मनमोहन ने कतरे कलमाड़ी के पर

कॉमनवेल्थ खेलों पर उठते गंभीर सवालों के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कैबिनेट सचिव के नेतृत्व में एक ऐसी कमेटी बनाई है जो खेलों की तैयारियों पर नजर रखेगी. इस कदम को सुरेश कलमाड़ी के पर कतरने की कार्रवाई माना जा रहा है.

खेलों की तैयारियों में "चूक और खामियों" की बात को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया है कि "प्रक्रिया संबंधी और अन्य अनियमितताओं" की शिकायतों से जुड़े मंत्रालयों को पूरी छानबीन करनी चाहिए और जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.

प्रधानमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि सभी अधूरे कामों को तय वक्त में पूरा किया जाए और वह खुद इस महीने के आखिरी हफ्ते में कुछ खेल स्थलों का दौरा करेंगे.

शनिवार को एक बैठक में प्रधानमंत्री ने अक्तूबर में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों की तैयारियों का जायजा लिया. इस बैठक में कॉमनवेल्थ खेलों से जुड़े केंद्रीय मंत्रियों, दिल्ली

कलमाड़ी की घटती ताकत, बढ़ती मुश्किलें

के उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, आयोजन समिति के मुखिया सुरेश कलमाड़ी, कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर और गृह सचिव जीके पिल्लई ने हिस्सा लिया. कॉमनवेल्थ खेलों की लचर तैयारियों और भ्रष्टाचार के आरोपों को देखते हुए प्रधानमंत्री ने यह बैठक बुलाई.

डेढ़ घंटे तक चली बातचीत के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया, "सचिवों की एक कमेटी लगातार तैयारियों की समीक्षा करती रहेगी और इसे अधिकार प्राप्त कमेटी का दर्जा हासिल होगा. आयोजन समिति से जुड़े सभी मामले इसके अधिकार क्षेत्र में आएंगे."

आयोजन समिति को कैबिनेट सचिव की कमेटी के दायरे में लाया लाना खासा अहम है क्योंकि समिति के काम करने के तरीके और इसके मुखिया कलमाड़ी समेत आला अधिकारियों पर उठ रहे सवालों के सिलसिले में सरकार को कड़ी आलोचना झेलनी पड़ रही है. बयान में कहा गया है, "कैबिनेट सचिवालय का कोई सचिव स्तर का अधिकारी हर रोज आयोजन समिति के संपर्क में रहेगा." कैबिनेट सचिव को मंत्रियों के उस समूह के संपर्क में रहने को भी कहा गया है, जो सभी अधिकारियों के बीच "प्रभावी तालमेल" के लिए पहले ही बनाया जा चुका है.

मंत्रियों के इस समूह का नेतृत्व शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी कर रहे हैं. इस समूह को खेलों के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए हर तरह के फैसले लेने का अधिकार है. पीएमओ से जारी बयान में मंत्रियों के इस समूह को नियमित रूप से बैठक करने का निर्देश दिया गया है.

कॉमनवेल्थ खेलों के आयोजन में सिर्फ डेढ़ महीना बचा है और कई स्टेडियम अब भी पूरे नहीं हुए हैं, उनका काम अभी भी चल रहा है. इसकी वजह से आशंका पैदा हुई है कि क्या उनका निर्माण कार्य समय रहते पूरा हो सकेगा.

टेंडर देने और खेलों के आयोजन के लिए उपकरणों की खरीद में भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण आयोजन समिति के प्रमुख सुरेश कलमाड़ी भी विवादों के घेरे में हैं. कलमाड़ी कांग्रेस पार्टी के हैं और विपक्षी आलोचनाओं के बाद कांग्रेस पार्टी भी अब कॉमनवेल्थ भ्रष्टाचार पर सख्त होती दिखाई पड़ रही है. शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक हुई. बैठक में भी कॉमनवेल्थ और कलमाड़ी छाए रहे.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

संपादनः एन रंजन

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