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ब्रिटेन के बड़े होटलों में गुलामी और यौन शोषण

२० नवम्बर २०१९

ब्रिटेन के होटल कर्मचारियों और मजदूरों को गुलामी और यौन उत्पीड़न से बचा पाने में नाकाम साबित हो रहे हैं. यहां का तीन चौथाई होटल कारोबार बंधुआ मजदूरी के खिलाफ बने नियमों की अनदेखी कर रहा है.

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Großbritannien Tower Hotel London
तस्वीर: picture-alliance/empics/Victoria Jones

ब्रिटेन में पहली बार 2015 में मॉडर्न स्लैवरी एक्ट यानी आधुनिक गुलामी कानून बनाया गया था. सालाना 3.6 करोड़ पाउंड का कारोबार करने वाली होटल कंपनियों के लिए इस कानून में कुछ खास नियम बनाए गए हैं. इन कंपनियों को हर साल यह जानकारी देनी होती है कि अपने कामकाज में से गुलामी की जड़ को खत्म करने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं.

कानून बनने के करीब चार साल बाद भी बड़ी होटल कंपनियों ने अपने सप्लाई चेन के बारे में ऐसी कोई जानकारी नहीं दी है. मानवाधिकार संगठन वाक फ्री ने ब्रिटेन की 71 बड़ी होटल कंपनियों से आंकड़े जमा करने के बाद यह बताया है.

आधुनिक गुलामी होटल उद्योग के सामने तीन तरह से खतरा बन कर सामने आई है. उद्योग में काम करने वाले लोगों का कहना है कि होटल के कमरों में यौन उत्पीड़न के लिए लाए जाने वाले लोगों से लेकर होटल के लिए ग्लोबल सप्लाई चेन में जबरन मजदूरी करने वाले लोगों और होटल में काम करने वाले लोगों तक, ऐसे लोग है जिनका सीधे होटल से करार नहीं होता. यह सभी होटल उद्योग का हिस्सा हैं और इनका काम आधुनिक गुलामी के दायरे में आ सकता है.

London "Good Hotel" mit Ausbildungen für Langzeitarbeitslose
तस्वीर: DW/S. Shackle

होटल उद्योग के बड़े नामों पर नियामक एजेंसियों और ग्राहकों की तरफ से यह सुनिश्चित करने के लिए दबाव बन रहा है कि उनका कामकाज और उनकी सेवाओं में मजदूरों का शोषण नहीं होता है. ब्रिटेन की गुलामी निरोधी आयुक्त सारा थॉर्टन का कहना है कि होटल उद्योग में कानून का पालन "निराशाजनक" है. उन्होंने कहा, "यह होटल सेक्टर की सच्चाई है, जहां जटिल सप्लाई चेन और मौसमी मजदूरी अतरिक्त चुनौतियां पेश कर रही हैं और आधुनिक गुलामी की आशंका बढ़ा रही हैं.

ब्रिटेन के मेहमानवाजी उद्योग में करीब 32 लाख लोग काम करते हैं. वाक फ्री का अनुमान है कि इनमें से करीब 136,000 गुलाम हैं. 2013 में सरकार ने इसमें जितने लोगों के होने का अनुमान लगाया था, उससे यह संख्या करीब 10 गुनी ज्यादा है.

कानून में प्रावधान किया गया था कि मजदूरों से नियुक्ति की कोई फीस ना ली जाए लेकिन 71 कंपनियों के आंकड़े जुटाने पर पता चला कि औसतन 10 में से एक कंपनी ने भी इसे सुनिश्चित नहीं किया. यह फीस बंधुआ मजदूरी के जरिए ले जाती है. इसके अलावा महज 14 कंपनियों ने ही कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए खास नीतियां बनाईं.

Afghanistan Arbeitsbedingungen für verwitwete Frauen
तस्वीर: DW/S. Tanha

वाक फ्री के प्रमुख जेन मोरिस का कहा है, "दो बातें पता चली हैं, एक तो होटलों में इसके लिए प्रतिबद्धता नहीं है कि वो उचित काम करें, दूसरा सरकार इन कंपनियों की जवाबदेही तय करने में नाकाम रही है."

प्रमुख व्यापार संघ यूके हॉस्पिटैलिटी का कहना है कि वह पुलिस और गुलामी निरोधी समूहों के साथ मिल कर कर्मचारियों की मदद के लिए काम कर रही है ताकि वो गुलामी के संकेतों को पहचान सकें और उसका उत्तर दें. यूके हॉस्पिटैलिटी की चीफ एग्जिक्यूटिव केट निकोलस ने ईमेल से दिए जवाब में कहा, "भले ही रिपोर्ट बता रही है कि और ज्यादा काम करने की जरूरत है, हमारे सदस्य सभी कर्मचारियों के सुख सुविधाओं और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं."

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के दफ्तर ने इस बारे में पूछे सवाल का कोई उत्तर नहीं दिया. हालांकि इसी साल तीन राजनेताओं ने यह जरूर कहा था कि ब्रिटेन को गुलामी निरोधी कानून को और सख्त बनाना चाहिए और उन कंपनियों को सजा देनी चाहिए जो इसका पालन करने में नाकाम साबित हो रहे हैं.

एनआर/एके(रॉयटर्स)

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