हो गया फैसला, नर हैं तो जिंदा नहीं बचेंगे

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14.02.2014

मुर्गे ने किया अंडा महंगा

जर्मन संसद में हुआ नर चूजों को मार डालने की परंपरा जारी रखने का फैसला. पशु संरक्षक इस प्रक्रिया को रोकने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार को इस फैसले से पोल्ट्री उद्योग को नुकसान पहुंचने की आशंका है.

हर साल अरबों नर चूजे अंडे से निकलते ही खत्म कर दिए जाते हैं. उनका दोष इतना है कि वे नर पैदा हुए. इस पर प्रतिबंध लगने से जर्मन कृषि और पशुपालन क्षेत्र को नुकसान होने की आशंका के कारण सासंदों ने इस पर रोक लगाने की मांग को रद्द कर दिया है.

इन्हें एक दिन के चूजे भी कहा जाता है क्योंकि उन्हें इससे लंबा जीने ही नहीं दिया जाता. केवल जर्मनी में ही हर दिन हजारों नर चूजे मारे जाते हैं. नर होने के कारण वे अंडे नहीं दे सकते और इसीलिए उन्हें जिंदा रखकर खिलाना पिलाना आर्थिक दृष्टि से घाटे का सौदा है. उन्हें मीट के लिए बड़ा करने का भी कोई फायदा नहीं होता क्योंकि उन पर मांस नहीं चढ़ता.

क्रूर परंपरा

पशु अधिकारों के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस क्रूर परंपरा को रोकने की मांग की थी. जर्मनी की ग्रीन पार्टी ने भी इस मुद्दे पर उनका साथ दिया. वही जर्मन संसद में इस बाबत एक विधेयक ले कर आए जिससे इस पर प्रतिबंध लग सके. लेकिन 17 मार्च 2016 को संसद में इस विधेयक के विरुद्ध वोट पड़े.

चांसलर अंगेला मैर्केल की सत्ताधारी क्रिस्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन (सीडीयू) के डीटर श्टीयर का मानना है, "पशुओं की भलाई इस तरह के हथौड़ामार कदम से नहीं बल्कि पशुधन के मालिकों के हिसाब से चलने से पक्की होगी. वरना होगा ये कि सारा पशु उत्पादन किसी और देश में चला जाएगा."

हर साल 4 करोड़ से ज्यादा नर चूजे केवल जर्मनी में ही मारे जाते हैं और पूरी दुनिया में करीब 2.5 अरब. इन चूजों को या तो तेज चाकुओं वाली मशीन में डालकर टुकड़े टुकड़े में काट दिया जाता है, या फिर कार्बन डाइऑक्साइड के माहौल में गैस कर दिया जाता है. इसके बाद मृत जीवों को पीस कर उनका मीट निकाल लिया जाता है. गैस में दम घुटा कर मारे जाने वाले चूजों को चिड़ियाघरों में पशुओं का चारा बना कर डाल दिया जाता है.

कारोबारी वजहें

जर्मनी के पशु संरक्षण कानून के अनुसार, जानवरों को किसी उपयोगी कारण के लिए ही मारा जा सकता है. चूजों को मारने के तरीकों के लिए भी यूरोपीय संघ का एक डायरेक्टिव है. जर्मनी के खाद्य, कृषि और उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय ने डॉयचे वेले से कहा, "एक दिन के चूजों को मारने का कदम तभी उठाया जाना चाहिए जब बाकी सभी संभावनाएं आजमा ली गई हों." उद्योग जगत का मानना है कि इन पशुओं को जिंदा रखकर मोटा करने से कोई फायदा नहीं होता. 1950 तक ऐसा होता था लेकिन उसके बाद से इस उद्योग में आई तेजी और क्षमता बढ़ाने के प्रयासों के तहत नर चूजों का मारे जाने की परंपरा शुरु हो गई.

रिसर्चर ऐसे तरीके तलाश रहे हैं जिससे पहले से ही अंडों में लिंग निर्धारित किया जा सके. नए तरीकों से लिंग निर्धारण टेस्ट संभव है. फिर चूजों की जान नहीं जाएगी. इसके लिए जरूरी होगा कि विकास के दसवें दिन से पहले ही लिंग निर्धारण हो जाए. इसके बाद मुर्गे का भ्रूण दर्द महसूस करने लगता है. गीसेन यूनिवर्सिटी में एक पीएचडी शोध में इस बात की जांच की गई कि क्या अंडे के आकार से भ्रूण के लिंग का निर्धारण संभव है. यह इतना आसान नहीं. सारे तरीके जिनसे यह पता लगाना संभव है, बहुत ही जटिल हैं.

अंडे के कुछ मजेदार फंडे

ताजा या बासी?

वैसे तो अंडे बहुत जल्दी खराब नहीं होते लेकिन अगर आपको शक है तो पानी के ग्लास में अंडा डाल दें. अगर वह नीचे चला जाता है तो अंडा ताजा है और अगर पानी में ऊपर ही तैरता रहता है तो समझ लें कि बासी है.

अंडे के कुछ मजेदार फंडे

खाएं या ना खाएं

अगर अंडे में थोड़ा हिस्सा लाल निकल आए, तो अक्सर लोग उसे खाने में संकोच करते हैं. लेकिन इसे खाना हानिकारक नहीं है. ये अंडे की जर्दी से जुड़ी हुई कुछ रक्त कोशिकाएं होती हैं.

अंडे के कुछ मजेदार फंडे

उबला या नहीं?

अगर आप अंडा तोड़ने से पहले सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वह ठीक से उबला है या नहीं, तो उसे मेज पर छोड़ दें. अगर अंडा ठीक से घूम रहा है, तो वह अंदर तक पक गया है और अगर इधर उधर लड़खड़ा रहा है, तो अब भी अंदर से कच्चा है.

अंडे के कुछ मजेदार फंडे

पीला या सफेद?

अंडे के सफेद हिस्से में 57 फीसदी प्रोटीन होता है. अधिकतर लोग मानते हैं कि पीले हिस्से में कॉलेस्ट्रॉल के अलावा और कुछ भी नहीं होता लेकिन ऐसा नहीं है. अंडे की जर्दी में विटामिन ऐ, बी, डी और ई होता है.

अंडे के कुछ मजेदार फंडे

कितनी पीली जर्दी?

जर्दी के पीलेपन से उसके पोषण का कोई लेना देना नहीं है. जर्दी का रंग मुर्गी के आहार पर निर्भर करता है. इसीलिए हर जगह के अंडे देखने में थोड़े अलग होते हैं.

अंडे के कुछ मजेदार फंडे

हैंगओवर का इलाज

अगर रात में पार्टी में जरूरत से ज्यादा पी ली है, तो अगली सुबह नाश्ते में अंडे खाने से मदद मिलती है. अंडा शरीर में मौजूद विषैले तत्वों को सोख लेता है और हैंगओवर से बचाता है.

अंडे के कुछ मजेदार फंडे

सिर्फ मुर्गी के ही नहीं

हालांकि आम तौर पर मुर्गी के ही अंडे खाए जाते हैं लेकिन दरअसल बतख, बटेर, हंस और यहां तक कि शुतुरमुर्ग के अंडे भी खाए जा सकते हैं.

अंडे के कुछ मजेदार फंडे

सारा साल अंडे

एक मुर्गी एक साल में लगभग 250 से 280 अंडे दे सकती है. मुर्गियां सारा साल अंडे देती हैं. अंडे देने का कोई खास सीजन नहीं होता. दुनिया भर की अंडों की 40 प्रतिशत पैदावार चीन में होती है.

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