विमान दुर्घटना पर शोक की लहर

जर्मनविंग्स के विमान एयरबस ए320 के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद कई चालकों ने मरने वालों को श्रद्धांजलि देते हुए विमान उड़ाने से इनकार कर दिया. जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने मृतकों के परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई.

स्पेन के शहर बार्सिलोना से जर्मन शहर डुसेलडॉर्फ आ रही जर्मन एयरलाइंस जर्मनविंग्स की फ्लाइट में 144 यात्रियों समेत 6 चालक दल के सदस्य शामिल थे. विमान फ्रांस की आल्प्स पहाड़ियों में दुर्घटनाग्रस्त हुआ. जर्मनविंग्स का कहना है विमान से आखिरी संपर्क स्थानीय समयानुसार सुबह 10:45 पर हुआ था जब वह 11,500 मीटर की ऊंचाई पर था. लेकिन इसके ठीक बाद ही विमान आठ मिनट के अंदर नीचे आ गया. अधिकारियों के मुताबिक विमान टुकड़ों में बिखर गया है. हादसे में किसी के भी बचने की उम्मीद नहीं है.

दुर्घटनास्थल आल्प्स पर्वत श्रृंखला में करीब दो हजार मीटर की ऊंचाई पर है. समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, विमान ने स्थानीय समयानुसार 10:47 मिनट पर आपात सिग्नल भेजे थे. हादसे की जगह राहत और बचाव कार्य के लिए हेलीकॉप्टर लगे हैं. विमान का ब्लैक बॉक्स मिल गया है. बताया जा रहा है कि विमान में करीब 67 जर्मन यात्री सवार थे. यात्रियों में जर्मनी के एक स्कूल के 16 छात्र और दो टीचर भी थे.

दुर्घटनाग्रस्त विमान को जर्मन विमान कंपनी लुफ्थांसा ने 1991 में खरीदा था और उसे 2014 में जर्मनविंग्स की सेवा में शामिल किया गया था. जर्मन विंग्स के प्रमुख थॉमस विंकेलमन के अनुसार विमान की सोमवार को डुसेलडॉर्फ में रूटीन जांच की गई थी. विमान की अंतिम विस्तृत ओवरहॉलिंग 2013 की गर्मियों में हुई थी. विंकेलमन ने बताया कि पाइलट को लुफ्थांसा और जर्मनविंग्स के लिए विमान उड़ाने का दस साल और एयरबस पर 6000 घंटे की उड़ान का अनुभव था.

अधिकारियों के मुताबिक विमान टुकड़ों में बिखर गया है. हादसे में किसी के भी बचने की उम्मीद नहीं है.

शोक की लहर

दुर्घटना पर जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने अफसोस जताते हुए विमान में सवार यात्रियों के परिवारों से सहानुभूति जताई है. मैर्केल ने कहा कि वह खुद दुर्घटनास्थल पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगी. मैर्केल ने कहा, "मुझे इस बात की चिंता है कि क्षति किस हद तक हुई है. यह बहुत सारे लोगों के लिए बड़ा हादसा है. मेरी और सरकार की सहानुभूति मरने वालों और उनके परिवारों के साथ है." मैर्केल ने बताया कि उनकी फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांसोआ ओलांद और स्पेन के प्रधानमंत्री मारिआनो राखोय से फोन पर बात हुई है. उन्होंने बताया, "हमारी इस बात पर सहमति बनी है कि हादसे का कारण जानने के लिए हमारे देश एक दूसरे की हर संभव कोशिश करेंगे."

फ्रांसोआ ओलांद ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई. उनके मुताबिक, फ्रांसीसी सरकार ने हादसे के बाद के हालात से निपटने के लिए एक उच्च स्तरीय सेल का गठन किया है. उधर जर्मन राष्ट्रपति योआखिम गाउक ने हादसे की खबर सुनकर अपना दक्षिण अमेरिकी दौरा छोटा कर दिया. उन्होंने पेरू में पत्रकारों से कहा, "मेरे देश में अनगिनत लोगों की ही तरह मैं भी सदमे में हूं. मैं सिर्फ प्रभावित परिवारों के दर्द और उनकी तकलीफ की कल्पना ही कर सकता हूं."

एसएफ/एमजे (एएफपी,डीपीए)

दर्दनाक विमान हादसा

एयरबस 320 ने 144 यात्रियों और 6 क्रू सदस्यों के साथ उड़ान भरी.

दर्दनाक विमान हादसा

यह हादसा फ्रांस की आल्प्स पहाड़ियों में हुआ.

दर्दनाक विमान हादसा

दुर्घटना की सही वजह अभी तक ज्ञात नहीं है. आप्ल्स की पहाड़ियों में विमान का मलबा कागज के टुकड़ों की तरह बिखरा है.

दर्दनाक विमान हादसा

दुर्घटना की खबर आते ही बार्सिलोना और ड्यूसेलफॉर्फ दोनों ही हवाई अड्डों पर यात्रियों के परिजनों की भीड़ लग गई.

दर्दनाक विमान हादसा

जर्मन चांसलर अंगेला मैर्केल ने दुर्घटना पर अफसोस जाहिर करते हुए यात्रियों के परिवारों से सहानुभूति जताई है.

दर्दनाक विमान हादसा

साल 2014 में कई विमान दुर्घटनाएं हुईं. शुरुआत हुई मार्च में मलेशियन एयरलाइंस के एमएच370 विमान के लापता होने से हुई. जुलाई में ही मलेशियन एयरलाइंस का विमान एमएच17 यूक्रेन में क्रैश हुआ. विमान मिसाइल हमले का निशाना बना. फिर इंडोनेशिया के सुरबाया से सिंगापुर के लिए 27 दिसंबर को निकले एयर एशिया के विमान क्यूजेड 8501 का कंट्रोल टॉवर से संपर्क टूट गया. दो दिन बाद जावा सागर में मलबा मिला.

संबंधित सामग्री

हमें फॉलो करें