माधव नेपाल: पद से इस्तीफ़ा नहीं दूंगा

हज़ारों माओवादियों के प्रदर्शनों के बावजूद नेपाल के प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने इस्तीफ़ा देने की मांग को ख़ारिज कर दिया है. माओवादियों की मांग है कि पीएम के इस्तीफ़े के बाद नई सरकार माओवादियों के नेतृत्व में बने.

शनिवार शाम को सरकारी टीवी और रेडियो पर नेपाल के प्रधानमंत्री माधव कुमार ने अपने संबोधन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे. माधव कुमार का कहना है कि हिंसा और धमकी के ज़रिए सरकार को हटाना एक गलत संदेश होगा. सभी को ये साफ होना चाहिए कि सत्ता में बहुमत से आई सरकार को सिर्फ संवैधानिक तरीके से हटाया जा सकता है. प्रदर्शन करके सरकार को हटाना लोकतंत्र के नियमों के विरुद्ध है.

साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि नेपाल में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए वह हर संभव कोशिश करेगी.

नेपाल की राजधानी काठमांडू के केंद्रीय पार्क में करीब डेढ लाख माओवादियों ने सरकार के इस्तीफे की मांग के साथ प्रदर्शन किए. इस कारण शहर की दुकाने और यातायात पूरी तरह से बंद रहा.

माओवादियों को संबोधित करते हुए पुष्प कमल दहल उर्फ़ प्रचंड ने कहा कि हड़ताल और प्रदर्शन हमारी इच्छा नहीं बल्कि मजबूरी है. सरकार ने हिंसा के डर से 15 हज़ार सैनिकों को तैनात किया और सेना के लिए हाई अलर्ट घोषित किया है.माओवादियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वे रविवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे.

वरिष्ठ माओवादी नेता बाबूराम भट्टाराय ने इस बारे में कहा कि अगर आज शाम तक हमारी मांगे पूरी नहीं होती तो कल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी.

नेपाल के रक्षा मंत्री बिधिया भंडारी का कहना था कि माओवादी प्रदर्शन करके सत्ता हथियाना चाहते हैं. हालांकि माओवादियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों की घोषणा की है लेकिन इस बात के भी संकेत हैं कि ये प्रदर्शन हिंसा पूर्ण हो सकते हैं.

इससे पहले नेपाल में संयुक्त राष्ट्र मिशन ने राजनीतिक हालात बिगड़ने की चिंता जताई है. 2008 में नेपाल चुनावों के बाद माओवादियों के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बनी थी लेकिन राष्ट्रपति ने सैन्य प्रमुख को हटाने से इनकार कर दिया था जिसके बाद माओवादियों ने सरकार छोड़ दी थी. फिलहाल नेपाल की केंद्र सरकार में 22 पार्टियां हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/आभा मोंढे

संपादनः एम गोपालकृष्णन

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