बातचीत से टूटे नहीं शटडाउन के ताले

अमेरिका के वरिष्ठ डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसदों के बीच व्हाइट हाउस में हुई बातचीत के बाद भी बजट पर विवाद खत्म नहीं हो पाया है. अमेरिकी सरकार का आंशिक शटडाउन तीसरे दिन भी जारी है.

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बुधवार देर रात दोनों पार्टियों के सांसदों से बातचीत की लेकिन आपसी विवाद के मुद्दों को वह सुलझा नहीं सके. सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैरी रेड ने बातचीत के बाद कहा कि डेमोक्रेट सांसद रिपब्लिकनों को कभी ओबामा हेल्थ केयर कानून रोकने नहीं देंगे. उन्होंने कहा, "ओबामाकेयर पर हम एकदम अड़े हुए हैं." न तो राष्ट्रपति और न ही पार्टी के सांसद इस बिल में कोई बदलाव करने देंगे.

रिपब्लिकनों की मांग है कि ओबामा या तो हेल्थ केयर फंडिंग में कमी करें या फिर इस कानून को लागू करने की तारीख आगे बढ़ाई जाए, तभी संघीय सरकार की सेवाएं फिर से शुरू होंगी. वहीं टीवी चैनल सीएनबीसी के साथ इंटरव्यू में ओबामा ने कहा कि वह रिपब्लिकन्स के साथ तब तक बातचीत नहीं करेंगे जब तक सरकार का कामकाज फिर से शुरू नहीं हो जाता.

अटके पैसे

करीब आठ लाख कर्मचारी इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि कब सरकार का कामकाज शुरू होगा और उन्हें तनख्वाह फिर से मिलेगी. करीब 20 लाख कर्मचारी अपने परिवार का पालन पोषण सरकार की तनख्वाह से करते हैं.

कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले लोगों की हालत खराब है. कुछ का आगे का कॉन्ट्रैक्ट लटका दिया गया है तो कुछ समझ ही नहीं पा रहे कि आने वाले दिनों में वह अपना खर्च कैसे चलाएंगे. लोगों में गुस्सा है. कुछ का कहना है कि उन सब लोगों की तनख्वाह भी रोक दी जानी चाहिए.

सरकारी स्कूल, यातायात, राष्ट्रीय और जन सुरक्षा से जुड़ी सेवाएं शटडाउन से प्रभावित नहीं हुई हैं. कई संग्रहालय, मेमोरियल और नेशनल जू बंद कर दिए गए हैं. इस शटडाउन के कारण सिर्फ वॉशिंगटन इलाके को एक सप्ताह में करीब 20 करोड़ डॉलर का नुकसान उठाना पड़ेगा जबकि देश को एक अरब डॉलर का.

जनता का समर्थन कम

सीएनएन ओआरसी के सर्वेक्षण के मुताबिक 10 में से सात अमेरिकी सोचते हैं कि कुछ दिन के लिए भी सरकार का कामकाज बंद करना बुरा आयडिया है. हालात को अच्छी तरह से समझने वाले वॉशिंगटन के निवासियों को चिंता है कि राजनीति में माहौल इतना जहरीला हो चुका है कि छोटे छोटे बिल को भी आपसी लड़ाई में इस्तेमाल किया जाता है.

अमेरिकी वायुसेना में शाखा प्रमुख ट्रैविस कलिटन के लिए यह शटडाउन दिखाता है कि नेता ने जनता की बात नहीं सुन रहे, "मुझे लगता है कि हमारे प्रतिनिधियों में बहुत कम ही ऐसे हैं जो हमारे कहे पर ध्यान देते हैं. हमारा बजट हमेशा टाइट रहता है. इस बंद के कारण हम दिवालिया हो रहे हैं. अपने सामान्य बिल देने में ही हम परेशान हो जाते हैं. मुझे और मेरी पत्नी को डर है कि हम अपना घर खो देंगे और अगर इस साल एक भी बार मेरी तनख्वाह कटती है तो निश्चित ही ऐसा हो जाएगा. इस स्थिति में रहने के कारण मैं शर्मिंदा भी हूं क्योंकि मुझे लगता है कि मैं अपने कर्तव्य पूरे नहीं कर पा रहा."

स्टेचू ऑफ लिबर्टी भी बंद

पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स के जेकब कीर्केगार्ड कहते हैं कि हालात ठीक होने से पहले और खराब होंगे. उन्होंने कहा कि टेक्सस के सीनेटर टेड क्रूज के नेतृत्व वाली टी पार्टी ने रिपब्लिकन पार्टी को हाइजैक कर लिया है. वे कहते हैं, "इसमें कोई शक नहीं है कि सरकार का शटडाउन सीधे अर्थव्यवस्था को महंगा पड़ेगा, एक ऐसी अर्थव्यवस्था जो पहले से ही ढीली पड़ी हुई है. इसका असर क्षेत्रीय हो सकता है क्योंकि कई छोटे छोटे समुदाय सरकारी सेक्टर से जुड़े हुए हैं." अमेरिका को 17 अक्टूबर से पहले अपने कर्ज की सीमा बढ़ाने के लिए भी बहस करनी है.

रिपोर्टः पेटर डाल/आभा मोंढे

संपादनः मानसी गोपालकृष्णन

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