80 की उम्र में चले एवरेस्ट

वो लोग और होंगे जिनकी जिंदगी रिटायरमेंट के साथ खत्म होती होगी. जापान के युचिरो मिउरा ने तो जीना सीखा ही 70 की उम्र में. दस साल में पांच बार हिमालय पर चढ़ चुके हैं और अब 80 की उम्र और दिल का रोग, पर मंजिल वही पुराना शिखर.

कामयाबी मिली तो संतुष्टि भी मिलेगी और रिकॉर्ड बुक में जगह भी. नेपाल के मीन बहादुर शेरपा जब 2008 में दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़े थे, तो उनकी उम्र 76 साल थी.

नेपाल जाने से पहले मिउरा ने कहा, "समझिए कि यह उम्र घटाने की ताजा दवा है." उनका कहना है कि वह रिकॉर्ड के लिए नहीं, बल्कि चुनौती के लिए माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना चाहते हैं. उनका कहना है कि साहस और चुनौती ही वह चीज है, जो उन्हें दिल से जवान रखती है.

मिउरा लंबे वक्त से एवरेस्ट के प्रेम में हैं. 1970 के दशक में वह 8000 मीटर की ऊंचाई से स्की करने वाले पहले शख्स बने. इस पर एक फिल्म भी बनी, जिसने 1976 में डॉक्यूमेंट्री वर्ग का ऑस्कर भी जीता. उन्हें यह काम विरासत में मिली है. उनके पिता कीजो मिउरा ने 99 साल की उम्र में आल्प पर्वत श्रेणी की सबसे ऊंची पहाड़ी मों ब्लां से स्कीइंग की थी.

उनके पिता 101 साल तक रहे और उनके बेटे होने का गर्व मिउरा को भी है. 80 का आंकड़ा छूने के बाद उनका कहना है, "मैं चौथी बार 20 साल का हुआ हूं." उन्हें पहली बार एवरेस्ट पर चढ़ने का ख्याल 65 की उम्र में आया. उस वक्त तक आम तौर पर लोग इस उम्र में कुछ और करना चाहते हैं. इसके बाद 2009 में स्कीइंग करते हुए उनका हादसा भी हुआ लेकिन इस दौरान वह कई बार एवरेस्ट पर चढ़ चुके थे.

लेकिन असल में उन्हें दिल की बीमारी भी है. जनवरी में चौथी बार उनका ऑपरेशन हुआ है और एवरेस्ट पर चढ़ाई से पहले उन्होंने पूरा आराम भी नहीं किया है. मिउरा का कहना है, "जब मैं 70 का था और बाद में जब 75 का, तब भी मैंने खुद से यह सवाल पूछा था कि क्या मैं ऐसा कर पाऊंगा. लेकिन मैंने कोशिश की और कामयाब रहा."

उनका कहना है, "सबसे जरूरी चीज है कि किसी भी कीमत पर आपको हार नहीं मानना चाहिए. अगर आपको दिल की बीमारी है, तब भी." वह एक ऐसे कमरे में अभ्यास करते हैं, जहां का तापमान और ऑक्सीजन स्तर 6000 मीटर की ऊंचाई वाली जगह के हिसाब से तय किया गया है.

मिउरा के साथ उनके 43 साल के बेटे गोटा मिउरा भी जा रहे हैं, जो ओलंपिक में स्कीइंग कर चुके हैं. गोटा का कहना है कि जब वे 33 साल के थे, उस हिसाब से भी उनके पिता ज्यादा मजबूत हैं. मिउरा लगातार टखनों और पीठ पर भार बांध कर अभ्यास करते हैं. इस वजह से उनकी दिल की बीमारी भी बढ़ी है.

फिर भी वह तैयार हैं, "मैं एक बार और जोखिम लेने को तैयार हूं."

एजेए/एनआर (डीपीए)

हमें फॉलो करें