मानव तस्करी से लड़ाई की तैयारी

2016 में भारत में मानव तस्करी के मामले 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं. ऐसे में मुंबई पुलिस ने सेक्स के लिए लड़कियों की तस्करी से लड़ने की तैयारी और भी तेज कर दी हैं.

वो शहर जो कभी नहीं सोता. शहर जिसके बारे में कहा जाता है कि वो हर किसी को मौका देता है. लेकिन ये विडंबना है कि भारत की वित्तीय राजधानी कहा जाने वाला यह शहर मुंबई, भारत में सेक्स तस्करी के सबसे बड़े अड्डों में शामिल है.

मुंबई में लड़कियों और महिलाओँ की तस्करी के मुद्दे पर हुई एक कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों ने घोषणा की कि इस तरह के संगठित अपराधों को रोकने के लिए कड़े कानून बनाए जाने की सिफारिश की जाएगी. यह कार्यक्रम महाराष्ट्र राज्य महिला समिति ने इंटरनेशनल जस्टिस मिशन के साथ मिलकर आयोजित कराया गया.

महाराष्ट्र राज्य महिला समिति के अध्यक्ष विजय राहतकर ने कहा, "पहले लड़कियों को भारत के गरीब राज्यों और बांग्लादेश, नेपाल और म्यामांर से तस्करी करके लाया जाता था. लेकिन अब फिलीपीन्स, उज्बेकिस्तान कजाखस्तान से भी लड़कियों को मुम्बई लाया जा रहा है."

महाराष्ट्र, भारत का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और लंबे वक्त से सेक्स तस्करी के लिए एक बड़ा अड्डा बना हुआ है. यहां ज्यादार छोटी लड़कियों और महिलाओं को नौकरी का लालच देकर बुलाया जाता है और उनमें से ज्यादातर या तो रेड लाइट एरिया में या घरेलू नौकरों के तौर पर बेच दिया जाता है.

सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह लगभग पहली बार हुआ है जब भारत ने सामाजिक तौर पर इस मुद्दे को उठाया है. भारत के बाकी राज्यों से प्रतिनिधियों को बुलाया गया है और उनसे इस मुद्दे से निपटने के लिए रणनीतियों के बारे में पूछा गया है. 

भारत में कहां कहां हैं मानव तस्करी के गढ़

पश्चिम बंगाल

2016 में मानव तस्करी के सबसे ज्यादा मामले पश्चिम बंगाल में दर्ज हुए. देश भर में एक साल में कुल 8,132 शिकायतों में से 3,576 केवल इसी राज्य से आईं.

भारत में कहां कहां हैं मानव तस्करी के गढ़

राजस्थान

मानव तस्करी के कुल मामलों में से 60 फीसदी से ज्यादा मामले केवल पश्चिम बंगाल और राजस्थान से मिले. राजस्थान से 1,422 शिकायतें आयीं.

भारत में कहां कहां हैं मानव तस्करी के गढ़

गुजरात और महाराष्ट्र

राजस्थान के बाद 548 मामलों के साथ गुजरात का नंबर आता है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 517 मामलों के साथ महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हाल रहा.

भारत में कहां कहां हैं मानव तस्करी के गढ़

केंद्र शासित प्रदेश

केंद्र शासित (यूटी) प्रदेशों में दिल्ली मानव तस्करी की शियाकतों के मामले में सबसे ऊपर है. यूटी के कुल 75 मामलों में से 66 केवल दिल्ली में थे. हालांकि पिछले साल ये आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा 87 था.

भारत में कहां कहां हैं मानव तस्करी के गढ़

तमिलनाडु और कर्नाटक

दक्षिण भारतीय राज्यों में सबसे बुरा हाल तमिलनाडु का रहा. वहां 2016 में मानव तस्करी के 434 मामले दर्ज हुए. इसके बाद कर्नाटक में 404 मामले सामने आए.

भारत में कहां कहां हैं मानव तस्करी के गढ़

आंध्र प्रदेश और तेलांगना

आंध्र प्रदेश में 239 और तेलांगना में 229 मामलों के साथ हालात एक से रहे. केरल में मात्र 21 शिकायतें दर्ज हुईं.

भारत में कहां कहां हैं मानव तस्करी के गढ़

असम

पूर्वोत्तर के राज्यों में 91 मामलों के साथ असम का हाल सबसे खराब रहा. फिर भी 2014 के मुकाबले हालात बहुत बेहतर हुए हैं जब राज्य में 380 ऐसे मामले दर्ज किए गए थे.

भारत में कहां कहां हैं मानव तस्करी के गढ़

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग स्क्वॉड

पूर्वोत्तर के कई राज्यों में सरकारों ने मानव तस्करी को रोकने के लिए खास दस्ते बनाए हैं. ऐसे 10 दस्ते असम में, 8 अरुणाचल में और 5 मणिपुर में हैं.

भारत में कहां कहां हैं मानव तस्करी के गढ़

पूर्वी राज्य

झारखंड में 109, पड़ोसी राज्य ओडीशा में 84 और बिहार में 43 मानव तस्करी के मामले सामने आए. उत्तर प्रदेश में 79 और मध्य प्रदेश में 51 मामले दर्ज हुए.

भारत में कहां कहां हैं मानव तस्करी के गढ़

अंतरराष्ट्रीय सहयोग

भारत सरकार ने बांग्लादेश और संयुक्त अरब अमीरात के साथ भी सहयोग के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं. आरपी/एके (पीटीआई)

महाराष्ट्र पुलिस के महानिदेशक सतीश माथुर ने कहा कि अब से मुंबई के हर जिले में एक एंटी ट्रैफिकिंग यूनिट होगी जिसकी देखरेख एक सीनियर अधिकारी करेगा. इस वक्त मुम्बई में 12 तस्करी विरोधी इकाइयां हैं और ऐसी 24 इकाइयां और बनाने की तैयारी की जा रही है, जिसके बाद मुंबई के लगभग हर शहर में ऐसी एक यूनिट होगी.

महाराष्ट्र पुलिस तस्करी को रोकने के लिए लगातार कोशिश कर रही है और बांग्लादेश से  समझौते करने की कोशिश कर रही है ताकि तस्करी का शिकार हुई युवतियों को वापस उनके घर बांग्लादेश पहुंचाया जा सके.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस ने कहा, "हम सोचते थे कि सिर्फ गरीब और कमजोर ही शिकार हैं, लेकिन इंटरनेट और संचार के माध्यमों की पैठ से मानव तस्करी हर परिवार के दरवाजे पर पहुंच गयी है."

2016 के आंकड़ों के अनुसार भारत में की जाने वाली मानव तस्करी में महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है. सबसे ज्यादा तस्करी के मामले पश्चिम बंगाल और राजस्थान से सामने आते हैं. इनके अलावा तस्करी वाले राज्यों में दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना और असम समेत कई और राज्यों के नाम भी शामिल हैं.

भारत में साल 2016 के दौरान तकरीबन 20 हजार महिलाएं और बच्चे मानव तस्करी का शिकार हुये. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सदन में बताया कि 2016 में तस्करी के 19,223 मामले दर्ज किये गये जो साल 2015 में 15,448 थे.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ये मामले साल 2015 की तुलना में 25 फीसदी बढ़े हैं.

एसएस/ओएसजे (रायटर्स)


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