मुसलमान भी बाल विवाह कानून के दायरे में

गुजरात हाई कोर्ट ने कहा है कि बदलते समय के साथ मुस्लिम समुदाय भी बाल विवाह के नुकसानों को समझते हुए आगे बढ़ रहा है. आदेश सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि किसी को भी बाल विवाह निषेध कानून का उल्लंघन नहीं करने दिया जा सकता.

गुजरात हाई कोर्ट ने अपने ताजा आदेश में साफ किया है कि बाल विवाह निषेध कानून 2006 के दायरे में मुसलमान भी आते हैं. कोर्ट में सुनवाई कर रहे न्यायाधीश जेबी परदीवाला ने कहा कि जो भी मुस्लिम पर्सनल लॉ में बदलावों का विरोध करेगा वो असल में अपने ही समुदाय के हितों को नुकसान पहुंचाएगा.

बाल विवाह के अलावा मुस्लिम पर्सनल लॉ के अंतर्गत बहुविवाह, ट्रिपल तलाक जैसे कई ऐसे मामले हैं जिन पर समय समय पर बहस होती रही है. कई महिला अधिकार संगठन इन मुद्दों पर बदलाव लाए जाने की मांग कर रहे हैं.

किसी धर्म या अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मामलों पर ऐसे आदेश बहुत आम नहीं हैं. कानून की नजर में बच्चों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए मुस्लिम समुदाय से भी बदलावों को अपनाने की अपील हुई.

दिसंबर 2014 में गुजरात हाई कोर्ट के सामने आए एक मामले में एक मुस्लिम युवक के खिलाफ उसी के समुदाय की एक 17 साल की लड़की से शादी करने की शिकायत थी, जिसमें कोर्ट ने उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अपील रद्द कर दी थी.

उस समय मामले पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा था कि मुसलमान लड़कियों को मासिक धर्म शुरु होने के बाद या 15 साल की उम्र के बाद शादी करना बाल विवाह निषेध कानून के तहत गैरकानूनी नहीं माना जाना चाहिए.

बाल विवाहः 8 तथ्य

दुनिया भर में 70 करोड़ महिलाएं ऐसी हैं जिनकी शादी 18 साल से कम उम्र में हो गई थी. करीब 25 करोड़ की 15 साल से भी पहले.

बाल विवाहः 8 तथ्य

यूनिसेफ की सूची में बांग्लादेश का नंबर चौथा और भारत का 12वां है. भारत में बाल विवाह गैर कानूनी होने के बावजूद अभी भी लड़कियों की शादी 18 से कम उम्र में कर दी जाती है.

बाल विवाहः 8 तथ्य

अगर अभी की गति बनी रही तो 2011 से 2020 के बीच 14 करोड़ से ज्यादा लड़कियों की 18 से कम उम्र में शादी हो जाएगी.

बाल विवाहः 8 तथ्य

पुरानी परंपरा के अनुसार भारत के कई राज्यों में होने वाली शादियां तय तो बचपन में हो जाती थीं लेकिन लड़कियों का गौना बाद में होता था.

बाल विवाहः 8 तथ्य

अधिकतर अफ्रीकी देशों में लड़कियों की हालत बहुत खराब है. गरीबी के कारण अक्सर लड़कियों की शादी कर दी जाती है, वह भी अपने से दुगने तिगुने बड़े पुरुष से.

बाल विवाहः 8 तथ्य

यूनिसेफ के 2013 के आंकड़ों के मुताबिक बाल विवाह का सबसे ज्यादा प्रतिशत नाइजर में है, जहां 75 फीसदी लड़कियों की शादी 18 से कम उम्र में हो जाती है.

बाल विवाहः 8 तथ्य

यमन में हाल ही में एक बच्ची का नादा अल अहद का मामला सुर्खियों में आया था जो बूढ़े व्यक्ति से शादी होने की आशंका से घर से भाग गई थी. और मां बाप से कहा कि शादी करने की बजाय वह जान देना पसंद करेगी.

बाल विवाहः 8 तथ्य

जिन लड़कियों की बचपन में शादी हो जाती है वह स्कूल नहीं जा पाती. अल्पायु में गर्भ धारण करने पर प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं के कारण वे जान खो देती हैं.

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