ललित मोदी के पर कतरने की तैयारी

आईपीएल की कोच्चि फ्रैंचाइज़ी के स्वामित्व को लेकर उठा विवाद ललित मोदी पर भारी पड़ता दिख रहा है. बीसीसीआई की धर्मशाला में एक अहम बैठक हुई जिसमें आईपीएल कमिश्नर मोदी के पर कतरने पर बात हुई.

हालांकि बीसीसीआई के प्रवक्ता राजीव शुक्ला धर्मशाला में ऐसी किसी बैठक से इनकार करते हैं. उनका कहना है, "कोई बैठक नहीं हुई है. हम वहां मैच देखने गए. आईपीएल के बाद ही औपचारिक रूप से बैठक होगी." सूत्र कहना है कि आईपीएल 3 खत्म होने के बाद कमिश्नर के तौर पर मोदी के अधिकार कम किए जा सकते हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

खासकर कोच्चि फ्रैंचाइज़ी के सिलसिले में जिस तरह विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर से मोदी की सार्वजनिक तकरार हुई और आईपीएल की आमदनी को लेकर सवाल उठे हैं, उसे देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को सामने आना ही पडा है. बीसीसीआई के अधिकारियों ने अपनी एक अनौपचारिक बैठक में इस पूरे विवाद की विस्तार से चर्चा की.

जब से मोदी ने ट्विटर पर कोच्चि फ्रैंचाइजी में हिस्सेदारी रखने वालों का खुलासा किया है, उसके बाद बीसीसीआई के आला अधिकारियों की यह पहली बैठक है. बड़ी बात यह है कि आईपीएल के कमिश्नर और कर्ताधर्ता ललित मोदी को इस बैठक से दूर रखा गया. बैठक में प्रशासनिक परिषद के अहम सदस्यों ने इस पूरे विवाद और आईपीएल के दफ्तरों पर पड़े छापों से जुड़े घटनाक्रम का जायजा लिया.

बैठक से ललित मोदी को दूर रखने से साफ तौर पर संकेत मिलता है कि उनके पर कतरने की तैयारी हो रही है. आईपीएल की शासकीय परिषद के बहुत से सदस्यों की राय थी कि मोदी के अधिकार कम किए जाए जबकि बीसीसीआई में उनके कई विरोधी तो कमिश्नर पद से उनकी छुट्टी ही चाहते हैं. एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, "यह एक अनौपचारिक बैठक थी जिसमें शासकीय परिषद के सदस्यों ने मुद्दे पर चर्चा की. हम ज्यादा से ज्यादा सदस्यों की राय जानना चाहते हैं. अभी कोई फैसला नहीं किया गया है और बैठक जारी रहेगी."

हालांकि बीसीसीआई के प्रवक्ता राजीव शुक्ला धर्मशाला में ऐसी किसी बैठक से इनकार करते हैं. उनका कहना है, "कोई बैठक नहीं हुई है. हम वहां मैच देखने गए. आईपीएल के बाद ही औपचारिक रूप से बैठक होगी." सूत्र कहना है कि आईपीएल 3 खत्म होने के बाद कमिश्नर के तौर पर मोदी के अधिकार कम किए जा सकते हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

खासकर कोच्चि फ्रैंचाइज़ी के सिलसिले में जिस तरह विदेश राज्य मंत्री शशि थरूर से मोदी की सार्वजनिक तकरार हुई और आईपीएल की आमदनी को लेकर सवाल उठे हैं, उसे देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को सामने आना ही पडा है. बीसीसीआई के अधिकारियों ने अपनी एक अनौपचारिक बैठक में इस पूरे विवाद की विस्तार से चर्चा की.

जब से मोदी ने ट्विटर पर कोच्चि फ्रैंचाइजी में हिस्सेदारी रखने वालों का खुलासा किया है, उसके बाद बीसीसीआई के आला अधिकारियों की यह पहली बैठक है. बड़ी बात यह है कि आईपीएल के कमिश्नर और कर्ताधर्ता ललित मोदी को इस बैठक से दूर रखा गया. बैठक में प्रशासनिक परिषद के अहम सदस्यों ने इस पूरे विवाद और आईपीएल के दफ्तरों पर पड़े छापों से जुड़े घटनाक्रम का जायजा लिया.

बैठक से ललित मोदी को दूर रखने से साफ तौर पर संकेत मिलता है कि उनके पर कतरने की तैयारी हो रही है. आईपीएल की शासकीय परिषद के बहुत से सदस्यों की राय थी कि मोदी के अधिकार कम किए जाए जबकि बीसीसीआई में उनके कई विरोधी तो कमिश्नर पद से उनकी छुट्टी ही चाहते हैं. एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, "यह एक अनौपचारिक बैठक थी जिसमें शासकीय परिषद के सदस्यों ने मुद्दे पर चर्चा की. हम ज्यादा से ज्यादा सदस्यों की राय जानना चाहते हैं. अभी कोई फैसला नहीं किया गया है और बैठक जारी रहेगी."

हालांकि बीसीसीआई के प्रवक्ता राजीव शुक्ला धर्मशाला में ऐसी किसी बैठक से इनकार करते हैं. उनका कहना है, "कोई बैठक नहीं हुई है. हम वहां मैच देखने गए. आईपीएल के बाद ही औपचारिक रूप से बैठक होगी." सूत्र कहना है कि आईपीएल 3 खत्म होने के बाद कमिश्नर के तौर पर मोदी के अधिकार कम किए जा सकते हैं.

रिपोर्टः एजेंसियां/ए कुमार

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