युवा 'कूल' दिखने के लिए करते हैं धूम्रपान

फेसबुक पर लाइक्स की चाहत में सिगरेट को हाथ में लेना क्या वाकई "कूल" कहलाएगा? बहुत से युवाओं को ऐसा ही लगता है.

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस द्वारा 1,000 युवाओं पर किए गए ऑनलाइन सर्वेक्षण से पता चला है कि 20-35 आयुवर्ग के 23 प्रतिशत युवा 'कूल' दिखने के लिए धूम्रपान करते हैं. सर्वेक्षण के अनुसार 15 प्रतिशत युवाओं को धूम्रपान करते हुए अपनी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने में कोई परेशानी नहीं है. इसके विपरीत अधिक उम्र के 53 प्रतिशत लोगों का मानना है कि धूम्रपान व्यक्तिगत मामला है और 23 प्रतिशत ने माना कि उन्हें सोशल मीडिया पर अपनी इस आदत को नहीं दिखाना चाहिए.

सर्वेक्षण से पता चला है कि व्यक्ति की भावनात्मक सोच धूम्रपान का मुख्य कारक बनी हुई है. युवा समूह तनाव से निजात पाने के लिए धूम्रपान करते हैं, जबकि 35-50 वर्ष के व्यक्ति काम के दबाव को इसके लिए जिम्मेवार ठहराते हैं. इस सर्वेक्षण से यह भी पता चलता है कि धूम्रपान की प्रवृत्तियों पर जीवन की कुछ घटनाओं का प्रभाव पड़ता है, जिनके चलते व्यक्ति काफी धूम्रपान करने लगता है. सर्वेक्षण में शामिल 37 प्रतिशत लोगों ने माना की नौकरी पाने के बाद उन्होंने धूम्रपान बढ़ा दिया है.

शरीर के साथ ऐसा करती है एक सिगरेट

साइनस में रुकावट

एक सिगरेट पीने के फौरन बाद नाक, आंख और माथे में मौजूद खोखले साइनस में बाधा आने लगती है. नाक हल्की बंद सी हो जाती है.

शरीर के साथ ऐसा करती है एक सिगरेट

दिमाग में बदलाव

सिगरेट के धुएं के साथ निकोटिन खून में घुलता है और इसका असर मस्तिष्क पर भी होता है. दिमाग में आनंद का अहसास कराने वाला रसायन डोपोमीन रिलीज होता है. सिगरेट की लत के लिए इसका रिसाव काफी हद तक जिम्मेदार है.

शरीर के साथ ऐसा करती है एक सिगरेट

कान में फ्लूइड

पहली सिगरेट पीने के साथ साथ कान की ग्रंथियों में लसलसा द्रवीय तरल जमा होने लगता है.

शरीर के साथ ऐसा करती है एक सिगरेट

गले में कफ

धुआं, टार और कार्बन मोनोऑक्साइड का मिश्रण गले में खराश पैदा करता है. लंबी नींद के दौरान शरीर इन हानिकारक तत्वों को बाहर निकालता है, यही वजह है कि सिगरेट पीने वालों को अक्सर सुबह सुबह कफ की शिकायत रहती है.

शरीर के साथ ऐसा करती है एक सिगरेट

फेफड़ों पर असर

करोड़ों छिद्रों की मदद से इंसान के फेफड़े हर दिन करीब 20 लाख लीटर हवा फिल्टर करते हैं. लेकिन सिगरेट के धुएं में मौजूद टार कई छेदों को बंद कर देता है.

शरीर के साथ ऐसा करती है एक सिगरेट

धड़कन तेज

पहली सिगरेट पीने के साथ ही इंसान का दिल हर मिनट तीन बार ज्यादा धड़कता है. आम तौर पर दिल प्रति मिनट 72 बार धड़कता है, लेकिन सिगरेट पीने वालों की धड़कन 75 प्रति मिनट हो जाती है. इससे इंसान जल्दी थकने लगता है.

शरीर के साथ ऐसा करती है एक सिगरेट

पेट पर असर

सिगरेट आंतों में मौजूद अच्छे और जरूरी बैक्टीरिया पर भी बुरा असर डालती है. इसकी वजह से पोषक तत्वों की प्रोसेसिंग कुछ देर के लिए थम जाती है. धूम्रपान से पेट में एसिड बढ़ जाता है.

महिलाओं में 36-50 वर्ष के आयु समूह की महिलाएं अधिक धूम्रपान करती पाई गईं. सर्वेक्षण में शामिल 60 प्रतिशत लोगों ने स्वीकारा कि उन्होंने धूम्रपान छोड़ने के लिए कभी भी कोशिश नहीं की क्योंकि यह उनके वश में नहीं है. जिन लोगों ने इसे छोड़ने की कोशिश की, उन्होंने परिवार के दबाव और स्वास्थ्य संबंधी चिंता को सबसे बड़ा कारण माना.

सर्वेक्षण के बारे में प्रतिक्रिया देते हुए आईसीआईसीआई के संजय दत्ता ने कहा, "धूम्रपान की आदत चिकित्सकीय रूप से हानिकारक साबित हो चुकी है. यही नहीं, इससे भी अधिक चिंता की बात यह है कि युवा पीढ़ी इस आदत को अपना रही है, जिनमें से कुछ का मानना है कि इससे वो कूल दिखेंगे. धूम्रपान का कम उम्र के युवाओं और किशोरों पर गहरा असर होता है. यह आयु को कम करता है, गंभीर बीमारियों को जन्म देता है और सुखद एवं स्वस्थ जीवन की उनकी संभावना को बर्बाद कर देता है. इसलिए हम धूम्रपान करने वालों को इसके प्रभावों के बारे में सचेत करने को अपनी जिम्मेवारी मानें और उनसे धूम्रपान छोड़ने की अपील करें."

आईएएनएस/आईबी

सिगरेट छोड़ने के 6 फायदे

सामान्य रक्तचाप

सिगरेट पीने के 20 मिनट बाद शरीर का रक्तचाप और दिल की धड़कन सामान्य हो जाते हैं. सिगरेट पीते समय निकोटीन के कारण ये दोनों ही बढ़ जाते हैं. निकोटीन नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करता है.

सिगरेट छोड़ने के 6 फायदे

ऑक्सीजन का स्तर

सिगरेट छोड़ने के 12 घंटे बाद शरीर में कार्बन मोनो ऑक्साइड का स्तर घटता है और तब जाकर ऑक्सीजन अपने सही स्तर पर लौटता है. कार्बन मोनो ऑक्साइड स्मोकिंग से शरीर को मिलने वाली ऐसी चीज है जिससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित होता है.

सिगरेट छोड़ने के 6 फायदे

सूंघने की क्षमता

सिगरेट छोड़ने के दो दिन बाद स्वाद और सूंघने की क्षमता सामान्य होने लगती है. सिगरेट पीने से ये दोनों ही प्रभावित होते हैं.

सिगरेट छोड़ने के 6 फायदे

श्वास तंत्र

सिगरेट छोड़ने के तीन दिन बाद अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट वापस सामान्य होने लगता है और सांस लेना ज्यादा आसान हो जाता है. आमतौर पर सिगरेट छोड़ने के तीसरे दिन शरीर निकोटीन से मुक्त हो जाता है. ऐसे में चिड़चिड़ाहट, सिरदर्द, थकान, कमजोरी, झुंझलाहट और अकेलेपन का एहसास हो सकता है.

सिगरेट छोड़ने के 6 फायदे

साफ फेफड़े

सिगरेट पीना छोड़ने के कुछ महीने बाद शरीर में रक्त का प्रवाह बढ़ता है. फेफड़ों की ऑक्सीजन सोखने की क्षमता भी 30 फीसदी बढ़ती है. फेफड़ों की सतह पर जो महीन रोएं बाहरी धूल और अन्य हानिकारक कणों को रोकते हैं, वे फिर से विकसित होने लगते हैं.

सिगरेट छोड़ने के 6 फायदे

हार्ट अटैक का कम खतरा

सिगरेट छोड़ चुके व्यक्ति में एक साल के अंदर हार्ट अटैक का खतरा 50 फीसदी घट जाता है. दस साल बाद फेफड़े के कैंसर का खतरा सिगरेट पीने वाले के मुकाबले आधा रह जाता है. और 15 साल बाद दिल की बीमारियों का खतरा ऐसे व्यक्ति जितना ही रह जाता है जिसे कभी सिगरेट की लत रही ही ना हो.

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