विंटरकॉर्न के जाने का समय आया

अमेरिका में प्रदूषण टेस्ट में धोखाधड़ी का पता चलने के बाद जर्मन कंपनी फोल्क्सवागेन पर गुस्सा बढ़ रहा है. आलोचना के केंद्र में कंपनी प्रमुख मार्टिन विंटरकॉर्न हैं. थोमस नॉयफेल्ड का कहना है कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए.

इस साल के शुरू में जब फर्डीनांड पीएश कंपनी के सत्ता संघर्ष में मार्टिन विंटरकॉर्न को हटाना चाहते थे तो वे मैदान छोड़ने को तैयार नहीं थे. 68 वर्षीय विंटरकॉर्न ने संघर्ष किया और जीते. पीएश ने बोर्ड से इस्तीफा दे दिया और लगा कि विंटरकॉर्न और ताकतवर हो गए हैं. वह अब इतिहास बन चुका है. लेकिन अमेरिका में हुई धोखाधड़ी के बारे में उन्हें कितना भी पता रहा हो, आखिरकार जिम्मेदारी उनकी है. वे कंपनी के प्रमुख हैं और उसका प्रतिनिधित्व करते हैं. इस बीच मामला बढ़ रहा है. राजनीतिज्ञ जांच की मांग कर रहे हैं, संसद में बहस होनी है. यह दिखाता है कि फोल्क्सवागेन का जर्मनी और कार उद्योग की छवि के लिए कितना महत्व है.

थोमस नॉयफेल्ड

बुधवार को प्रदूषण संकट पर विचार करने के लिए कंपनी के बोर्ड की बैठक हो रही है. बोर्ड मार्टिन विंटरकॉर्न से जवाब चाहती है. वे यह नहीं कह सकते कि उन्हें कुछ पता नहीं था, जबकि उन्होंने अमेरिका को अपना मुख्य लक्ष्य बना रखा था. लेकिन यही काम उन्होंने ठीक से नहीं किया. उनके लिए विश्व की सबसे बड़ी कार कंपनी के ताकतवर प्रमुख का खेल खत्म हो चुका है. यह एक ऐसे इंजीनियर के लिए त्रासद है जिसने लोअर सेक्सनी के छोटे से शहर की इस कंपनी को दुनिया के शीर्ष पर ला दिया है. सबसे ज्यादा कर्मचारी, सबसे ज्यादा उत्पादन और सबसे ज्यादा टर्नओवर. लेकिन अब 200 अरब की कंपनी को नई शुरुआत चाहिए ताकि वह चोटी का कार निर्माता बना रहे.

कंपनी के बोर्ड को फौरन फैसला लेना होगा क्योंकि समूचे जर्मन कार उद्योग की छवि दाव पर लगी है. उसके साथ दुनिया भर में लाखों रोजगार जुड़े हैं. कंपनी के प्रमुख शेयरधारी फर्डीनांड पीएश की पूरी मामले पर नजर होगी. वे तो विंटरकॉर्न से पहले ही छुटकारा पाना चाहते थे. उनकी यह भी दलील थी कि अमेरिका का कारोबार ठीक से नहीं चल रहा है. इस मामले में वे सही थे.

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