ये मुद्दे करेंगे जर्मन चुनाव का फैसला...

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सीडीयू-सीएसयू

इस पार्टी की संसदीय दल की नेता चांसलर अंगेला मैर्केल है. वह क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक पार्टी सीडीयू (सीडीयू) की अध्यक्ष भी हैं. रूढ़िवादी नीतियों वाली दोनों पार्टियां जर्मनी के सबसे अहम राजनीतिक दलों में शामिल है. इसका रंग काला है. पिछले चुनावों में इसे 41.5 फीसदी वोट मिले थे.

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सीएसयू

एक समझौते के तरह चांसलर मैर्केल की क्रिश्चियन सोशल यूनियन (सीडीयू) बवेरिया प्रांत के अलावा पूरी जर्मनी में सक्रिय है. बवेरिया में उसकी सहोदर पार्टी सीएसयू है जो वहां दशकों से सत्ता में है. बवेरिया के मुख्यमंत्री हॉर्स्ट जेहोफर पार्टी के अध्यक्ष हैं.

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सीडीयू के बड़े नेता

सीडीयू के बड़े नेताओं में पूर्व चांसलर कोनराड आडेनावर सबसे प्रमुख हैं. इसके बाद नाम आता है लुडविष एरहार्ड का और पूर्व चांसलर हेल्मुट कोल का. कोल के कार्यकाल में जर्मनी का एकीकरण हुआ था.

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चुनावी वादे

अपने चुनावी घोषणापत्र में सीडीयू-सीएसयू ने बेरोजगारी घटाने, कर कटौती, एकजुटता कर खत्म करने, बच्चों के लिए दिये जाने वाले भत्ते में बढ़ोतरी करने और पहली बार संपत्ति खरीदने वालों को अनुदान देने की बात कही है.

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सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (एसपीडी)

इस पार्टी के नेता मार्टिन शुल्त्स हैं. कामगारों और ट्रेड यूनियनों के बीच लोकप्रिय यह पार्टी जर्मनी की सबसे पुरानी पार्टी है. मूल रूप से वामपंथी होने के कारण इसके लिए लाल रंग का प्रयोग होता है. पिछले चुनावों में इसे 25.7 फीसदी वोट मिले थे.

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एसपीडी के बड़े नेता

विली ब्रांट एसपीडी की ओर से पहले चांसलर थे. इसके बाद उनके उत्तराधिकारी बने हेल्मुट श्मिट. इन दोनों नेताओं को जर्मन राजनीति में आज भी बेहद सम्मान से देखा जाता है. पार्टी के गेरहार्ड श्रोएडर भी देश के चांसलर रहे हैं.

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चुनावी वादे

एसपीडी के चुनावी अभियान का केंद्र बिंदु सामाजिक न्याय है. यह मजबूत सामाजिक ढांचे की वकालत करती है. पार्टी ज्यादा आय पर अधिक कर लगाकर सामाजिक समरसता लाने की पक्षधर है. इसके अतिरिक्त पार्टी का जोर आधारभूत सुविधाओं समेत शिक्षा की बेहतरी में निवेश करने पर है.

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वामपंथी पार्टी (डी लिंके)

डी लिंके पार्टी का गठन पार्टी ऑफ डेमोक्रेटिक सोशलिज्म (पीडीएस) और लेबर एंड सोशल जस्टिस संगठन (डब्ल्यूएसएसजी) के विलय के बाद हुआ. पार्टी उन उम्रदराज लोगों में बेहद लोकप्रिय है जो कभी जीडीआर का समर्थन करते थे. इसे दर्शाने के लिए मजेंटा रंग का इस्तेमाल किया जाता है.

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वामपंथी पार्टी के बड़े नेता

एसपीडी के पूर्व अध्यक्ष ऑस्कर लाफोन्टेन ने डी लिंके का नेतृत्व किया और आज भी पार्टी में अहम नेता हैं. कात्या किपिंग और बैर्न्ड रिक्सिंगर इस समय पार्टी के नेता हैं, लेकिन पार्टी सारा वागेनक्नेष्ट और डीटमार बार्च के नेतृत्व में संसद का चुनाव लड़ रही है.

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चुनावी वादे

अपने घोषणापत्र में डी लिंके पार्टी ने न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 12 यूरो प्रति घंटा करने, मिनीजॉब्स को खत्म करने, पेंशन को बढ़ाने, बुनियादी सेवाओं के लिये विशेष कर, किफायती आवास उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों को शामिल किया है. इस पार्टी का देश के पूर्वी हिस्से में बड़ा जनाधार है.

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ग्रीन पार्टी

ग्रीन पार्टी को उसके नाम के अनुरूप हरे रंग से दर्शाया जाता है. इसका मुख्य जनाधार पढ़े-लिखे और शहरी लोगों के बीच है. कुल मिलाकर इसका जनाधार बड़े शहरों में है. पिछले चुनावों में उसे 8.4 फीसदी वोट मिले थे. पार्टी का गठन पर्यावरण समर्थन आंदोलनों के चरम पर 1980 में हुआ था.

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ग्रीन पार्टी के बड़े नेता

जर्मन ग्रीन पार्टी अपनी करिश्माई नेता पेत्रा केली के कारण सुर्खियों में आयी. बाद में योश्का फिशर देश के लोकप्रिय विदेश मंत्री रहे.

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पार्टी का नेतृत्व

इस समय चेम ओएज्देमीर और जिमोने पेटर पार्टी के अध्यक्ष हैं. तस्वीर में ओएज्देमीर और कातरीन ग्योरिंग-एकार्ट नजर आ रहे हैं इनके नेतृत्व में पार्टी इस बार चुनाव मैदान में उतरी है. पार्टी पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समता से जुड़े मुद्दों को अपना वैचारिक आधार मानती है.

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अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी)

हल्के नीले रंग से दिखाई जाने वाली यह पार्टी कम शिक्षित और कम आय वाले लोगों के बीच लोकप्रिय है. पिछले चुनावों में इसे 4.7 फीसदी वोट मिले थे. साझा मुद्रा यूरो को लेकर एक अकादमिक आलोचक समूह ने इसका गठन किया था.

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एएफडी के नेता और मुद्दे

पार्टी के नेता फ्राउके पेट्री और योर्ग म्यूथेन हैं. पार्टी को शरणार्थियों के मुद्दे पर सबसे अधिक लाभ हुआ है. पार्टी देश की ऊर्जा नीतियों में बदलाव की बड़ी पैरोकार है. हालांकि उग्र दक्षिणपंथी समझी जाने वाली पार्टी सख्त कानून व्यवस्था की पक्षधर है लेकिन आतंकवाद सरीखे बड़े मसले पर कोई टिप्पणी नहीं करती.

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फ्री डेमोक्रेटिक पार्टी (एफडीपी)

एफडीपी को कारोबारियों की पार्टी माना जाता है. अपनी उदारवादी नीतियों के कारण यह छोटे बड़े उद्यमियों के बीच अधिक लोकप्रिय है. पिछले चुनावों में पांच प्रतिशत न्यूनतम वोट नहीं पाने के कारण पार्टी बुंडेसटाग में दाखिल नहीं हो सकी थी लेकिन इस बार माहौल इसके पक्ष में नजर आ रहा है.

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एफडीपी के नेता और मुद्दे

पीले रंग में दर्शायी जाने वाली इस पार्टी के अध्यक्ष किस्टियान लिंडनर हैं. इसका गठन साल 1948 में हुआ था. यह पार्टी नागरिक अधिकारों और कर कटौती की पक्षधर है और साथ ही कारोबार में अत्यधिक सरकारी नियमन के खिलाफ है.

जर्मन चुनावों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. चुनाव में एक महीने से कम का समय बचा है, एक नजर यहां के प्रमुख राजनीतिक दलों और इनके मुद्दों पर..

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