सनी लियोनी को मिलती है प्रियंका से प्रेरणा

सनी लियोनी का कहना है कि उनकी नजर में प्रियंका चोपड़ा सर्वाधिक प्रेरणादायक महिला हैं. वहीं अपने बेबाक बयानों के लिये मशहूर राखी सावंत ने कहा है कि सनी लियोनी ने उन्हें फिल्मों में अंग प्रदर्शन के लिये मजबूर किया है.

साल 2012 में फिल्म 'जिस्म 2' से बॉलीवुड में अपने फिल्मी करियर की शुरूआत करने वाली सनी लियोनी ने कहा, "मेरी नजर में सबसे बढ़िया अभिनेत्री कौन है, इस पर कह सकती हूँ कि मुझे विद्या बालन हमेशा अच्छी लगती हैं. मेरे ख्याल से कंगना रनौत भी अच्छा काम करती हैं."

सनी लियोनी ने प्रियंका चोपड़ा को प्रेरणादायक बताते हुए कहा, "मेरे ख्याल से प्रियंका चोपड़ा हर फन में उस्ताद हैं. वह सब कुछ करती हैं. मुझे वह यहां तमाम लेखों और हर चीज में दिखती हैं. मैं जब अमेरिका लौटती हूँ तो वहां भी उनके इश्तहार देखती हूं." सनी लियोनी ने कहा, "गर्व महसूस होता है जब आप दूसरे देश में हों और वहां भी वह एक इश्तहार में नजर आ रही हों. मेरे खयाल से वह बहुत प्रेरणादायक हैं."

उधर राखी सावंत का कहना है कि उन्हें अंग प्रदर्शन के लिए सनी लियोनी ने मजबूर किया है. राखी का कहना है कि अगर वह एक्सपोज नहीं करेंगी तो उन्हें फिल्में नहीं मिलेंगी क्योंकि लोगों को वही पसंद है जो सनी लियोनी करती हैं. इसलिए अगर वह अंग प्रदर्शन नहीं करेंगी तो फिल्म किसी और को मिल जाएगी.

राखी सांवत ने बताया कि हमेशा विवादों में घिरे रहने से उनकी जिंदगी बहुत नेगेटिव हो गई है. सावंत ने कहा, "लोगों ने मुझे नेगेटिव बना दिया है. विवादों में रहने की वजह से मुझे नहीं लगता कि कोई लड़का मुझसे शादी करेगा. लेकिन मुझे इसका गम नहीं है क्योंकि मैं अमिताभ बच्चन और शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी तो हूं नहीं, कि मेरे लिए सब आसान हो."

एमजे/आरआर (वार्ता)

सिल्वर स्क्रीन की देवी बार्दो

महिलाओं का आकर्षण

ब्रिजिट बार्दो मर्लिन मुनरो के साथ लंबे समय तक विश्व सिनेमा का सबसे बड़ा सेक्स सिम्बल रहीं. 1950 के दशक में अपने पति रोजर वादिम की फिल्म के साथ वे अंतरराष्ट्रीय सिनेमा जगत में चमकीं और वर्जनाओं को तोड़ने वाली आदर्श बन गईं.

सिल्वर स्क्रीन की देवी बार्दो

करियर की शुरुआत

युवा लड़की के रूप में वे कान के बीच पर समय गुजारा करती थीं. 15 की उम्र में वे मॉडलिंग करने लगीं और फ्रांस की सबसे पूछी जाने वाली मॉडल बन गईं. पेरिस में पैदा हुई बार्दो कंजरवेटिव कैथोलिक परिवार से आती हैं. इसलिए उनका शरीर प्रदर्शन सबको अच्छा नहीं लगा.

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फिल्मी कामयाबी

अपने प्रेम प्रसंगों, शादियों और विवाहेत्तर संबंधों से ब्रिजिट बार्दो ने उतना ही हंगामा मचाया जितना अपनी फिल्मों से. वे 1958 में अपने प्रेमी गायक साशा डिस्टेल के संग दिखीं. तब तक उनकी पहली शादी टूट चुकी थी, बाद में उन्होंने और तीन शादियां कीं.

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जाँ लुक गोदार्द के साथ काम

ब्रिजिट बार्दो ने करीब 40 फिल्मो में काम किया. हालांकि हर फिल्म में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी लेकिन उन फिल्मों को आज कोई याद नहीं करता. कलात्मक रूप के कोई आधी दर्जन फिल्में याद रखने के काबिल है. उनमें से एक जाँ लुक गोदार्द की ले मेप्रीस.

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वीवा मारिया

गोदार्द के अलावा उनके करियर में फ्रांसीसी फिल्मकार लुइस माल की अहम जगह है. माल के साथ उन्होंने तीन फिल्में कीं. 1965 में उन्होंने वेस्टर्न कॉमेडी वीवा मारिया में काम किया और जीन मोरो के साथ मिलकर दर्शकों का दिल जीत लिया.

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सौभाग्य और दुर्भाग्य

चमक दमक वाले सार्वजनिक जीवन के पीछे ब्रिजिट बार्दो की निजी जिंदगी में ड्रामे होते रहे. आत्महत्या की कोशिशें और नर्वस ब्रेकडाउन. बीमारियों और अस्पताल से उनका सामना करियर के शुरू से ही होता रहा. 1960 में बेटे का जन्म थोड़ी खुशियां लेकर आया.

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जेट सेट रिश्ते

उन दिनों सबसे सनसनी पैदा करने वाला रहा जर्मन उद्योगपति के वारिस गुंटर जाक्स के साथ बार्दो का रिश्ता. उनका परिचय 1966 में हुआ. गर्मियों में साक्स ने अपने हेलिकॉप्टर से बार्दो के विला पर सैकड़ों गुलाब गिराए. कुछ दिनों बाद उन्होंने शादी कर ली, लेकिन 1969 में ही उनका तलाक हो गया.

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बार्दो का मिथक

ब्रिजिट बार्दो ने सिर्फ सिनेमा के दर्शकों का और बुलेवार पत्रिकाओं के पाठकों का ही मनोरंजन नहीं किया, कुछ बुद्धिजीवी भी 1950 के दशक से ही ब्रिजिट बार्दो के बारे में चर्चा करने लगे थे. प्रसिद्ध लेखिका सिमोन दे बुवोआर ने 1959 में ही ब्रिजिट बार्दो और लोलिता सिंड्रोम नाम का लेख लिखा.

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नाकामी के दिन

भले ही ब्रिजिट बार्दो स्टार रही हों, लेकिन 1967 के बाद उन्होंने किसी नामी फिल्म में काम नहीं किया. उन्हें फैंस को बॉक्स ऑफिस पर लाने में कामयाबी नहीं मिल रही थी. 1971 में क्लाउडिया कार्डिनाल के साथ आई उनकी फिल्म कलात्मक तौर पर प्रेरणादायक नहीं थी.

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पशु संरक्षक

ब्रिजिट बार्दो 40 साल की भी नहीं हुई थीं, जब उन्होंने फिल्म बिजनेस को अलविदा कह दिया. उसके बाद वह खतरे में पड़े या सताए गए पशुओं की रक्षा के लिए काम करने लगीं. वे जल्द ही दुनिया की सबसे प्रभावशाली पशु संरक्षक बन गईं.

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जिद्दी और विवादास्पद

अपने फिल्मी करियर में ब्रिजिट बार्दो जितनी सफल थीं उतनी ही दृढ़ता के साथ उन्होंने बाद के वर्षों में कैमरे से अपनी दूरी बनाए रखी. 90 के दशक से उनके फ्रांस के उग्र दक्षिणपंथी संगठन फ्रंट नेशनल के साथ संपर्क थे और वह समलैंगिकों और फ्रांस के विदेशियों की बढ़ती संख्या के खिलाफ थीं.

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अहम शख्सियत

अपने राजनीतिक विचारों के कारण होने वाली सारी आलोचना के बावजूद ब्रिजिट बार्दो बेशक 20वीं सदी की सांस्कृतिक शख्सियत हैं. उन्होंने सिनेमा के एक पूरे काल को प्रभावित किया है. सेक्स सिम्बल और महिला आत्मनिर्णय के प्रतीक के रूप में उन्होंने दशकों तक आधुनिक महिला की छवि तय की.

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कला इतिहास का हिस्सा

आज ब्रिजिट बार्दो बहुत से लोगों के लिए विवादास्पद शख्सियत हैं. दस साल तक वे अंतरराष्ट्रीय सिनेमा की नामी और सफल अभिनेत्री थीं. उनकी निजी जिंदगी सुर्खियां बनती थीं और एंडी वारहॉल जैसे कलाकार उनकी पेंटिंग बनाते थे.

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