सीरिया शांति वार्ता पर रहस्य बरकरार

सीरिया में युद्ध को रोकने के मकसद से यूएन की मध्यस्थता में होने वाली बैठक योजना के अनुसार ही आयोजित होगी. रहस्य इस पर बना हुआ है कि शुक्रवार को जेनेवा की इस बैठक में कौन शामिल होगा और कौन नहीं.

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता अहमद फौजी शुक्रवार सुबह भी यह बताने की स्थिति में नहीं थे कि जेनेवा वार्ता में कौन शामिल होगा और कौन नहीं. फौजी ने कहा, "योजना के अनुसार वार्ता शुरु होगी. लेकिन मैं नहीं कह सकता कितने बजे, कहां या डेलिगेट कौन होंगे."

सीरिया में गृह युद्ध को सुलझाने के लिए काफी लंबे समय से यूएन की मध्यस्थता वाली इस शांति वार्ता की प्रतीक्षा हो रही थी. चिंता ये है शुक्रवार को शुरु होने वाली इस वार्ता में अगर सभी अहम पक्ष हिस्सा नहीं लेते हैं तो समस्या का हल कैसे निकलेगा. सऊदी अरब समर्थित कई विपक्षी धड़े इस वार्ता में हिस्सा लेने में संकोच करते दिख रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि इसमें हिस्सा लेने वाले जितने भी पक्ष मौजूद होंगे, अंतरराष्ट्रीय वार्ता उन्हीं के साथ तय समय से शुरु होगी. सऊदी अरब में विपक्षी खेमे की हायर नेगोशिएशन कमेटी ने कहा है कि वह जेनेवा जाने के बजाए अपनी आंतरिक चर्चाएं शुक्रवार को ही अपनी राजधानी रियाद में करेगी. इस बैठक में वे अंतिम फैसला लेंगे कि यूएन-प्रायोजित वार्ताओं में हिस्सा लेना है या नहीं.

विपक्ष के कुछ महत्वपूर्ण सदस्यों ने संकेत दिया है कि जेनेवा में उनकी भागीदारी इस पर निर्भर करेगी कि सीरिया सरकार से हवाई हमले बंद करने और शहरों से घेराबंदी हटाने को कहा जाए. कमेटी के प्रमुख रियाद हिजाब ने कहा कि पैनल के सदस्य "इन मु्ददों पर वार्ताओं में कोई संभावना नहीं देख रहे हैं." उन्होंने बताया, "हम इस वार्ता में नहीं जा रहे क्योंकि चर्चा का अजेंडा हमें स्वीकार्य नहीं है. हम पहले की वार्ताओं में साफ कर चुके हैं कि सीरिया के भविष्य में हम सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद की भूमिका नहीं देखते."

2011 से अब तक सीरियाई संघर्ष में ढाई लाख से भी अधिक लोगों की जान गई.

विश्व भर की ताकतें यह उम्मीद कर रही हैं कि जेनेवा वार्ता से सीरियाई संकट को हल करने की एक राजनैतिक प्रक्रिया शुरु होगी. 2011 में एक शांतिपूर्ण सरकारविरोधी प्रदर्शन के साथ पर शुरु हुए आंदोलन में अब तक ढाई लाख से भी अधिक लोगों की जान जा चुकी है. सीरिया के संघर्ष का गलत फायदा उठा कर आतंकी गुट इस्लामिक स्टेट के लड़ाके देश के बड़े हिस्से पर अपना कब्जा जमा चुके हैं.

आरआर/एमजे (डीपीए,रॉयटर्स)

सीरिया में शक्ति प्रदर्शन

रूस का एसयू-24 विमान नीचे से उड़ते हुए बमबारी कर सकता है. तुर्की की सेना ने ऐसे ही रूसी बमवर्षक को सीमा के उल्लंघन का आरोप लगाकर गिरा दिया. विमान तुर्क सीमा से चार किलोमीटर दूर सीरिया के अंदर गिरा.

सीरिया में शक्ति प्रदर्शन

तुर्की ने 24 नवंबर को रूस का एक बमवर्षक मार गिराया. तुर्की का आरोप है कि उसने रूसी लड़ाकू विमान को दस बार चेतावनी दी जिसे पाइलट ने नजरअंदाज कर दिया. उसके बाद तुर्की ने हमले की प्रक्रिया को सक्रिय किया.

सीरिया में शक्ति प्रदर्शन

विदेशी विमान के तुर्की की सीमा के 20 किलोमीटर के अंदर आने पर उन्हें चेतावनी दी जाती है. आठ किलोमीटर करीब आने पर एफ-16 को तैयार कर दिया जाता है. सीमा के हनन पर विदेशी विमान को गिरा दिया जाता है.

सीरिया में शक्ति प्रदर्शन

रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने तुर्की की कड़ी आलोचना की है और उसे आतंकवाद का समर्थक बताया है. पुतिन ने विदेश मंत्रालय द्वारा नागरिकों को तुर्की की यात्रा पर न जाने की सलाह का समर्थन किया है. उन्होंने इसे आवश्यक कदम बताया.

सीरिया में शक्ति प्रदर्शन

रूस और तुर्की के रिश्तों में खटास का आर्थिक असर भी होगा. हर साल करीब 33 लाख रूसी तुर्की जाते हैं. विदेश मंत्री लावरोव की चेतावनी के बाद विमान कंपनी एयरोफ्लोत का शेयर भाव भी गिरा है जो रूसी पर्यटकों को तुर्की ले जाता है. अंताल्या में क्रेमलिन पैलेस होटल.

सीरिया में शक्ति प्रदर्शन

रूसी बमवर्षक तुर्की-सीरिया सीमा पर सीरिया के उस इलाके में गिरा जहां तुर्क मूल के तुर्कमान जाति के लोग रहते हैं. वे सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार का विरोध कर रहे हैं. तुर्की उन्हें समर्थन देता है. रूस का कहना है कि वह आईएस के ठिकानों पर बमबारी कर रहा है.

सीरिया में शक्ति प्रदर्शन

मार गिराए गए विमान में दो पाइलट थे. वे हमले के बाद इजेक्ट हो गए. उनमें से एक की मौत हो गई जबकि दूसरे पाइलट को रूसी और सीरियाई स्पेशल फोर्स ने रात की कार्रवाई के बाद बचा लिया. वह लताकिया में रूसी हवाई चौकी पर सुरक्षित पहुंच गया है.

सीरिया में शक्ति प्रदर्शन

रूसी विमान को गिराए जाने के बाद तुर्की के राष्ट्रपति एरदोवान और प्रधानमंत्री दावोतोग्लू अपनी हवाई सीमा की रक्षा के तुर्की के अधिकार पर जोर दे रहे हैं. उन्हें अमेरिका सहित नाटो के दूसरे सदस्यों का समर्थन भी मिला है.

सीरिया में शक्ति प्रदर्शन

पेरिस पर आतंकी हमले के बाद रूस और पश्चिमी देशों के बीच आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहमति के संकेत दिख रहे थे. पुतिन और एरदोवान अंताल्या में मिले थे. लेकिन तुर्की द्वारा रूसी बमवर्षक को गिराए जाने के बाद इस बात की उम्मीद कम हुई है कि सीरिया में सहमति संभव होगी.

सीरिया में शक्ति प्रदर्शन

जर्मन विदेश मंत्री फ्रांक वाल्टर श्टाइनमायर ने मॉस्को और अंकारा से समझदारी की अपील की है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस घटना का असर सीरिया समस्या के समाधान के लिए हाल ही में शुरू हुई बातचीत पर नहीं पड़ेगा.

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