वीडियो: पिता के जुड़वां को देख भौचक्का

सोलह महीने का बच्चा भला जुड़वां का मतलब क्या जाने. वह समझ नहीं पाता कि वह जिसकी गोद में है वह पिता हैं या जो उसके सामने खड़े हैं उसे उनकी तरफ लपकना चाहिए.

बच्चे की मोहक अदाओं ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया. वीडियो को 1.8 करोड़ बार देखा जा चुका है और तीन लाख से ज्यादा शेयर मिले हैं. गिनती जारी है. वीडियो में देखा जा सकता है कि यह बच्चा दोनों को ही अपना पिता समझ कर डा-डा कहकर पुकार रहा है.

बच्चे के पिता स्टीफेन रतपोजानकुल ने यह वीडियो बनाया और फेसबुक पर अपलोड किया. पिता के हूबहू दिखने वाले जुड़वां भाई मिषेल को सामने देख बच्चा समझ नहीं पाता कि अगर उसके पिता उसके सामने खड़े हैं तो वह कौन हैं जो उसे गोद में उठाए हैं. और इस तरह बार बार उसे गोद बदलते देखा जा सकता है.

एक समय पर आकर स्टीफेन मिषेल का चश्मा उतार देते हैं. बच्चा फिर समझता है कि मिषेल ही उसके पिता हैं और उनकी तरफ लपकता है. लेकिन जब स्टीफेन अपना भी चश्मा उतार देते हैं तो रीद भौचक्का रह जाता है.

नवजात शिशुओं के लिए 12 टिप्स

मालिश करें

भारत में बच्चों की मालिश का चलन नया नहीं है. लेकिन माता पिता अक्सर इस परेशानी से गुजरते हैं कि बच्चे की मालिश कब और कैसे की जाए. शिशु को दूध पिलाने के बाद या उससे पहले मालिश ना करें. घी या बादाम तेल को हल्के हाथ से बच्चे के पूरे शरीर पर मलें. नहलाने से पहले मालिश करना अच्छा होता है.

नवजात शिशुओं के लिए 12 टिप्स

ध्यान से नहलाएं

नवजात शिशुओं की त्वचा बेहद नाजुक होती है. बहुत ज्यादा देर तक पानी में रहने से वह सूख सकती है. ध्यान रखें कि पानी ज्यादा गर्म ना हो. शुरुआती तीन हफ्ते में गीले कपड़े से बदन पोंछना काफी है. अगर आप बेबी शैंपू का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो एक हाथ से बच्चे की आंखों को ढक लें. नहाने के बाद बच्चे बेहतर नींद सो पाते हैं.

नवजात शिशुओं के लिए 12 टिप्स

आराम से सुलाएं

ब्रिटेन की शिशु रोग विशेषज्ञ डॉन केली बताती हैं कि माता पिता बच्चों को सुलाने से पहले उन्हें कपड़ों की कई परतें पहना देते हैं, "खास कर रात को, वे उन्हें बेबी बैग में भी डाल देते हैं और उसके ऊपर से कंबल भी ओढ़ा देते हैं." केली बताती हैं कि इस सब की कोई जरूरत नहीं. बहुत ज्यादा गर्मी बच्चे के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है.

नवजात शिशुओं के लिए 12 टिप्स

रोने से घबराएं नहीं

बच्चे रोते हैं और इसमें परेशान होने वाली कोई बात नहीं है. जच्चा बच्चा सेहत पर किताब लिख चुकी अमेरिका की जेनिफर वॉकर कहती हैं, "बच्चे रोने के लिए प्रोग्राम्ड होते हैं. उनके रोने का मतलब यह नहीं कि आप कुछ गलत कर रहे हैं, बल्कि यह उनका आपसे बात करने का तरीका है." मुंह में पैसिफायर लगा हो, तो बच्चे कम रोते हैं.

नवजात शिशुओं के लिए 12 टिप्स

दांतों की देखभाल

न्यूयॉर्क स्थित डेंटिस्ट सॉल प्रेसनर कहती हैं कि कई बार मां बाप बहुत देर में बच्चों के हाथ में ब्रश थमाते हैं. दूध के दांत बहुत नाजुक होते हैं और इन्हें बहुत ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है. प्रेसनर का कहना है कि जब दांत आने लगें, तो बच्चे को ठीक सोने से पहले दूध पिलाना बंद कर दें. अगर ब्रश कराना शुरू नहीं किया है, तो दूध पिलाने के बाद गीले कपड़े से दांत साफ करें.

नवजात शिशुओं के लिए 12 टिप्स

कुदरत के साथ

बच्चों को जितना हो सके कुदरत के साथ जोड़ें. आज के हाई टेक जमाने में माता पिता बच्चों को मोबाइल, टेबलेट और टीवी के साथ ही बढ़ा करने लगे हैं. अमेरिका की अकेडमी ऑफ पीडिएट्रिक्स का कहना है कि कम से कम दो साल की उम्र तक बच्चों को स्क्रीन से दूर रखना चाहिए.

नवजात शिशुओं के लिए 12 टिप्स

रंगों के बीच

बच्चों के आसपास रंग होना अच्छा है. आठ से नौ महीने के होने पर बच्चे अलग अलग तरह के रंग, सुगंध, शोर और स्पर्श को पहचानने लगते हैं. यही उन्हें सिखाने का सही समय भी है.

नवजात शिशुओं के लिए 12 टिप्स

खेल खेल में

बच्चे खेल खेल में नई चीजें सीखते हैं. सिर्फ वस्तुओं को पहचानना ही नहीं, बल्कि खुशी और गुस्से जैसे भावों को भी समझने लगते हैं. बच्चों से बात करते हुए मुस्कुराएं और उनकी आंखों से संपर्क बना कर रखें. याद रखें कि बच्चे बोल नहीं सकते, इसलिए आंखों के जरिए संवाद करते हैं.

नवजात शिशुओं के लिए 12 टिप्स

मम्मी के साथ पढ़ाई

बच्चे के साथ बातें करें. जब वह कोई आवाजें निकाले, तो उन्हें दोहराएं और उसके साथ कुछ शब्द जोड़ दें. इस तरह बच्चे का जल्द ही भाषा के साथ जुड़ाव बन सकेगा. किताबों से पढ़ कर कहानियां सुनाने के लिए बच्चे के स्कूल पहुंचने का इंतजार ना करें. छोटे बच्चे इन कहानियों के जरिए नई आवाजें और शब्द सीखते हैं.

नवजात शिशुओं के लिए 12 टिप्स

पापा के साथ ब्रश

बच्चों को नई नई चीजें सिखाने का सबसे अच्छा तरीका है उनके साथ वही चीज करना. बच्चे देख कर वही चीज दोहराते हैं. इसी तरह से आप उन्हें कसरत करना भी सिखा सकते हैं. शुरुआत में ध्यान लगने में वक्त लग सकता है लेकिन बाद में बच्चे नई चीजें करने में आनंद लेने लगते हैं.

नवजात शिशुओं के लिए 12 टिप्स

पहले कदम

जब तक बच्चे चलना नहीं सीख लेते उन्हें जूतों की जरूरत नहीं होती. इन दिनों फैशन के चलते माता पिता नवजात शिशुओं के लिए भी जूते खरीदने लगे हैं. शिशुओं के लिए मोजे ही काफी हैं. ये उनके लिए आरामदेह भी होते हैं.

नवजात शिशुओं के लिए 12 टिप्स

पहला जन्मदिन

बच्चे वयस्कों की तरह पार्टी नहीं कर सकते. वे जल्दी थक जाते हैं और भीड़ से ऊब भी जाते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए अपने बच्चे की पहली बर्थडे पार्टी को एक से दो घंटे तक ही सीमित रखें ताकि पार्टी बच्चे की मुस्कराहट का कारण बने, आंसुओं का नहीं.

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