विदेशी कामगारों की भर्ती करेगा अब जापान

तेजी से बूढ़ी होती आबादी से निबटने के लिए अब जापान ने भी अपना श्रम बाजार विदेशी कामगारों के लिए खोलने का फैसला किया है. आज से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में वीजा के नए कानून प्रभावी हो रहे हैं.

वीजा के नए कानूनों का मकसद आने वाले सालों में जापान में कामगारों की कमी का सामना करने के लिए दसियों हजार विदेशी कामगारों की भर्ती है. जापान खास कर पड़ोसी चीन, इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम से कामगारों की कमी को भरपाई करना चाहते है. अब तक जापान की छवि राष्ट्रीय समाज की रही है जिसे अपनी एकल राष्ट्रीयता पर नाज है. इसीलिए वह शरणार्थियों को भी नहीं लेता है.

अब नए विदेशी कामगारों की भर्ती ने उसके सामने भारी चुनौती पैदा कर दी है. वीजा के नए नियमों के तहत अर्थव्यवस्था के 14 सेक्टरों में साधारण जापानी भाषा के सामान्य ज्ञान और काम के प्रशिक्षण के साथ विदेशियों को पांच साल के लिए नौकरी करने की अनुमति होगी. इनमें निर्माण, कृषि और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर शामिल हैं. इन सेक्टरों में नौकरी पाने वाले विदेशी अपने परिवारों को जापान नहीं ले जा सकेंगे.

सरकारी अनुमान के अनुसार इस श्रेणी में पहले साल 47,000 लोगों को वीजा मिलेगा. अगले पांच सालों में करीब 3,45,000 लोगों को जापान में नौकरी मिलने की संभावना है. लेकिन श्रम विशेषज्ञों का अनुमान है कि जापान को को दस लाख से ज्यादा विदेशी कामगारों की जरूरत है. सामान्य श्रेणी के कामगारों के विपरीत निर्माण और जहाजरानी क्षेत्र के उच्च प्रशिक्षित कामगार असीमित अवधि के वीजा के लिए आवेदन दे पाएंगे और अपने परिवार को भी साथ ला पाएंगे. अब तक इस तरह का वीजा सिर्फ डॉक्टरों, वकीलों और शिक्षकों को दिया जाता था.

Infografik Bevölkerungsentwicklung Jung Alt Asien EN

जापान तेजी से बूढ़ी होती आबादी और बच्चों के जन्म दर में कमी का सामना कर रहा है. आबादी में कुल काम करने वाली जनसंख्या में कमी के कारण औद्योगिक संगठन लंबे समय से विदेशी कामगारों की भर्ती की मांग कर रहे हैं. हाल के सालों में जापान ने सीमित ही सही, लेकिन विदेशी कामगारों की भर्ती की अनुमति भी दी है. जहां 2012 में जापान में करीब 7 लाख विदेशी काम करते थे इस बीच उनकी संख्या 15 लाख हो गई है. इनकी भर्ती ट्रेनी के रूप में की जाती है और वकीलों की शिकायत है कि वे सस्ते कामगार हैं जिनका शोषण किया जा रहा है और समाज से अलग थलग रखा जा रहा है.

इन सब शिकायतों को दूर करने के लिए कानून मंत्रालय ने उद्यमों से विदेशी कामगारों को जापानी कामगारों जितना या उनसे ज्यादा वेतन देने का निर्देश दिया है. लेकिन जापान में सरकार के कदमों का विरोध भी हो रहा है. विरोध ऐसे लोग कर रहे हैं जो नहीं चाहते कि 12.6 करोड़ की आबादी वाला जापान अपने बाजार को विदेशी कामगारों के लिए खोले. जापान की आबादी का एक तिहाई हिस्सा 60 साल से ज्यादा उम्र का है. ये लोग समयपूर्व रिटायरमेंट के हकदार हैं.

कामगारों की कमी को पूरा करने के लिए जापान दो तरह की रणनीति अपना रहा है. एक तो वह अपने यहां ज्यादा महिलाओं को काम करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है. आम तौर पर महिलाएं या तो शादी के बाद या पहला बच्चा होने के बाद काम नहीं करतीं. 2010 में पहला बच्चा होने के बाद सिर्फ 38 फीसदी महिलाएं काम पर लौटती थीं लेकिन इस बीच उनकी तादाद 50 प्रतिशत हो गई है. सरकार की दूसरी रणनीति विदेशी कर्मचारियों की भर्ती है.

रिपोर्ट: महेश झा (डीपीए)

विदेशियों को सेना में कौन शामिल करता है

बेल्जियम

2004 से बेल्जियम की सेना में 18-34 साल के यूरोपीय नागरिकों की सैनिक के रूप में भर्ती शुरू की गई.

विदेशियों को सेना में कौन शामिल करता है

आयरलैंड

आयरलैंड यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र यानी यूरोपीय संघ समेत आइसलैंड, लिश्टेनश्टाइन और नॉर्वे के लोगों को सेना में शामिल करता है. दूसरे देश के नागरिक अगर 3 साल से ज्यादा समय से आयरलैंड में रह रहे हों, तो वे भी सेना में भर्ती हो सकते हैं.

विदेशियों को सेना में कौन शामिल करता है

लग्जमबर्ग

लग्जमबर्ग भी यूरोपीय नागरिकों को अपनी सेना में जगह देता है. बशर्ते वो देश में 3 साल से ज्यादा वक्त से रह रहे हों और उनकी उम्र 18 से 24 साल के बीच हो.

विदेशियों को सेना में कौन शामिल करता है

डेनमार्क

डेनमार्क की सेना में भर्ती होने के लिए डेनमार्क में रहने वाले विदेशी लोग आवेदन दे सकते हैं. डेनमार्क में रहने के अलावा उम्मीदवार का डैनिश भाषा बोलना भी जरूरी है.

विदेशियों को सेना में कौन शामिल करता है

फ्रांस

फ्रांस का फॉरेन लीजन अनोखा है. यह सबसे पुरानी सिर्फ विदेशी सैनिकों की शाखा है जो अब भी सक्रिय है. यह 1831 में बनी और इसे अब भी फ्रेंच सेना के अधिकारियों से आदेश मिलता है. इसमें शामिल लोग 3 साल की नौकरी के बाद ही फ्रांस की नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं.

विदेशियों को सेना में कौन शामिल करता है

स्पेन

स्पेन ने 2002 से विदेशियों की सेना में भर्ती शुरू की. पहले स्पेन के पुराने उपनिवेशों के नागरिकों को मौका दिया गया. बाद में इसमें मोरक्को भी शामिल हुआ. मोरक्को का उत्तरी हिस्सा कभी स्पेन का उपनिवेश रहा था. सेना में कई ऐसे लोग भी हैं जो स्पेनवासी नहीं हैं. विदेशियों का कोटा 2 फीसदी से बढ़ कर अब 9 फीसदी हो गया.

विदेशियों को सेना में कौन शामिल करता है

ब्रिटेन

ब्रिटेन ने 2018 में कॉमनवेल्थ देशों के नागरिकों के सेना में भर्ती होने के लिए चली आ रही 5 साल ब्रिटेन में रहने की शर्त को खत्म कर दिया है. अन्य देशों के नागरिक यहां की सेना में नहीं जा सकते यहां तक कि यूरोपीय संघ के भी नहीं.

विदेशियों को सेना में कौन शामिल करता है

रूस

सेना में शामिल होने के नियमों को 2010 में रूस ने आसान किया. इसे पुराने सोवियत संघ के देशों में रह रहे रूसी लोगों को बुलाने का जरिया माना गया. हालांकि रूस ने विदेशियों के लिए कई दूसरे कदम भी उठाए हैं. रूसी भाषा बोलने वाले गैर-रूसी लोग 5 साल के करार पर सेना में जा सकते हैं. 3 साल बाद नागरिकता के भी कई विकल्प मिलते हैं.

विदेशियों को सेना में कौन शामिल करता है

अमेरिका

अमेरिका की सेना में स्थाई निवासी और ग्रीन कार्ड रखने वाले ही शामिल हो सकते हैं. हालांकि उन्हें सेना में कमीशन नहीं मिलता. 2002 में तब के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने गैर-अमेरिकी सैनिकों की नागरिकता को आसान और तेज बनाने के आदेश दिए. हर साल यहां सेना में 8,000 विदेशी नागरिक भर्ती होते हैं. इनमें ज्यादातर मेक्सिको और फ्रांस के लोग हैं. माइक्रोनेशिया और पलाउ के लोग भी सेना में आ सकते हैं.

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