आग इतनी भयानक थी कि उसकी चपेट में आए लोगों के शरीर पूरी तरह जल गए हैं और उनकी पहचान मुश्किल है. स्थानीय पुलिस अधिकारी आमिर हुसैन ने बताया, "दो शवों की पहचान कर उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है. बाकी पांच शव इतनी बुरी तरह जले हैं कि उनकी पहचान नहीं हो पा रही." हुसैन ने यह भी बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है. रात को आग बुझाने में लगे दमकल कर्मचारी पानी की कमी की शिकायत करते रहे.

फैक्ट्री के कर्मचारियों का कहना है कि आग एक सिलाई मशीन के ठीक से काम न करने के कारण लगी और इससे पहले भी उस मशीन में आग लग चुकी थी. मौके पर पहुंचे समाचार एजेंसी एएफपी के संवाददाता को वहां सितंबर महीने के ग्राहकों के नाम पते वाला रजिस्टर दिखा. इसमें अमेरिका के शीर्ष ब्रांड गैप, ब्रिटिश रिटेलर नेक्स्ट, स्वीडन के फैशन ब्रांड एच एंड एम, ऑस्ट्रेलिया के टारगेट और फ्रेंच सुपरमार्केट केयरफोर दिखे.

हालांकि गैप और एच एंड एम ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने इस फैक्ट्री को कपड़े के लिए कोई ऑर्डर दिया है. उन्होंने जबकि यह माना कि फैक्ट्री पालमल इंडस्ट्रीज की है, जिसके साथ सप्लायर के रूप उनके संबंध रहे हैं. पालमल इंडस्ट्रीज बांग्लादेश की बड़ी गारमेंट कंपनियों में है. एच एंड एम की प्रवक्ता आंद्रिया रूस ने ईमेल के जरिए भेजे जवाब में कहा है, "यह फैक्ट्री एच एंड एम के लिए कपड़ा नहीं बनाती इसलिए हम इसकी ऑडिट नहीं करते." गैप के एक स्थानीय अधिकारी ने भी कहा कि उसके ब्रांड के कपड़े भी इस फैक्ट्री में नहीं बनते. इस अधिकारी ने नाम जाहिर न करने का अनुरोध किया.

बीते साल नवंबर में ढाका की ताजरीन गारमेंट फैक्ट्री में लगी आग में 111 कामगारों की जान चली गई थी. देश में इस तरह के हादसों मे वह सबसे बड़ा था. उस दौरान पता चला कि कंपनी अवैध उपठेकों के जरिए वालमार्ट और दूसरे पश्चिमी देशों के बड़े ब्रांड के लिए कपड़े बना रही थी. बांग्लादेश में इस तरह की फैक्ट्रियों में बीते महीनों में कई हादसे हुए हैं. इसी साल अप्रैल में कुख्यात राणा प्लाजा फैक्ट्री परिसर के ढह जाने से 1,129 लोगों की मौत हो गई. इस घटना ने पूरी दुनिया का ध्यान उद्योग की बुरी हालत की ओर खींचा. सरकार ने राणा प्लाजा हादसे के बाद स्थिति को सुधारने का वादा किया. 90 प्रमुख ब्रांडों ने जिनमें से ज्यादातर यूरोप के हैं, जिन्होंने एक नए सुरक्षा समझौते पर दस्तखत किए हैं. यह समझौता मजदूर संगठनों ने तैयार किया है, जिसमें कामकाज के तौर तरीकों की ज्यादा निगरानी की जाएगी. हालांकि प्रमुख यूरोपीय रिटेल कंपनी वालमार्ट ने इस समझौते में शामिल होने से इनकार कर दिया.

बांग्लादेश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपड़ा उद्योग है. यहां सालाना करीब 21.5 अरब डॉलर का कारोबार होता है. बांग्लादेश के कुल निर्यात का 80 फीसदी इन्हीं कपड़ों के रूप में है, जो ज्यादातर यूरोप और अमेरिका भेजे जाते हैं.

एनआर/एएम (एएफपी)

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