5-10 साल में दुनिया से गायब होने वाला है केला!

पूरी दनिया के लोगों के भोजन में शुमार केला अगले 5 से 10 साल में दुनिया से गायब हो सकता है. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि एक संक्रमण तेजी से फैल रहा है जो केले को लुप्त कर सकता है.

कैलिफॉर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने तीन ऐसी बीमारियों का पता लगाया है जिनकी वजह से केले पर विलुप्त हो जाने का खतरा मंडरा रहा है. इस खोज का फायदा यह हुआ है कि अब वैज्ञानिक केले की ऐसी नस्ल ईजाद करने में जुट गए हैं जिसमें इन घातक बीमारियों की प्रतिरोधक क्षमता हो. डेविस में कैलिफॉर्निया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता आयोनिस स्टेर्जियोपोलस ने बताया, "हमने पता लगाया है कि केले की तीन सबसे गंभीर बीमारियों में से दो वायरल हो चुकी हैं क्योंकि इन बीमारियों ने केले के भीतर मौजूद पोषक तत्वों को अपने लिए इस्तेमाल करने की योग्यता विकसित कर ली है." स्टेर्जियोपोलस बताते हैं कि अब तक इस ओर किसी का ध्यान नहीं गया था कि केले के मेटाबोलिज्म में ही बदलाव हो गए हैं.

तस्वीरों में देखिए, दिमाग खराब करने वाली चीजें

दिमाग खराब करने वाली चीजें

कीटनाशक

खेतों में छिड़का जाने वाला कीटनाशक ना केवल कीड़ों को मारता है, बल्कि आपके दिमाग में मौजूद कुछ अहम कणों को भी. इससे पारकिन्सन होने का खतरा बढ़ जाता है. खास कर गर्भवती महिलाओं में देखा गया है कि कीटनाशक के कारण शिशु का दिमाग ठीक से विकास नहीं कर पाता. इसलिए फल सब्जियां अच्छी तरह धो कर खाएं.

दिमाग खराब करने वाली चीजें

पीबीडीई

आपको इसकी खबर भी नहीं होती लेकिन यह एक ऐसा रसायन है जो फर्नीचर, कपड़ों समेत घर की कई चीजों में मौजूद होता है. जिस चीज पर इसकी कोटिंग लगी होती है, वह आसानी से आग नहीं पकड़ती. यह हवा में मिल जाता है और सांस के साथ हमारे शरीर में पहुंच जाता है, जहां यह दिमाग और पूरे नर्वस सिस्टम पर असर करता है.

दिमाग खराब करने वाली चीजें

धुआं

गाड़ियों से निकलने वाला धुआं हो, लकड़ी या कोयले की आग का धुआं या फिर सिगरेट का, इन सब में पीएएच यानी पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन होते हैं. रिर्सच से पता चला है कि जिन बच्चों के शरीर में इनकी मात्रा अधिक होती है, उनका आईक्यू सामान्य से कम होता है. ये बच्चे पढ़ाई में ध्यान नहीं लगा पाते और इन्हें डिप्रेशन का भी खतरा होता है.

दिमाग खराब करने वाली चीजें

सीसा

पेंट, पानी की पाइप, केबल, बच्चों के खिलौने, इन सबमें सीसा हो सकता है. गर्भवती महिलाओं को इससे सबसे ज्यादा खतरा होता है क्योंकि यह उनकी हड्डियों में जमा हो जाता है. इससे गर्भ में ही शिशु के दिमाग का विकास भी रुक जाता है. गर्भ में ही बुढ़ापा कैसे शुरू हो जाता है यह जानने के लिए ऊपर दिए गए "+और" पर क्लिक करें.

दिमाग खराब करने वाली चीजें

पारा

हालांकि कई जगहों पर पारे के इस्तेमाल पर रोक है लेकिन घर में मौजूद कई चीजों में पारा होता है जैसे कि बल्ब, बैटरी और कई बार तो ब्लीचिंग क्रीम में भी. यह रक्त कोशिकाओं में जमा हो जाता है और दिमाग तक पर्याप्त खून को पहुंचने नहीं देता. अत्यधिक पारे से लकवा भी हो सकता है और मीनामाटा नाम का दिमागी रोग भी.

दिमाग खराब करने वाली चीजें

पीसीबी

पॉली क्लोरीनेटेड बायफिनायल का इस्तेमाल इलेक्ट्रिकल उपकरणों में होता है. हालांकि इसके खतरों को देखते हुए पिछले कुछ सालों में पीसीबी के इस्तेमाल में कमी आई है. यह तंत्रिका तंत्र पर बुरा असर डालता है जिससे इंसान पागल भी हो सकता है. इसके अलावा यह कैंसर का भी कारक है.

दिमाग खराब करने वाली चीजें

दिमाग के लिए अच्छा

इन चीजों से दूर रह कर आप अपने दिमाग को बचा सकते हैं. पर साथ ही जरूरी है कि आप अच्छा खाएं और कुछ ऐसे खेल खेलें जो दिमाग को तेज करते हैं. इस बारे में और जानने के लिए ऊपर दिए गए "+और" पर क्लिक करें.

केला उन पांच चीजों में शामिल है जो रोजाना के भोजन में सबसे आमतौर पर इस्तेमाल होती हैं. दुनिया के 120 देशों में इसका उत्पादन होता है. सालाना लगभग 10 करोड़ टन केला पैदा किया जाता है. लेकिन जिस तेजी से मौजूदा बीमारियां विकसित हो रही हैं, ऐसा हो सकता है कि आने वाले 5 से 10 साल में पूरा केला उद्योग ही खात्मे के कगार पर पहुंच जाए. इसका असर सिर्फ लोगों के भोजन पर नहीं होगा बल्कि करोड़ों छोटे और मझले किसानों की जिंदगी बर्बादी के कगार पर पहुंच जाएगी. साथ ही केला उद्योग से जुड़े करोड़ों लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा.

सिगाटोका नाम की एक बीमारी पहले ही केले के उत्पादन को 40 फीसदी तक घटा चुकी है. सिगाटोका एक बहुत जटिल किस्म की बीमारी है जिसके अंदर तीन तरह की फुंदियां हैं. पिछली सदी में यह बीमारी अस्तित्व में आई और तेजी से फैली है. इसके दो प्रकार यूमूसाए लीफ स्पॉट और ब्लैक सिगाटोका इस वक्त केले की सबसे खतरनाक बीमारियां हैं. ब्लैक सिगोटा से तो दुनियाभर के लोग परेशान हैं क्योंकि इसकी वजह से उत्पादन में भारी गिरावट देखी जा रही है.

(क्या उनकी अगले 1000 साल की भविष्यवाणियां भी सच होंगी)

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

कौन हैं बाबा वंगा

बुल्गारिया में पैदा हुई वेंगेलिया पांडेवा दिमित्रोवा ने 12 साल तक सामान्य जिंदगी जी. कहानियों के मुताबिक इसके बाद एक रहस्यमयी तूफान में उनकी दृष्टि चली गई. कई दिनों बाद वो परिवार को मिलीं लेकिन उनकी आंखों में मिट्टी भर गई थी. लेकिन इसके बावजूद वो काफी कुछ देखती थीं और भविष्यवाणियां कर लोगों की मदद करती थीं.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

अब तक की भविष्यवाणियां

1996 में बाबा वंगा का निधन हुआ. लेकिन उससे पहले ही वो 2001 में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले और 2004 में सुनामी, अफ्रीकी अमेरिकी मूल के व्यक्ति के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने और 2010 के अरब वसंत की भविष्यवाणी कर चुकी थीं.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2019

भारत, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, चीन और जापान में भयंकर सूनामी आ सकता है. समुद्र की लहरें बड़े इलाके को साफ कर सकती हैं.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2019

रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन पर किसी अंदरूनी शख्स द्वारा जानलेवा हमले की भविष्यवाणी. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के गंभीर रूप से बीमार होने का भी संकेत दिया गया है. बाबा वंगा ने यूरोप में बड़े आर्थिक संकट की भी भविष्यवाणी की है.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2023

पृथ्वी की कक्षा में हल्का सा बदलाव आएगा.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2028

इंसान ऊर्जा का एक नया स्रोत खोज लेगा. खाद्यान्न की कमी खत्म हो जाएगी. बुध की तरफ एक मानव अंतरिक्ष मिशन जाएगा.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2033

पृथ्वी की बर्फ की विशाल परत गल जाएगी.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2043

इस साल यूरोप पर इस्लामी सत्ता का हमला होगा. यूरोप के ज्यादातर हिस्से खिलाफत के तहत आ जाएंगे. इसका केंद्र रोम होगा.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2046

इंसान हर अंग का निर्माण करना सीख जाएगा. अंगों को बदलना इलाज का अहम हिस्सा बन जाएगा.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2066

एक मस्जिद पर हमला होने के बाद अमेरिका अभूतपूर्व हथियार का इस्तेमाल करेगा. इससे तापमान अचानक गिर जाएगा.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2100

कृत्रिम सूरज धरती के अंधेरे हिस्सों को रोशनी देगा.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2111

इंसान और रोबोट मिल जाएंगे. उन्हें साइबोर्स कहा गया है.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2154

क्रमिक विकास के चलते जानवर आधे इंसान बन जाएंगे.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2170

पृथ्वी अभूतपूर्व सूखे का सामना करेगी.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2195

एलियंस की मदद से इंसान पानी के नीचे रिहायशी बस्ती बना लेगा. इन बस्तियों में जमीन जैसे सारे इंतजाम होंगे.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2196

एशिया और यूरोप के लोगों मिलने से इंसान की एक नई नस्ल बनेगी.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2201

सूर्य की नाभिकीय क्रियायों में बदलाव आएगा. सूर्य फीका पड़ने लगेगा और तापमान गिरने लगेगा.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2288

टाइम ट्रैवल संभव हो जाएगा. दूसरे ग्रहों से संबंध बनेंगे.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

2480

दो कृत्रिम सूर्य आपस में संघर्ष करेंगे. पृथ्वी पर अंधकार छा जाएगा.

बाबा वंगा की भविष्यवाणियां

3005

मंगल पर युद्ध होगा.

स्टेर्जियोपोलस बताते हैं कि इस वक्त जो कैवेंडिश केला उगाया जा रहा है दरअसल, वह एक ही नस्ल के अलग-अलग क्लोन हैं. इसका मतलब यह है कि एक ही बीमारी पूरी की पूरी नस्ल को खत्म कर सकती है क्योंकि उनका जीन एक ही है. वह कहते हैं, "जो बीमारी एक पौधे को खत्म कर सकती है, वह सारी पौध को खत्म करने में सक्षम है."

वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि ये बीमारियां ऐसा घातक प्रहार करती हैं कि केले का आत्मरक्षा का पूरा सिस्टम बर्बाद हो जाता है. और इनका प्रहार का तरीका ऐसा खतरनाक है कि ये बीमारियां केले के पौधे में मौजूद पोषक तत्वों को ही अपने बढ़ने का आधार बना लेती हैं. नतीजा यह होता है कि हमलावर फफूंदी ऐसे एंजाइम्स पैदा करती है जो पौधे की कोशिकाओं को तोड़ देती हैं. फिर वे इन कोशिकाओं में मौजूद शर्करा और दूसरे कार्बोहाइड्रेट्स को ही अपना भोजन बना लेती हैं. यानी केला जिस चीज को अपनी ताकत बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करता, वही चीज बीमारी की ताकत बन जाती है. इसका नतीजा यह होगा कि 5-10 साल में केले के सारे पौधों की मौत हो चुकी होगी.

देखा आपने? दूध में काला है

दूध में काला

बच्चे हों या बड़े सबको दूध के चमत्कारी गुणों के बारे में शुरू से बताया जाता है. दैनिक पोषण में दूध से मिलने वाले प्रोटीन और कैल्शियम हों या विकास के लिए बेहद जरूरी दूध के गुण, घरवाले कहते हैं कि दूध पियो. लेकिन मेडिकल साइंस को दूध के इतने सारे करामाती गुणों के साक्ष्य नहीं मिले हैं.

दूध में काला

गाय का दूध इंसान के दूध की तरह उसके अपने बच्चे के लिए निकलने वाला प्राकृतिक द्रव्य है. इसका अर्थ हुआ कि उसमें गाय के बच्चों के विकास के लिए मौजूद जरूरी तत्व इंसान के लिए पूरी तरह सही नहीं होते. जैसे कि गाय के दूध का कैल्शियम जिसे इंसान के शरीर में पचाना बहुत मुश्किल है. गाय के दूध के कई प्रोटीन भी इंसान की त्वचा में कई तरह की एलर्जी पैदा कर सकते हैं.

दूध में काला

कुछ भी हो, दूध दुनिया भर में लोकप्रिय है और उसकी मांग बनी हुई है. डेयरी उद्योग को किसी भी तरह दूध का उत्पादन बढ़ाना होता है. वर्तमान उत्पादकता को देखें तो प्रति गाय हर साल औसतन 20,000 लीटर तक दूध निकाला जा रहा है. इससे गायों की उम्र घटती है और वे औसतन 5 साल ही जीती हैं. आमतौर पर गाय 20 साल तक जी सकती हैं.

दूध में काला

इंसानों की ही तरह गायों में भी बच्चे के जन्म के बाद ही दूध पैदा होता है. दूध की सप्लाई लगातार बनी रहे इसके लिए इन गायों को पालने वाले गायों को बार बार गर्भवती करवाते हैं. जमा कर रखे वीर्य से गायों का कृत्रिम गर्भाधान किया जाता है. हर साल ऐसा कर गायों से तब तक दूध निचोड़ा जाता है जब तक वे ऐसा करने लायक नहीं रह जातीं. बंध्या होने के बाद गायों को बूचड़खानों में कटने भेज दिया जाता है.

दूध में काला

पैदा होने के पांच दिन के भीतर ही गाय के मादा बछड़ों को जबर्दस्ती उनकी मांओं से दूर कर दिया जाता है और उन्हें भी मांस और चमड़े के लिए बूचड़खाने भेज दिया जाता है. ऑस्ट्रेलिया जैसे कुछ देशों में तो यह कानूनन किया जाता है. कई देशों के डेयरी उद्योगों में प्रचलित है यह क्रूर परंपरा. लेकिन अपने बच्चों को खोने के बाद गाय भी दुख और मानसिक अवसाद से गुजरती हैं.

दूध में काला

डेयरी और पशुपालन उद्योग में मां-बच्चे जैसे किसी नैसर्गिक रिश्ते के लिए कोई जगह नहीं. ऑस्ट्रेलिया में बछड़ों को काटने का तरीका भी काफी क्रूर होता है. पांच दिन से कम के बछड़ों को एक जगह इकट्ठा किया जाता है और फिर बारी बारी से मौत के घाट उताया जाता है.

दूध में काला

इन क्रूर तरीकों के खिलाफ विरोध जताया गया तो यूरोप के पशुपालक और ब्रीडरों ने गाय के बछड़ों को कृत्रिम दूध देकर कैटल के रूप में इस्तेमाल करने का रास्ता निकाला, बच्चे फिर भी मां से तो दूर ही रहे. जब भी दूध की कीमतें गिरती हैं तो उत्पादन का खर्च बचाने के लिए किसान ज्यादा बछड़ों को मारने लगते हैं.

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